रायपुर सहित प्रदेश में 8वीं बोर्ड परीक्षा में 10 अंकों के प्रश्न के लिए स्पेस नहीं, छात्रों और अभिभावकों ने उठाए सवाल
छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर सहित प्रदेशभर में आयोजित 8वीं बोर्ड परीक्षा के दौरान बड़ी लापरवाही सामने आई है। परीक्षा के प्रश्नपत्र में 10 अंकों के एक महत्वपूर्ण प्रश्न के लिए उत्तर लिखने का पर्याप्त स्थान ही नहीं दिया गया, जिससे विद्यार्थियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। इस घटना के बाद एक बार फिर परीक्षा प्रबंधन को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। 📚
परीक्षा में सामने आई बड़ी गड़बड़ी
जानकारी के अनुसार 8वीं बोर्ड परीक्षा में छात्रों को दिए गए प्रश्नपत्र में एक 10 अंकों के प्रश्न के लिए उत्तर लिखने हेतु पर्याप्त स्पेस उपलब्ध नहीं था। कई छात्रों ने शिकायत की कि उन्हें अतिरिक्त उत्तर लिखने के लिए जगह नहीं मिली, जिससे उनका उत्तर अधूरा रह गया।
परीक्षा केंद्रों से मिली जानकारी के मुताबिक छात्रों को अतिरिक्त पन्ने देने को लेकर भी स्पष्ट दिशा-निर्देश नहीं थे। इस कारण कई केंद्रों पर छात्रों को अलग-अलग तरीके से सुविधा दी गई, जिससे परीक्षा की पारदर्शिता पर भी सवाल उठने लगे।
पहले भी सामने आ चुकी हैं गड़बड़ियां
यह पहली बार नहीं है जब 8वीं बोर्ड परीक्षा में लापरवाही सामने आई हो। इससे पहले भी प्रश्नपत्र में त्रुटियां, गलत प्रश्न, अंकन प्रणाली में गड़बड़ी और समय प्रबंधन को लेकर शिकायतें सामने आती रही हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि बोर्ड परीक्षाओं में इस तरह की लापरवाही छात्रों के भविष्य पर असर डाल सकती है। इसलिए प्रश्नपत्र तैयार करते समय और परीक्षा संचालन के दौरान विशेष सावधानी बरतने की आवश्यकता है।
छात्रों और अभिभावकों में नाराजगी
इस घटना के बाद छात्रों और अभिभावकों में नाराजगी देखी जा रही है। अभिभावकों का कहना है कि छात्रों ने पूरे साल मेहनत की, लेकिन परीक्षा के दौरान ऐसी गड़बड़ी से उनके अंक प्रभावित हो सकते हैं।
छात्रों ने भी मांग की है कि इस मामले में बोर्ड द्वारा उचित निर्णय लिया जाए और प्रभावित छात्रों को राहत दी जाए।
शिक्षकों ने भी जताई चिंता
कई शिक्षकों ने भी इस मामले को गंभीर बताते हुए कहा कि परीक्षा की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए प्रश्नपत्र तैयार करने की प्रक्रिया को और मजबूत किया जाना चाहिए।
शिक्षकों का कहना है कि प्रश्नपत्र में स्पेस का निर्धारण भी परीक्षा की महत्वपूर्ण प्रक्रिया का हिस्सा होता है। यदि इसमें लापरवाही होती है तो छात्रों को नुकसान उठाना पड़ता है।
बोर्ड पर उठे सवाल
इस मामले के बाद छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं। अभिभावकों और शिक्षा विशेषज्ञों ने बोर्ड से मामले की जांच कर जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग की है।
बोर्ड ने मांगी रिपोर्ट
सूत्रों के अनुसार मामले की जानकारी मिलने के बाद बोर्ड ने संबंधित अधिकारियों से रिपोर्ट मांगी है। साथ ही परीक्षा केंद्रों से भी जानकारी जुटाई जा रही है कि कितने छात्रों को इस समस्या का सामना करना पड़ा।
बोर्ड अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि छात्रों के हितों को ध्यान में रखते हुए उचित निर्णय लिया जाएगा।
छात्रों को मिल सकती है राहत
शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि बोर्ड इस मामले में छात्रों को अतिरिक्त अंक देने या वैकल्पिक मूल्यांकन की व्यवस्था कर सकता है। हालांकि, इस संबंध में अंतिम निर्णय बोर्ड द्वारा जांच के बाद ही लिया जाएगा।
परीक्षा व्यवस्था सुधारने की मांग
इस घटना के बाद शिक्षा जगत से जुड़े लोगों ने परीक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग की है। उनका कहना है कि भविष्य में ऐसी त्रुटियों से बचने के लिए प्रश्नपत्रों की दोबारा जांच की व्यवस्था लागू की जानी चाहिए।
छात्रों और अभिभावकों को उम्मीद है कि बोर्ड जल्द ही इस मामले में स्पष्ट निर्णय लेकर उन्हें राहत देगा।
इस प्रकार 8वीं बोर्ड परीक्षा में हुई इस लापरवाही ने एक बार फिर परीक्षा प्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं और अब सभी की नजर बोर्ड के फैसले पर टिकी है।

