रायपुर। बसंत पंचमी पर मुख्यमंत्री ने मां शारदा धाम में पूजा की
बसंत पंचमी के पावन अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज जशपुर जिले के दुलदुला तहसील स्थित ग्राम पंचायत जामटोली के ग्राम डेवाडेलंगी पहुंचे। उन्होंने यहां स्थित मां शारदा धाम में पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की।
मुख्यमंत्री ने मां सरस्वती मंदिर में विधिवत पूजन कर प्रदेश के समस्त नागरिकों को बसंत पंचमी की शुभकामनाएं दीं। इस दौरान उन्होंने कहा, “मां सरस्वती की कृपा से ज्ञान, बुद्धि और विद्या का प्रकाश सबके जीवन में बना रहे।” उन्होंने यह भी कहा कि वेदों में मानव योनि को सबसे सौभाग्यशाली बताया गया है। 84 लाख योनियों के बाद यह जीवन मिलता है, इसलिए हमें ऐसे कर्म करने चाहिए कि जब हम इस दुनिया से जाएं तो लोग हमें सदैव याद रखें।
धार्मिक और सांस्कृतिक धरोहर का केंद्र बना शारदा धाम
मां शारदा धाम न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र है, बल्कि शिक्षा और खेल को बढ़ावा देने के लिए भी समर्पित है। मुख्यमंत्री साय ने इस बात पर प्रसन्नता व्यक्त की कि इस धाम में आध्यात्मिक वातावरण के साथ-साथ शिक्षा और खेलों को भी प्राथमिकता दी जा रही है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने इस दौरान अखण्ड श्रीहरि कीर्तन और राम नाम जाप में भी भाग लिया। इस धार्मिक आयोजन में आसपास के 48 गांवों से श्रद्धालु पहुंचे, साथ ही 12 कीर्तन मंडलियों ने अपनी प्रस्तुतियां दीं। इस आयोजन से क्षेत्र में आध्यात्मिक ऊर्जा और सामूहिक भक्ति भावना का संचार हुआ।

छत्तीसगढ़ और झारखंड को जोड़ती गिरमा नदी
मां शारदा धाम के समीप बहने वाली गिरमा नदी का विशेष महत्व है। यह नदी एक ओर छत्तीसगढ़ और दूसरी ओर झारखंड को जोड़ती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि गिरमा नदी दो प्रदेशों की संस्कृति को समाहित कर अपने प्रवाह के साथ आगे बढ़ रही है। यह नदी केवल जलधारा नहीं, बल्कि दोनों राज्यों की आस्थाओं और परंपराओं का संगम भी है।
श्रद्धालुओं में उत्साह, मुख्यमंत्री का स्वागत
मुख्यमंत्री के आगमन पर शारदा धाम परिसर में श्रद्धालुओं ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। धार्मिक अनुष्ठानों में बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे और उन्होंने मां सरस्वती की आराधना की। मुख्यमंत्री ने इस मौके पर श्रद्धालुओं से संवाद किया और क्षेत्र के विकास को लेकर सुझाव भी लिए।
बसंत पंचमी के इस शुभ अवसर पर मुख्यमंत्री साय ने प्रदेशवासियों के सुख, समृद्धि और ज्ञान वृद्धि की कामना की और मां सरस्वती से सभी के जीवन में नई ऊर्जा और उत्साह भरने की प्रार्थना की।

