दंतेवाड़ा के 1.50 लाख गैस उपभोक्ताओं को ई-केवाईसी और आधार लिंक करना अनिवार्य, नहीं करने पर गैस सप्लाई और सब्सिडी रुक सकती है।
दंतेवाड़ा। एलपीजी गैस उपभोक्ताओं के लिए एक अहम सूचना सामने आई है। दंतेवाड़ा जिले में लगभग 1.50 लाख घरेलू गैस उपभोक्ताओं को अब एक नया नियम अनिवार्य रूप से पूरा करना होगा। यदि तय समय सीमा के भीतर यह प्रक्रिया पूरी नहीं की गई, तो गैस सिलेंडर की आपूर्ति अस्थायी रूप से रोकी जा सकती है।
खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग और गैस एजेंसियों द्वारा यह कदम सरकार की नई गाइडलाइन और सब्सिडी व्यवस्था को पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से उठाया गया है।
क्या है नया नियम?
नए नियम के तहत सभी गैस उपभोक्ताओं को—
- ई-केवाईसी (e-KYC) कराना अनिवार्य होगा
- आधार कार्ड को गैस कनेक्शन से लिंक कराना होगा
- मोबाइल नंबर अपडेट करना होगा
यह प्रक्रिया पूरी न करने वाले उपभोक्ताओं को गैस सब्सिडी और सिलेंडर बुकिंग में परेशानी हो सकती है।
क्यों जरूरी है ई-केवाईसी?
अधिकारियों के अनुसार—
- फर्जी और डुप्लीकेट कनेक्शन हटाने
- सब्सिडी का सही लाभ पात्र लोगों तक पहुंचाने
- गैस वितरण प्रणाली को पारदर्शी बनाने
के लिए यह कदम जरूरी किया गया है।
तय समय सीमा में नहीं किया काम तो क्या होगा?
यदि उपभोक्ता—
- ई-केवाईसी नहीं कराते
- आधार लिंक नहीं करते
- दस्तावेज अपडेट नहीं कराते
तो—
- गैस सिलेंडर की बुकिंग रोकी जा सकती है
- सब्सिडी बंद हो सकती है
- कनेक्शन अस्थायी रूप से निलंबित किया जा सकता है
कैसे कराएं ई-केवाईसी?
उपभोक्ता निम्न तरीकों से प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं—
- नजदीकी गैस एजेंसी में जाकर
- आधार कार्ड, गैस उपभोक्ता पुस्तिका और मोबाइल नंबर साथ लेकर
- कुछ एजेंसियों में बायोमेट्रिक सत्यापन की सुविधा भी उपलब्ध
ग्रामीण क्षेत्रों के लिए विशेष शिविर भी लगाए जा रहे हैं, ताकि बुजुर्ग और दूर-दराज के उपभोक्ताओं को परेशानी न हो।
जिले में कितने उपभोक्ता प्रभावित?
खाद्य विभाग के अनुसार—
- दंतेवाड़ा जिले में करीब 1.50 लाख घरेलू गैस उपभोक्ता हैं
- इनमें से बड़ी संख्या ने अभी तक ई-केवाईसी नहीं कराई है
- समय पर प्रक्रिया पूरी करने के लिए प्रचार-प्रसार तेज कर दिया गया है
अधिकारियों की अपील
खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि—
- अंतिम तारीख का इंतजार न करें
- जल्द से जल्द ई-केवाईसी प्रक्रिया पूरी करें
- किसी भी भ्रम या दलाल से बचें
सभी सेवाएं निःशुल्क हैं और इसके लिए किसी अतिरिक्त शुल्क की आवश्यकता नहीं है।
उपभोक्ताओं में बढ़ी हलचल
नए नियम की जानकारी मिलते ही—
- गैस एजेंसियों में भीड़ बढ़ गई है
- ग्रामीण इलाकों में शिविरों की मांग बढ़ी है
- कई उपभोक्ता अंतिम तिथि को लेकर जानकारी जुटा रहे हैं
प्रशासन का उद्देश्य
प्रशासन का कहना है कि यह नियम—
- उपभोक्ताओं के हित में है
- सब्सिडी व्यवस्था को मजबूत करेगा
- गैस वितरण में गड़बड़ियों पर रोक लगाएगा
समय पर प्रक्रिया पूरी करने से उपभोक्ताओं को भविष्य में किसी भी तरह की असुविधा नहीं होगी।

