रायपुर में क्षमता विकास पर आयोजित एक दिवसीय कार्यशाला सम्पन्न हुई, जिसमें अधिकारियों और कर्मचारियों को आधुनिक कौशल और प्रभावी कार्यप्रणाली का प्रशिक्षण दिया गया।
रायपुर। विभिन्न विभागों के अधिकारियों और कर्मचारियों की कार्यक्षमता बढ़ाने के उद्देश्य से राजधानी रायपुर में क्षमता विकास पर एक दिवसीय कार्यशाला सफलतापूर्वक सम्पन्न हुई। कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य प्रतिभागियों को आधुनिक कार्यप्रणाली, नवीन कौशल और प्रभावी प्रशासनिक दक्षताओं से अवगत कराना था।
कार्यशाला में विशेषज्ञों द्वारा क्षमता विकास के विभिन्न पहलुओं पर व्याख्यान दिए गए। इसमें नेतृत्व कौशल, समय प्रबंधन, टीम वर्क, संवाद कौशल और डिजिटल टूल्स के उपयोग जैसे विषयों पर विशेष रूप से चर्चा की गई। वक्ताओं ने कहा कि बदलते प्रशासनिक और तकनीकी परिवेश में निरंतर सीखना और स्वयं को अपडेट करना अत्यंत आवश्यक है।
कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों को व्यावहारिक उदाहरणों और समूह गतिविधियों के माध्यम से प्रशिक्षण दिया गया। इससे उन्हें अपने कार्यक्षेत्र में आने वाली चुनौतियों का समाधान खोजने में मदद मिली। कार्यशाला में सहभागियों ने सक्रिय रूप से भाग लिया और अपने अनुभव साझा किए।
आयोजकों ने बताया कि क्षमता विकास से न केवल व्यक्तिगत दक्षता बढ़ती है, बल्कि संस्थागत कार्यप्रणाली में भी सुधार आता है। ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रमों से सेवा की गुणवत्ता में वृद्धि होती है और आम नागरिकों को बेहतर सेवाएं मिलती हैं।
कार्यशाला में डिजिटल गवर्नेंस और नवाचार पर भी चर्चा हुई। विशेषज्ञों ने बताया कि तकनीक के प्रभावी उपयोग से कार्यों में पारदर्शिता और गति लाई जा सकती है। प्रतिभागियों को ई-ऑफिस, ऑनलाइन सेवाओं और डेटा प्रबंधन के बारे में भी जानकारी दी गई।
प्रतिभागियों ने कार्यशाला को उपयोगी बताते हुए कहा कि इससे उन्हें अपने दायित्वों को और अधिक प्रभावी ढंग से निभाने की प्रेरणा मिली है। उन्होंने ऐसे कार्यक्रमों को नियमित रूप से आयोजित करने की आवश्यकता भी जताई।
कार्यक्रम के समापन पर आयोजकों ने कहा कि भविष्य में भी क्षमता विकास से जुड़े प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, ताकि मानव संसाधन को और अधिक सक्षम बनाया जा सके। कार्यशाला का समापन सकारात्मक प्रतिक्रिया और सहभागियों के उत्साह के साथ हुआ।

