रायपुर में रोज 100 किलो से ज्यादा कचरा निकालने वाली कॉलोनियों को खुद करनी होगी प्रोसेसिंग, नहीं करने पर नगर निगम लगाएगा अतिरिक्त कर
रायपुर में कचरा प्रबंधन को लेकर बड़ा फैसला लिया गया है। रायपुर नगर निगम ने नया नियम लागू करने की तैयारी की है, जिसके तहत जिन कॉलोनियों से प्रतिदिन 100 किलो या उससे अधिक कचरा निकलता है, उन्हें अपने स्तर पर ही कचरे की प्रोसेसिंग करनी होगी। ऐसा नहीं करने पर कॉलोनियों पर अतिरिक्त शुल्क या कर लगाया जाएगा।
100 किलो से अधिक कचरे पर नया नियम
नगर निगम अधिकारियों के अनुसार शहर में तेजी से बढ़ते कचरे की समस्या को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है। बड़े हाउसिंग सोसायटी, अपार्टमेंट, व्यावसायिक परिसरों और संस्थानों से बड़ी मात्रा में कचरा निकलता है, जिससे नगर निगम पर दबाव बढ़ रहा है।
नए नियम के तहत प्रतिदिन 100 किलो या उससे अधिक कचरा उत्पन्न करने वाली कॉलोनियों को अपने परिसर में ही कचरे का पृथक्करण और प्रोसेसिंग करना अनिवार्य होगा। ऐसा नहीं करने पर अतिरिक्त शुल्क लगाया जाएगा।
कॉलोनियों को करनी होगी ऑन-साइट प्रोसेसिंग
नगर निगम ने स्पष्ट किया है कि कॉलोनियों को गीले और सूखे कचरे को अलग करना होगा। गीले कचरे से कम्पोस्ट बनाना और सूखे कचरे को रिसाइक्लिंग के लिए अलग करना होगा।
इसके लिए कॉलोनियों को कम्पोस्टिंग मशीन, गड्ढे या अन्य कचरा प्रबंधन उपकरण स्थापित करने होंगे। इससे नगर निगम पर कचरे के परिवहन और निस्तारण का बोझ कम होगा। ♻️
पर्यावरण संरक्षण की दिशा में कदम
नगर निगम का मानना है कि इस फैसले से शहर में कचरे की समस्या कम होगी और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा। कचरे की प्रोसेसिंग स्थानीय स्तर पर होने से लैंडफिल साइट पर दबाव भी कम होगा।
विशेषज्ञों के अनुसार कचरा प्रबंधन के इस मॉडल से शहर साफ-सुथरा रहेगा और प्रदूषण में कमी आएगी।
बड़े अपार्टमेंट और संस्थान आएंगे दायरे में
नए नियम के दायरे में बड़े अपार्टमेंट, हाउसिंग सोसायटी, होटल, अस्पताल, मॉल और शैक्षणिक संस्थान शामिल होंगे।
इन संस्थानों को कचरा प्रबंधन की व्यवस्था करना अनिवार्य होगा। इसके लिए नगर निगम द्वारा दिशा-निर्देश भी जारी किए जाएंगे।
नियम नहीं मानने पर लगेगा जुर्माना
नगर निगम ने चेतावनी दी है कि नियमों का पालन नहीं करने वाली कॉलोनियों पर जुर्माना लगाया जाएगा। इसके अलावा अतिरिक्त कचरा उठाने के लिए शुल्क भी लिया जा सकता है।
अधिकारियों का कहना है कि नियमों का उद्देश्य लोगों को जिम्मेदार बनाना है और शहर को स्वच्छ बनाना है।
नागरिकों से सहयोग की अपील
नगर निगम ने कॉलोनियों और नागरिकों से सहयोग की अपील की है। अधिकारियों का कहना है कि सभी के सहयोग से ही शहर को स्वच्छ और सुंदर बनाया जा सकता है।
नगर निगम जल्द ही इस नियम को लागू करने के लिए जागरूकता अभियान भी चलाएगा।
शहर में कचरा बढ़ने की चुनौती
रायपुर में रोजाना बड़ी मात्रा में कचरा निकलता है। शहर के विस्तार और जनसंख्या बढ़ने के कारण यह समस्या और गंभीर हो रही है।
इसलिए नगर निगम ने कचरा प्रबंधन के लिए यह नया कदम उठाया है, जिससे शहर की स्वच्छता व्यवस्था को बेहतर बनाया जा सके।
नगर निगम का यह निर्णय शहर में स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

