कटनी के बाद ट्रेनों में बढ़ी वारदातों से TTE स्टाफ चिंतित, 30 दिन में एक दर्जन घटनाएं, रेलवे प्रशासन से सुरक्षा बढ़ाने की मांग
छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर से गुजरने वाली ट्रेनों में सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। कटनी के बाद के रूट को ट्रेन स्टाफ ने ‘नो सिक्योरिटी जोन’ बताया है। पिछले 30 दिनों में एक दर्जन से अधिक वारदातों के बाद भारतीय रेल के टीटीई स्टाफ ने सुरक्षा को लेकर चिंता जताते हुए वरिष्ठ अधिकारियों को पत्र लिखा है और इस रूट पर पर्याप्त सुरक्षा की मांग की है। 🚆
30 दिन में बढ़ी वारदातें
सूत्रों के अनुसार पिछले एक महीने में कटनी के बाद ट्रेन में चोरी, लूटपाट, यात्रियों से अभद्रता और संदिग्ध गतिविधियों की कई घटनाएं सामने आई हैं। इन घटनाओं ने यात्रियों के साथ-साथ ट्रेन स्टाफ की सुरक्षा को लेकर भी चिंता बढ़ा दी है।
टीटीई स्टाफ का कहना है कि रात के समय स्थिति और भी गंभीर हो जाती है। कई बार संदिग्ध लोग ट्रेन में चढ़ जाते हैं और यात्रियों से विवाद की स्थिति बन जाती है। ऐसे मामलों में पर्याप्त सुरक्षा बल उपलब्ध नहीं होने से समस्या बढ़ जाती है।
TTE स्टाफ ने लिखा पत्र
लगातार बढ़ती घटनाओं के बाद टीटीई स्टाफ ने रेलवे अधिकारियों को पत्र लिखकर सुरक्षा बढ़ाने की मांग की है। पत्र में कहा गया है कि कटनी के बाद का रूट सुरक्षा की दृष्टि से संवेदनशील बन गया है और यहां अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्था की आवश्यकता है।
पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि कई बार सुरक्षा के अभाव में टीटीई स्टाफ को जोखिम उठाकर काम करना पड़ता है। स्टाफ ने अनुरोध किया है कि पर्याप्त संख्या में आरपीएफ और जीआरपी जवानों की तैनाती की जाए।
यात्रियों में भी डर का माहौल
लगातार हो रही घटनाओं के कारण यात्रियों में भी डर का माहौल है। यात्रियों ने बताया कि रात के समय कई बार संदिग्ध लोग बिना टिकट यात्रा करते हुए दिखाई देते हैं। विरोध करने पर विवाद की स्थिति बन जाती है।
यात्रियों ने रेलवे प्रशासन से मांग की है कि सुरक्षा बढ़ाई जाए और नियमित जांच अभियान चलाया जाए।
सुरक्षा बल की कमी बनी समस्या
ट्रेन स्टाफ का कहना है कि कई ट्रेनों में पर्याप्त सुरक्षा बल नहीं होने से समस्या बढ़ रही है। लंबी दूरी की ट्रेनों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करना जरूरी है, ताकि यात्रियों और स्टाफ दोनों को सुरक्षित माहौल मिल सके।
रेलवे प्रशासन ने लिया संज्ञान
मामले को लेकर रेलवे प्रशासन ने कहा है कि शिकायत मिलने के बाद सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की जा रही है। संवेदनशील रूट पर अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात करने और निगरानी बढ़ाने पर विचार किया जा रहा है।
रेलवे अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि यात्रियों और स्टाफ की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और जल्द ही आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
जल्द समाधान की उम्मीद
टीटीई स्टाफ और यात्रियों ने उम्मीद जताई है कि रेलवे प्रशासन जल्द ही इस समस्या का समाधान करेगा। सुरक्षा व्यवस्था मजबूत होने से यात्रियों को राहत मिलेगी और ट्रेन स्टाफ भी सुरक्षित माहौल में काम कर सकेगा।
इस प्रकार, कटनी के बाद बढ़ती वारदातों ने रेलवे सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं और अब सभी की नजर प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी है।

