रायपुर के देवपुरी, डूंडा, बोरियाखुर्द और डूमरतराई में 14 साल के टैक्स की एकमुश्त वसूली पर विवाद, लोग बोले– सुविधाएं नहीं मिलीं।
रायपुर। राजधानी रायपुर के देवपुरी, डूंडा, बोरियाखुर्द और डूमरतराई इलाकों में एक बार फिर नगर निगम और स्थानीय निवासियों के बीच विवाद गहराता नजर आ रहा है। मामला 14 साल पुराने टैक्स की एकमुश्त वसूली का है। इन क्षेत्रों को वर्ष 2011 में रायपुर नगर निगम सीमा में शामिल किया गया था, लेकिन स्थानीय लोगों का आरोप है कि इतने वर्षों में भी उन्हें बुनियादी सुविधाएं नहीं मिल सकीं।
अब निगम द्वारा एक साथ 14 साल का संपत्ति कर वसूलने की तैयारी ने लोगों में भारी नाराजगी पैदा कर दी है।
लोगों का सवाल – जब सुविधाएं नहीं, तो टैक्स क्यों?
स्थानीय निवासियों का कहना है कि निगम में शामिल होने के बाद भी
- पक्की सड़कें नहीं बनीं
- नाली और जल निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं है
- नियमित पेयजल आपूर्ति नहीं होती
- स्ट्रीट लाइट और सफाई व्यवस्था बदहाल है
ऐसे में अब अचानक वर्षों का टैक्स थमाया जाना अन्यायपूर्ण है।
देवपुरी निवासी एक नागरिक ने कहा,
“न हम गांव में रहे, न शहर की सुविधाएं मिलीं। अब जब टैक्स लेने आए हैं, तो निगम याद आ रहा है।”
एकमुश्त टैक्स वसूली से बढ़ी परेशानी
निगम द्वारा 2011 से अब तक का टैक्स एक साथ वसूलने की तैयारी से
- मध्यम वर्ग
- मजदूर
- छोटे व्यापारी
सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं। कई परिवारों का कहना है कि इतनी बड़ी राशि एक साथ जमा करना उनके लिए संभव नहीं है।
निगम का पक्ष क्या है?
नगर निगम अधिकारियों का कहना है कि
- निगम सीमा में आने के बाद टैक्स देना अनिवार्य है
- पहले टैक्स वसूली में ढील दी गई
- अब रिकॉर्ड अपडेट कर बकाया वसूली की जा रही है
हालांकि अधिकारियों ने यह भी संकेत दिए हैं कि आपत्तियों और दावों की प्रक्रिया पर विचार किया जा सकता है।
विरोध की चेतावनी
स्थानीय नागरिक संगठनों और कॉलोनीवासियों ने चेतावनी दी है कि यदि
- टैक्स में राहत
- सुविधाओं की समयसीमा
- किश्तों में भुगतान
जैसे विकल्प नहीं दिए गए, तो वे निगम कार्यालय के सामने प्रदर्शन और आंदोलन करेंगे।
राजनीतिक रंग लेने की आशंका
इस मुद्दे को लेकर स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने भी सवाल उठाने शुरू कर दिए हैं। विपक्ष का आरोप है कि निगम केवल राजस्व वसूली पर ध्यान दे रहा है, जबकि विकास कार्यों की अनदेखी की जा रही है।
आगे क्या?
अब सबकी निगाहें इस पर टिकी हैं कि नगर निगम
- टैक्स वसूली पर नरमी दिखाता है या नहीं
- बुनियादी सुविधाओं का ठोस रोडमैप देता है या नहीं
क्योंकि बिना सुविधाओं के टैक्स वसूली ने निगम की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

