सिलीगुड़ी में ऑल इंडिया पुलिस हैंडबॉल क्लस्टर में गरियाबंद के मनीष चंद्राकर और दर्शना यादव का चयन, छत्तीसगढ़ टीम राष्ट्रीय मंच पर उतरेगी।
गरियाबंद / सिलीगुड़ी। छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले के लिए गर्व का क्षण है। पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी में आयोजित होने वाले “द्वितीय ऑल इंडिया पुलिस हैंडबॉल क्लस्टर 2025-26” में गरियाबंद के दो पुलिस जवानों का चयन छत्तीसगढ़ पुलिस हैंडबॉल टीम में हुआ है। यह प्रतिष्ठित राष्ट्रीय प्रतियोगिता 19 से 23 फरवरी 2026 तक सशस्त्र सीमा बल (SSB) के तत्वावधान में आयोजित की जा रही है।
इस प्रतियोगिता में देशभर की पुलिस टीमों के बीच रोमांचक मुकाबले होंगे, जिसमें पुरुष वर्ग की 28 टीमें और महिला वर्ग की 14 टीमें हिस्सा ले रही हैं। छत्तीसगढ़ पुलिस टीम की ओर से गरियाबंद जिले के आरक्षक मनीष चंद्राकर (थाना फिंगेश्वर) और आरक्षक दर्शना यादव (थाना अजाक) का चयन जिले के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि माना जा रहा है।
जिले में खुशी और गर्व का माहौल
जैसे ही दोनों खिलाड़ियों के चयन की खबर सामने आई, गरियाबंद पुलिस विभाग और खेल जगत में खुशी की लहर दौड़ गई। यह पहला अवसर है जब जिले के दो पुलिस जवान एक साथ इतने बड़े राष्ट्रीय मंच पर छत्तीसगढ़ का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। इससे जिले के युवाओं और खिलाड़ियों को नई प्रेरणा मिलने की उम्मीद है।
छत्तीसगढ़ टीम पूरी तैयारी के साथ मैदान में
छत्तीसगढ़ पुरुष हैंडबॉल टीम का नेतृत्व अनुभवी कोच जगमईया राव, प्रमोद रावत और सूरज बहादुर के मार्गदर्शन में किया जा रहा है। टीम सिलीगुड़ी पहुंच चुकी है और प्रतियोगिता के लिए गहन अभ्यास में जुटी हुई है।
टीम के अधिकारी बताते हैं कि इस बार छत्तीसगढ़ टीम मजबूत रणनीति और अनुशासन के साथ मैदान में उतरने वाली है, जिससे पदक जीतने की पूरी संभावना जताई जा रही है।
मनीष चंद्राकर – अनुभव के साथ कप्तानी की जिम्मेदारी
गरियाबंद के आरक्षक मनीष चंद्राकर हैंडबॉल जगत में एक जाना-पहचाना नाम हैं। वे —
- लगातार 4 बार पुलिस खेलों में भाग ले चुके हैं
- लगभग 30 बार राष्ट्रीय हैंडबॉल प्रतियोगिताओं में छत्तीसगढ़ का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं
उनके लंबे अनुभव, खेल कौशल और नेतृत्व क्षमता को देखते हुए उन्हें छत्तीसगढ़ पुलिस टीम का कप्तान नियुक्त किया गया है। मनीष वर्तमान में भिलाई स्थित प्रशिक्षण शिविर में नियमित अभ्यास कर रहे हैं और टीम का मनोबल बढ़ाने में अहम भूमिका निभा रहे हैं।
दर्शना यादव – तीसरी बार पुलिस खेलों में दमखम दिखाने को तैयार
वहीं आरक्षक दर्शना यादव महिला वर्ग में छत्तीसगढ़ की मजबूत खिलाड़ी मानी जाती हैं। यह उनका तीसरा पुलिस खेल है। वे इससे पहले भी कई राष्ट्रीय हैंडबॉल प्रतियोगिताओं में शानदार प्रदर्शन कर चुकी हैं।
दर्शना की तेज़ गति, सटीक पासिंग और मजबूत डिफेंस टीम की बड़ी ताकत मानी जा रही है। वे भी भिलाई के प्रशिक्षण शिविर में कड़ी मेहनत कर रही हैं और बेहतर प्रदर्शन के लिए पूरी तरह तैयार हैं।
एसपी वेदव्रत सिरमौर ने दी शुभकामनाएं
गरियाबंद पुलिस अधीक्षक वेदव्रत सिरमौर ने दोनों खिलाड़ियों को बधाई देते हुए कहा —
“यह गरियाबंद जिले के लिए अत्यंत गर्व का क्षण है। मनीष चंद्राकर और दर्शना यादव ने अपनी मेहनत, अनुशासन और लगन से यह उपलब्धि हासिल की है। मुझे पूरा विश्वास है कि वे राष्ट्रीय स्तर पर शानदार प्रदर्शन कर जिले और प्रदेश का नाम रोशन करेंगे।”
उन्होंने यह भी कहा कि गरियाबंद पुलिस बल कानून-व्यवस्था के साथ-साथ खेलों के क्षेत्र में भी लगातार नई पहचान बना रहा है।
अधिकारियों और खेलप्रेमियों ने जताई खुशी
खिलाड़ियों के चयन पर कई वरिष्ठ अधिकारियों और खेलप्रेमियों ने शुभकामनाएं दीं। प्रमुख रूप से —
- अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक धीरेन्द्र पटेल
- एसडीओपी निशा सिन्हा
- डीएसपी गरिमा दादर
- आरआई सनथ दिवान
- थाना प्रभारी फिंगेश्वर गौतम गावड़े
- थाना प्रभारी अजाक रामू गुर्दे
- हैंडबॉल कोच महासमुंद सैयद इमरान अली
साथ ही जिले के अनेक खिलाड़ी, कोच और खेलप्रेमियों ने दोनों को उज्ज्वल भविष्य और शानदार प्रदर्शन की शुभकामनाएं दीं।
गरियाबंद बना खेल प्रतिभाओं का नया केंद्र
यह चयन इस बात का संकेत है कि गरियाबंद जिला अब खेल प्रतिभाओं का नया केंद्र बनता जा रहा है। पुलिस विभाग द्वारा खिलाड़ियों को मिलने वाला सहयोग, प्रशिक्षण शिविर और खेल संस्कृति जिले के युवाओं के लिए नई राह खोल रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे चयन से न केवल जिले का नाम रोशन होता है, बल्कि आने वाली पीढ़ी को भी खेलों की ओर प्रेरणा मिलती है।
राष्ट्रीय मंच पर छत्तीसगढ़ की मजबूत दावेदारी
ऑल इंडिया पुलिस हैंडबॉल क्लस्टर देश की सबसे प्रतिष्ठित पुलिस खेल प्रतियोगिताओं में से एक है। यहां उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को भविष्य में अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचने के अवसर भी मिलते हैं।
छत्तीसगढ़ टीम से उम्मीद की जा रही है कि इस बार टीम बेहतर प्रदर्शन कर पदक तालिका में शीर्ष स्थान हासिल करेगी।
निष्कर्ष
गरियाबंद के मनीष चंद्राकर और दर्शना यादव का चयन न केवल व्यक्तिगत उपलब्धि है, बल्कि पूरे जिले और प्रदेश के लिए गर्व की बात है। यह साबित करता है कि मेहनत, अनुशासन और समर्पण से किसी भी मंच तक पहुंचा जा सकता है।
अब पूरे जिले की निगाहें सिलीगुड़ी में होने वाले मुकाबलों पर टिकी हैं, जहां दोनों खिलाड़ी छत्तीसगढ़ का परचम लहराने उतरेंगे।

