रायपुर। गणतंत्र दिवस
राजनांदगांव जिले के ग्राम कुसमी की लखपति दीदी श्रीमती दिव्या निषाद को इस गणतंत्र दिवस पर राष्ट्रपति भवन में आयोजित एट होम रिसेप्शन में शामिल होने का गौरव प्राप्त होगा। 26 जनवरी 2025 को आयोजित इस विशेष कार्यक्रम में राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु द्वारा उन्हें सम्मानित किया जाएगा। यह अवसर उनके संघर्ष और मेहनत की सराहना का प्रतीक है, जिसने उन्हें आत्मनिर्भरता की नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया।
संघर्ष से सफलता तक का सफर
दिव्या निषाद का जीवन संघर्ष और दृढ़ता का उदाहरण है। कोविड-19 महामारी के दौरान 2021 में उनके पति की आकस्मिक मृत्यु हो गई, जिससे उनका परिवार आर्थिक और भावनात्मक संकट में घिर गया। अत्यंत गरीबी के इस कठिन दौर में, उन्होंने हार न मानते हुए राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) से जुड़ने का फैसला किया। इस निर्णय ने उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव लाए।
दिव्या निषाद ने कहा, “बिहान से जुड़ने के बाद मेरे जीवन में बड़ा परिवर्तन आया। मैंने आत्मनिर्भरता और आत्मविश्वास को अपने जीवन का हिस्सा बनाया। आज मेरा घर फल-फूल रहा है, और मैं अपनी मेहनत से अपने बच्चों के लिए बेहतर भविष्य बना रही हूं।”
बिहान से मिली नई दिशा
राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) से जुड़ने के बाद, दिव्या ने बैंक सखी, बैंक मित्र, पुस्तक लेखन और स्वसहायता समूह के नेतृत्व से जुड़े कार्यों में अनुभव प्राप्त किया। जय मां अम्बे स्वसहायता समूह से जुड़कर उन्होंने छोटे व्यापारों की शुरुआत की।
उन्होंने समूह के माध्यम से ऋण लिया और साड़ी एवं बच्चों के रेडीमेड कपड़ों की दुकान शुरू की। साथ ही अपने घर में किराने की दुकान भी खोली। इन कार्यों के साथ-साथ, उन्होंने सिलाई और अन्य आय आधारित गतिविधियों में भी हिस्सा लिया। आज उनकी सालाना आय 4 लाख रुपये से अधिक है, और वह प्रतिमाह लगभग 33,000 रुपये कमा रही हैं।
सशक्तिकरण का प्रतीक: लखपति दीदी योजना
श्रीमती दिव्या निषाद का चयन देश भर से चुनी गई 10 लखपति दीदियों में हुआ है। केंद्र सरकार की लखपति दीदी योजना महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की एक महत्वपूर्ण पहल है। इस योजना के तहत, महिलाओं को 5 लाख रुपये तक का बिना ब्याज ऋण प्रदान किया जाता है, जिससे वे अपना व्यवसाय शुरू कर सकें और आत्मनिर्भर बन सकें।
श्रीमती दिव्या निषाद ने बताया कि बिहान से जुड़कर उनके जीवन में बड़े बदलाव आए। उन्होंने अपने आत्मविश्वास को बढ़ाया और अपने व्यवसाय का सफल संचालन शुरू किया। अब उनके पास अपना पक्का मकान है और उनकी मेहनत से उनका परिवार समृद्धि की ओर बढ़ रहा है।
सम्मान के लिए परिवार और समाज में खुशी
श्रीमती दिव्या निषाद ने राष्ट्रपति भवन में जाने और सम्मानित होने के इस अवसर पर खुशी जाहिर की। उन्होंने कहा, “यह मेरे लिए गर्व और खुशी का अवसर है। मेरे परिवार और पूरे गांव में उत्साह का माहौल है।”
गणतंत्र दिवस पर होगा सम्मान
26 जनवरी 2025 को गणतंत्र दिवस के अवसर पर राष्ट्रपति भवन में आयोजित एट होम रिसेप्शन में देश के विभिन्न हिस्सों से चुनी गई 10 लखपति दीदियों को सम्मानित किया जाएगा। यह कार्यक्रम महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में किए गए प्रयासों को मान्यता देने का एक मंच है।
नारी सशक्तिकरण की मिसाल
श्रीमती दिव्या निषाद जैसे व्यक्तित्व समाज में नारी सशक्तिकरण की प्रेरणा हैं। विपरीत परिस्थितियों में भी उन्होंने आत्मनिर्भर बनने का संकल्प लिया और अपनी मेहनत से न केवल अपने परिवार को सहारा दिया, बल्कि समाज के लिए भी प्रेरणा बन गईं।
निष्कर्ष
लखपति दीदी श्रीमती दिव्या निषाद की यह उपलब्धि छत्तीसगढ़ में महिलाओं के सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता की कहानी को उजागर करती है। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) के माध्यम से उनका यह सफर इस बात का प्रमाण है कि सरकार की योजनाएं और व्यक्तिगत दृढ़ता मिलकर बड़े बदलाव ला सकती हैं। गणतंत्र दिवस के इस सम्मान के साथ, श्रीमती दिव्या निषाद न केवल अपने परिवार और गांव, बल्कि पूरे प्रदेश का गौरव बढ़ा रही हैं।

