रायपुर। मुख्यमंत्री से पुलिस महानिदेशक ने भेंटकर कानून-व्यवस्था सुदृढ़ करने पर चर्चा की।
छत्तीसगढ़ के नवनियुक्त पुलिस महानिदेशक (DGP) अरुण देव गौतम ने मंगलवार को मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से उनके निवास कार्यालय में सौजन्य भेंट की। मुख्यमंत्री ने गौतम को नई जिम्मेदारी के लिए शुभकामनाएँ दीं और प्रदेश में कानून-व्यवस्था, अपराध नियंत्रण और नागरिक सुरक्षा को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
आधुनिक तकनीक और जनसहभागिता पर दिया जोर
इस अवसर पर मुख्यमंत्री साय ने आधुनिक तकनीकों के उपयोग, जनसहभागिता और अनुशासित पुलिसिंग के माध्यम से राज्य में कानून-व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ करने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि आधुनिक पुलिसिंग में तकनीकी नवाचारों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है और इसे अपनाकर अपराध नियंत्रण को और प्रभावी बनाया जा सकता है।
मुख्यमंत्री ने प्रदेश में पुलिस बल को और अधिक जनोन्मुखी और जवाबदेह बनाने की जरूरत पर बल देते हुए कहा कि पुलिस और जनता के बीच विश्वास बढ़ाने के लिए नियमित संवाद और प्रभावी जनसंपर्क अभियान चलाने की आवश्यकता है। उन्होंने समुदाय आधारित पुलिसिंग (Community Policing) को बढ़ावा देने और शहरों तथा ग्रामीण क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए समुचित योजनाओं को लागू करने की बात कही।
नागरिक सुरक्षा और अपराध नियंत्रण को मिलेगी प्राथमिकता
मुख्यमंत्री ने महिला एवं बाल सुरक्षा, साइबर अपराध नियंत्रण, मादक पदार्थों की तस्करी और संगठित अपराध पर प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रदेश में महिला एवं बाल सुरक्षा सुनिश्चित करना एक प्राथमिकता है और इसके लिए विशेष जागरूकता अभियान चलाने के साथ-साथ त्वरित पुलिस प्रतिक्रिया प्रणाली को और अधिक मजबूत किया जाना चाहिए।
साय ने साइबर अपराधों की बढ़ती चुनौतियों को देखते हुए साइबर पुलिसिंग को और अधिक उन्नत बनाने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने सुझाव दिया कि राज्य में साइबर पुलिसिंग इकाइयों का विस्तार किया जाए और लोगों को ऑनलाइन फ्रॉड और साइबर अपराधों से बचाने के लिए जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएं।
पुलिस प्रशासन को और अधिक अनुशासित और सशक्त बनाने पर जोर
मुख्यमंत्री ने प्रदेश में पुलिस प्रशासन को और अधिक अनुशासित और प्रभावी बनाने के निर्देश देते हुए कहा कि सभी पुलिस थानों और अधिकारियों को संवेदनशील, पारदर्शी और जवाबदेह बनना होगा। उन्होंने यह भी कहा कि पुलिस बल में नैतिकता और पेशेवर दक्षता को बढ़ाने के लिए नियमित प्रशिक्षण और पुनःशिक्षा कार्यक्रम आयोजित किए जाएं।
उन्होंने पुलिस विभाग को अपराध अनुसंधान और विवेचना की गुणवत्ता में सुधार लाने पर भी ध्यान केंद्रित करने को कहा, ताकि आपराधिक मामलों के निस्तारण में तेजी लाई जा सके और दोषियों को शीघ्र दंडित किया जा सके।
गौतम ने मुख्यमंत्री को आश्वस्त किया
इस अवसर पर नवनियुक्त पुलिस महानिदेशक अरुण देव गौतम ने मुख्यमंत्री को आश्वस्त किया कि वे प्रदेश में कानून-व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ करने के लिए हरसंभव प्रयास करेंगे। उन्होंने कहा कि प्रदेश में अपराध नियंत्रण, नागरिक सुरक्षा और पुलिस प्रशासन को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए आधुनिक रणनीतियाँ अपनाई जाएँगी और पुलिस बल को नए तकनीकी उपकरणों और प्रशिक्षण के माध्यम से सशक्त किया जाएगा।
उन्होंने यह भी कहा कि राज्य में अपराध दर को कम करने और नागरिकों को सुरक्षित माहौल देने के लिए पुलिस बल पूरी निष्ठा और प्रतिबद्धता के साथ कार्य करेगा।
निष्कर्ष
मुख्यमंत्री और पुलिस महानिदेशक के बीच हुई इस बैठक में प्रदेश में कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ करने, अपराध नियंत्रण, नागरिक सुरक्षा और पुलिस प्रशासन में सुधार लाने के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने आधुनिक तकनीकों और जनसहभागिता के माध्यम से पुलिसिंग को प्रभावी बनाने पर जोर दिया, वहीं गौतम ने प्रदेश की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का संकल्प दोहराया।
यह बैठक छत्तीसगढ़ में एक सशक्त, पारदर्शी और जनोन्मुखी पुलिस व्यवस्था की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है, जिससे प्रदेश के नागरिकों को और अधिक सुरक्षित माहौल प्रदान किया जा सकेगा।

