प्रधानमंत्री आवास योजना में बड़ा बदलाव, अगस्त 2024 से पहले खरीदी गई जमीन पर ही मिलेगा आवास का पैसा, नए खरीदार होंगे अपात्र।
रायपुर। प्रधानमंत्री आवास योजना (पीएम आवास) को लेकर केंद्र और राज्य सरकार ने लाभार्थियों के लिए एक बड़ा और अहम बदलाव कर दिया है। अब योजना का लाभ केवल उन्हीं हितग्राहियों को मिलेगा, जिन्होंने अगस्त 2024 से पहले जमीन खरीदी है। इसके बाद खरीदी गई जमीन पर मकान निर्माण के लिए पीएम आवास की राशि स्वीकृत नहीं की जाएगी।
इस फैसले से प्रदेश के हजारों संभावित आवेदकों पर असर पड़ सकता है, वहीं सरकार का कहना है कि इससे फर्जीवाड़े और दलालों की भूमिका पर रोक लगेगी।
क्यों किया गया नियमों में बदलाव?
आवास योजना में लगातार यह शिकायतें सामने आ रही थीं कि—
- कई लोग योजना का लाभ लेने के लिए जल्दी-जल्दी जमीन खरीद रहे थे
- कुछ मामलों में फर्जी रजिस्ट्री और नामांतरण किए जा रहे थे
- गरीबों के नाम पर योजना का गलत इस्तेमाल हो रहा था
इन्हीं गड़बड़ियों को रोकने के लिए सरकार ने कट-ऑफ डेट तय करते हुए अगस्त 2024 से पहले की जमीन को ही मान्य करने का निर्णय लिया है।
अब क्या होगी पात्रता की नई शर्त?
नए नियमों के अनुसार—
- लाभार्थी के नाम जमीन अगस्त 2024 से पहले खरीदी गई हो
- जमीन की रजिस्ट्री, नामांतरण और खसरा रिकॉर्ड अपडेट होना अनिवार्य
- इसके बाद खरीदी गई जमीन पर पीएम आवास की राशि नहीं मिलेगी
- केवल वास्तविक भूमिहीन और गरीब परिवारों को प्राथमिकता
राज्य ग्रामीण विकास विभाग ने इस संबंध में सभी जिलों को दिशा-निर्देश भेज दिए हैं।
पुराने आवेदकों को राहत, नए खरीदारों को झटका
इस बदलाव से—
- पहले से जमीन रखने वाले गरीब परिवारों को राहत
- अगस्त 2024 के बाद जमीन खरीदने वालों को पीएम आवास से वंचित होना पड़ेगा
- कई जिलों में पहले से जमा आवेदनों की फिर से जांच की जाएगी
अधिकारियों का कहना है कि यह कदम योजना को पारदर्शी और सही लाभार्थियों तक पहुंचाने के लिए जरूरी था।
दलालों और बिचौलियों पर लगेगी लगाम
सरकार का मानना है कि—
- जमीन खरीदकर आवास का पैसा लेने की प्रवृत्ति पर रोक लगेगी
- बिचौलियों द्वारा गरीबों को बहला-फुसलाकर रजिस्ट्री कराने का खेल बंद होगा
- योजना की राशि केवल वास्तविक जरूरतमंदों को मिलेगी
इसके साथ ही भू-अभिलेख और आवास पोर्टल को आपस में लिंक कर डिजिटल सत्यापन भी शुरू किया जा रहा है।
पहले से स्वीकृत मामलों पर क्या असर?
अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि—
- जिनका मकान पहले ही स्वीकृत हो चुका है, उन पर यह नियम लागू नहीं होगा
- जिनके आवेदन लंबित हैं, उनकी जमीन की खरीद तारीख की दोबारा जांच होगी
- अपात्र पाए जाने पर आवेदन निरस्त किया जा सकता है
इससे कई जिलों में हजारों फाइलों की स्क्रूटनी शुरू कर दी गई है।
ग्रामीण इलाकों में ज्यादा असर
विशेषज्ञों के अनुसार—
- ग्रामीण क्षेत्रों में हाल के महीनों में बड़ी संख्या में जमीन खरीदी गई थी
- कई लोगों ने केवल आवास योजना के लिए रजिस्ट्री कराई थी
- अब ऐसे परिवार योजना से बाहर हो सकते हैं
इससे पंचायत स्तर पर असंतोष भी देखने को मिल सकता है।
प्रशासन ने दी सलाह
प्रशासन ने नागरिकों से कहा है कि—
- आवेदन करने से पहले अपनी जमीन के दस्तावेज जांच लें
- रजिस्ट्री की तारीख स्पष्ट रूप से दर्ज हो
- किसी भी अफवाह या दलाल के बहकावे में न आएं
जल्द ही जिलेवार समीक्षा बैठकें भी आयोजित की जाएंगी।

