छत्तीसगढ़ सरकार ने मार्च 2029 तक बाल विवाह मुक्त प्रदेश का लक्ष्य तय किया, दो वर्षों में महिलाओं को 14,307 करोड़ रुपये की सहायता दी गई।
रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने महिलाओं और बालिकाओं के सशक्तिकरण की दिशा में बड़े लक्ष्य तय किए हैं। महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने विभाग के कार्यों और उपलब्धियों का विस्तृत लेखा-जोखा प्रस्तुत करते हुए घोषणा की कि प्रदेश को मार्च 2029 तक बाल विवाह मुक्त बनाने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए प्रशासनिक, सामाजिक और कानूनी स्तर पर एकसाथ कार्य किया जा रहा है।
मंत्री राजवाड़े ने बताया कि बीते दो वर्षों में महिलाओं को विभिन्न सरकारी योजनाओं के माध्यम से कुल 14,307 करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की गई है। यह राशि महिला स्वावलंबन, पोषण, स्वास्थ्य, सुरक्षा और सामाजिक सशक्तिकरण से जुड़ी योजनाओं के तहत दी गई है।
🚫 बाल विवाह पर सख्ती, 2029 तक पूर्ण उन्मूलन का लक्ष्य
मंत्री ने कहा कि बाल विवाह सामाजिक बुराई है, जिसे जड़ से खत्म करने के लिए सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
- हर जिले में बाल विवाह रोकथाम समितियां सक्रिय की गई हैं
- आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, महिला समूहों और पंचायतों को जागरूक किया जा रहा है
- संदिग्ध मामलों पर त्वरित कार्रवाई और कानूनी प्रावधानों का सख्ती से पालन हो रहा है
उन्होंने स्पष्ट किया कि केवल कानून नहीं, बल्कि समाज की भागीदारी से ही यह लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।
👩👧👦 महिलाओं के लिए 14,307 करोड़ की सहायता
मंत्री राजवाड़े के अनुसार, पिछले दो वर्षों में
- महतारी वंदन योजना
- पोषण सहायता कार्यक्रम
- स्व-सहायता समूहों को आर्थिक सहयोग
- बालिकाओं की शिक्षा और स्वास्थ्य योजनाएं
जैसी योजनाओं के जरिए महिलाओं को 14,307 करोड़ रुपये का प्रत्यक्ष लाभ दिया गया। इससे ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में महिलाओं की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है।
🏥 पोषण और स्वास्थ्य पर विशेष फोकस
राज्य सरकार ने गर्भवती महिलाओं, धात्री माताओं और बच्चों के पोषण पर विशेष ध्यान दिया है। आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से
- पौष्टिक आहार
- स्वास्थ्य जांच
- टीकाकरण और परामर्श सेवाएं
को और प्रभावी बनाया गया है, जिससे कुपोषण की समस्या पर नियंत्रण पाया जा सके।
⚖️ महिला सुरक्षा और अधिकारों को प्राथमिकता
मंत्री ने बताया कि महिला सुरक्षा से जुड़े मामलों में त्वरित कार्रवाई के लिए
- हेल्पलाइन सेवाएं
- वन स्टॉप सेंटर
- काउंसलिंग और कानूनी सहायता
को मजबूत किया गया है। इससे पीड़ित महिलाओं को समय पर सहायता मिल रही है।
🗣️ मंत्री राजवाड़े का बयान
मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा—
“महिलाओं और बालिकाओं का सशक्तिकरण हमारी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। बाल विवाह मुक्त छत्तीसगढ़ का सपना सिर्फ सरकार का नहीं, बल्कि पूरे समाज का होना चाहिए। बीते दो वर्षों में किए गए कार्यों से यह स्पष्ट है कि हम सही दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।”
🌟 समाज पर पड़ेगा सकारात्मक प्रभाव
इस नीति और योजनाओं के प्रभाव से
- बालिकाओं की शिक्षा बढ़ेगी
- महिलाओं की आर्थिक आत्मनिर्भरता मजबूत होगी
- सामाजिक कुरीतियों में कमी आएगी
- प्रदेश का समग्र मानव विकास सूचकांक बेहतर होगा

