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5 करोड़ की स्मार्ट वायरिंग में लापरवाही: दो साल में सड़क पर आई केबल, 40 से ज्यादा बॉक्स के ढक्कन गायब

📑 इस लेख मेंरायपुर में 5 करोड़ की स्मार्ट वायरिंग खराब, दो साल में केबल बाहर, 40 से ज्यादा बॉक्स खुले, हादसे का खतरा बढ़ा।दो साल में ही…

📅 28 March 2026, 10:54 am अपडेट: 16 May 2026
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Photo by Amit Rai on Pexels

रायपुर में 5 करोड़ की स्मार्ट वायरिंग खराब, दो साल में केबल बाहर, 40 से ज्यादा बॉक्स खुले, हादसे का खतरा बढ़ा।

रायपुर। स्मार्ट सिटी के तहत करोड़ों रुपये खर्च कर की गई स्मार्ट वायरिंग परियोजना में गंभीर लापरवाही सामने आई है। करीब 5 करोड़ रुपये की लागत से की गई अंडरग्राउंड वायरिंग व्यवस्था दो साल के भीतर ही दम तोड़ती नजर आ रही है। कई स्थानों पर केबल सड़क पर बाहर आ गई हैं, वहीं 40 से अधिक बॉक्स के ढक्कन भी गायब हो चुके हैं, जिससे हादसे का खतरा बढ़ गया है।

जानकारी के मुताबिक, स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत शहर में बिजली और अन्य केबलों को भूमिगत करने का काम किया गया था। इसका उद्देश्य शहर को व्यवस्थित बनाना और दुर्घटनाओं को रोकना था। लेकिन मेंटेनेंस की कमी और लापरवाही के कारण यह योजना अब सवालों के घेरे में आ गई है।

दो साल में ही बिगड़ी व्यवस्था

परियोजना को पूरा हुए अभी दो साल भी नहीं हुए हैं, लेकिन कई जगहों पर वायरिंग सिस्टम खराब हो चुका है। सड़क किनारे और फुटपाथ पर केबल बाहर दिखाई दे रही हैं। इससे न केवल व्यवस्था की गुणवत्ता पर सवाल उठ रहे हैं, बल्कि आम लोगों की सुरक्षा भी खतरे में पड़ गई है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं की गई। खुले बॉक्स और बाहर निकली केबल से दुर्घटना का डर बना रहता है।

40 से ज्यादा बॉक्स के ढक्कन गायब

शहर के अलग-अलग इलाकों में लगाए गए केबल बॉक्स के ढक्कन गायब हो गए हैं। इन खुले बॉक्स में बारिश का पानी भरने से केबल खराब होने का खतरा बढ़ गया है। साथ ही राहगीरों और बच्चों के गिरने की आशंका भी बनी हुई है।

विशेष रूप से व्यस्त इलाकों में खुले बॉक्स गंभीर खतरा बन गए हैं। रात के समय यह स्थिति और भी खतरनाक हो जाती है।

मेंटेनेंस की नहीं हुई व्यवस्था

परियोजना शुरू करते समय नियमित रखरखाव की बात कही गई थी, लेकिन अब तक मेंटेनेंस की कोई ठोस व्यवस्था नहीं की गई। इसके कारण धीरे-धीरे पूरी व्यवस्था खराब होती जा रही है।

विशेषज्ञों का कहना है कि भूमिगत वायरिंग में नियमित निरीक्षण जरूरी होता है। समय पर मरम्मत नहीं होने से पूरी प्रणाली प्रभावित हो जाती है।

नागरिकों में नाराजगी

स्थानीय नागरिकों ने इस मामले को लेकर नाराजगी जताई है। लोगों का कहना है कि करोड़ों रुपये खर्च करने के बाद भी व्यवस्था सही नहीं है। उन्होंने जिम्मेदार अधिकारियों से जल्द कार्रवाई की मांग की है।

हादसे का बढ़ा खतरा

खुले बॉक्स और बाहर निकली केबल के कारण हादसे की आशंका बढ़ गई है। विशेष रूप से बच्चों और बुजुर्गों के लिए यह स्थिति खतरनाक हो सकती है।

अधिकारियों ने लिया संज्ञान

सूत्रों के अनुसार, संबंधित अधिकारियों ने मामले का संज्ञान लिया है। जल्द ही खराब बॉक्स की मरम्मत और ढक्कन लगाने का काम शुरू किया जाएगा।

स्मार्ट सिटी परियोजना पर उठे सवाल

इस मामले के सामने आने के बाद स्मार्ट सिटी परियोजना की गुणवत्ता पर सवाल उठने लगे हैं। लोगों का कहना है कि यदि समय पर रखरखाव नहीं किया गया तो अन्य परियोजनाएं भी प्रभावित हो सकती हैं।

समाधान की जरूरत

विशेषज्ञों ने सुझाव दिया है कि नियमित निरीक्षण और समय पर मरम्मत की व्यवस्था की जाए। साथ ही जिम्मेदार एजेंसी पर कार्रवाई भी की जानी चाहिए।

निष्कर्ष

रायपुर में 5 करोड़ रुपये की स्मार्ट वायरिंग परियोजना में लापरवाही सामने आने के बाद नागरिकों की चिंता बढ़ गई है। खुले बॉक्स और बाहर निकली केबल से हादसे का खतरा बना हुआ है। जल्द सुधार की जरूरत है।

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स्रोत / और पढ़ें: भारत सरकार पोर्टल

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