एनआरडीए ने 73.80 रुपये प्रति किलोमीटर दर से टेंडर जारी किया, रायपुर–नवा रायपुर के बीच 40 ई-बसें चलेंगी, लाइव मॉनिटरिंग से प्रदूषण घटेगा।
रायपुर। राजधानी रायपुर और नवा रायपुर के बीच सार्वजनिक परिवहन को आधुनिक और पर्यावरण-अनुकूल बनाने की दिशा में नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण (एनआरडीए) ने बड़ा कदम उठाया है। एनआरडीए द्वारा 73.80 रुपये प्रति किलोमीटर की दर से 40 इलेक्ट्रिक बसों के संचालन के लिए टेंडर जारी किया गया है। इस योजना के लागू होने के बाद दोनों शहरों के बीच हरित और सुगम परिवहन को बढ़ावा मिलेगा तथा वायु प्रदूषण में भी कमी आएगी।
अधिकारियों के अनुसार ई-बस सेवा शुरू होने से रोजाना हजारों यात्रियों को सुविधा मिलेगी। इसके साथ ही पूरे बस संचालन सिस्टम को लाइव मॉनिटरिंग प्लेटफॉर्म से जोड़ा जाएगा, जिससे बसों की लोकेशन, गति और समय-सारणी पर लगातार नजर रखी जा सकेगी।
40 ई-बसों से मजबूत होगी पब्लिक ट्रांसपोर्ट व्यवस्था
एनआरडीए द्वारा जारी टेंडर में रायपुर से नवा रायपुर के प्रमुख रूटों पर कुल 40 ई-बसें चलाने का प्रस्ताव है। इन बसों को चरणबद्ध तरीके से सड़क पर उतारा जाएगा। योजना के अनुसार यात्रियों को समयबद्ध, सुरक्षित और आरामदायक सफर उपलब्ध कराया जाएगा।
ई-बसों में आधुनिक सुविधाएं होंगी, जिनमें जीपीएस ट्रैकिंग, डिजिटल डिस्प्ले, ऑटोमैटिक फेयर सिस्टम और सीसीटीवी कैमरे शामिल किए जाएंगे।
73.80 रुपये प्रति किलोमीटर की दर
टेंडर शर्तों के अनुसार बस संचालन के लिए 73.80 रुपये प्रति किलोमीटर की दर तय की गई है। इसमें वाहन संचालन, ड्राइवर-कंडक्टर, रखरखाव, चार्जिंग और तकनीकी निगरानी जैसी सेवाएं शामिल रहेंगी।
एनआरडीए अधिकारियों का कहना है कि यह दर मौजूदा बाजार दरों और अन्य राज्यों की ई-बस परियोजनाओं को ध्यान में रखते हुए तय की गई है।
लाइव मॉनिटरिंग से समय और सुरक्षा पर नियंत्रण
ई-बस संचालन को पूरी तरह डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ा जाएगा। कंट्रोल रूम से हर बस की रियल-टाइम लोकेशन, रफ्तार और रूट की निगरानी की जाएगी।
इससे समयपालन में सुधार होगा और किसी भी तकनीकी खराबी या आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई की जा सकेगी। यात्रियों को भी मोबाइल एप या डिजिटल बोर्ड के माध्यम से बस की स्थिति की जानकारी मिल सकेगी।
प्रदूषण कम करने की दिशा में बड़ा कदम
ई-बसों के संचालन से डीजल बसों की तुलना में कार्बन उत्सर्जन में उल्लेखनीय कमी आएगी। इससे रायपुर-नवा रायपुर क्षेत्र में वायु गुणवत्ता में सुधार होगा।
शहरों में लगातार बढ़ते वाहनों और प्रदूषण को देखते हुए ई-बस परियोजना को पर्यावरण संरक्षण की दिशा में अहम पहल माना जा रहा है।
कर्मचारियों और स्थानीय लोगों को मिलेगा रोजगार
इस परियोजना के तहत बस चालक, तकनीकी स्टाफ, चार्जिंग स्टेशन ऑपरेटर और मेंटेनेंस कर्मियों के लिए नए रोजगार अवसर भी सृजित होंगे।
एनआरडीए का कहना है कि स्थानीय युवाओं को प्राथमिकता देते हुए प्रशिक्षण कार्यक्रम भी चलाए जाएंगे।
आने वाले समय में बढ़ सकती है बसों की संख्या
अधिकारियों के मुताबिक, यदि यह परियोजना सफल रहती है और यात्रियों की संख्या में बढ़ोतरी होती है, तो भविष्य में ई-बसों की संख्या और रूटों में विस्तार किया जाएगा। इससे रायपुर और नवा रायपुर के बीच निजी वाहनों पर निर्भरता कम होगी।

