धान खरीदी लिमिट बढ़ने के बाद भी टोकन नहीं मिलने से नाराज किसानों ने राजपुर में नेशनल हाईवे जाम किया, प्रशासन के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया।
रायपुर। छत्तीसगढ़ में धान खरीदी की लिमिट बढ़ाए जाने के बाद भी किसानों को राहत नहीं मिल पा रही है। टोकन जारी नहीं होने से नाराज किसानों का गुस्सा अब सड़कों पर फूट पड़ा है। रायपुर जिले के राजपुर क्षेत्र में किसानों ने बुधवार को नेशनल हाईवे जाम कर दिया, जिससे कई घंटे तक यातायात पूरी तरह बाधित रहा। सड़क पर बैठकर किसानों ने सरकार और प्रशासन के खिलाफ जमकर प्रदर्शन किया।
धान खरीदी की सीमा बढ़ने की घोषणा के बाद किसान उम्मीद लगाए बैठे थे कि उन्हें जल्द टोकन मिलेगा और वे अपना धान बेच सकेंगे, लेकिन टोकन वितरण में देरी से किसानों की परेशानी और बढ़ गई है।
“लिमिट बढ़ी, लेकिन बेचें कैसे?” – किसानों का सवाल
प्रदर्शन कर रहे किसानों का कहना है कि सरकार ने भले ही धान खरीदी की लिमिट बढ़ा दी हो, लेकिन जब तक टोकन नहीं मिलेगा, तब तक खरीदी संभव नहीं है।
किसानों ने आरोप लगाया कि —
- कई दिनों से टोकन पोर्टल बंद है
- समिति में बार-बार चक्कर लगाने के बाद भी टोकन नहीं मिल रहा
- धान मंडियों में पड़ा है, बारिश और नमी से खराब होने का डर है
एक किसान ने कहा, “सरकार कह रही है लिमिट बढ़ गई, लेकिन टोकन नहीं मिलेगा तो हम धान बेचेंगे कैसे? हमारी मेहनत बर्बाद हो रही है।”
नेशनल हाईवे पर चक्काजाम, घंटों फंसे वाहन
सुबह से नाराज किसानों ने राजपुर के पास नेशनल हाईवे पर ट्रैक्टर-ट्रॉलियां खड़ी कर रास्ता जाम कर दिया। देखते ही देखते दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई।
- बसें, ट्रक और एंबुलेंस तक फंस गईं
- यात्रियों को भारी परेशानी झेलनी पड़ी
- पुलिस और प्रशासन को मौके पर पहुंचकर स्थिति संभालनी पड़ी
करीब दो से तीन घंटे तक हाईवे पूरी तरह जाम रहा।
किसानों की प्रमुख मांगें
प्रदर्शन कर रहे किसानों ने प्रशासन के सामने अपनी मांगें रखीं —
- तुरंत टोकन जारी किए जाएं
- खरीदी की प्रक्रिया तेज की जाए
- जिन किसानों का धान तैयार है, उनकी प्राथमिकता से खरीदी हो
- धान खराब होने की स्थिति में मुआवजा दिया जाए
किसानों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।
प्रशासन की सफाई और आश्वासन
सूचना मिलने के बाद प्रशासन और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने किसानों से बातचीत कर उन्हें समझाने की कोशिश की।
प्रशासन का कहना है कि —
- टोकन प्रणाली को अपडेट किया जा रहा है
- तकनीकी कारणों से कुछ समय की देरी हुई है
- अगले 24 से 48 घंटे में टोकन जारी कर दिए जाएंगे
अधिकारियों के आश्वासन के बाद किसानों ने धीरे-धीरे जाम हटाया और यातायात बहाल किया गया।
हर साल दोहराई जाती है वही समस्या
धान खरीदी के मौसम में टोकन और खरीदी व्यवस्था को लेकर यह कोई पहली घटना नहीं है। हर साल —
- टोकन की कमी
- सर्वर की समस्या
- समितियों में अव्यवस्था
- लंबी कतारें
जैसी परेशानियां सामने आती हैं। इससे किसानों में प्रशासन के प्रति नाराजगी बढ़ती जा रही है।
सरकार पर बढ़ा दबाव
किसानों के इस विरोध प्रदर्शन के बाद राज्य सरकार और खाद्य विभाग पर दबाव बढ़ गया है। विपक्षी दलों ने भी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा है कि “घोषणाएं तो होती हैं, लेकिन ज़मीन पर व्यवस्था फेल रहती है।”
विशेषज्ञों का कहना है कि यदि जल्द समाधान नहीं किया गया तो आने वाले दिनों में प्रदेश के अन्य हिस्सों में भी इसी तरह के आंदोलन देखने को मिल सकते हैं।
निष्कर्ष
धान खरीदी लिमिट बढ़ना किसानों के लिए राहत की खबर थी, लेकिन टोकन नहीं मिलने से यह राहत परेशानी में बदल गई है। राजपुर में हुआ हाईवे जाम इस बात का संकेत है कि यदि खरीदी व्यवस्था जल्द नहीं सुधारी गई, तो किसानों का आक्रोश और बड़ा आंदोलन बन सकता है। सरकार के लिए यह समय है कि वह तुरंत ठोस कदम उठाकर किसानों की समस्याओं का समाधान करे।

