रायपुर में 313 करोड़ के एक्सप्रेस-वे निर्माण में गंभीर लापरवाही सामने आई। बिना सरिया डाले कंक्रीट स्लैब बनाया गया, जिसका बड़ा हिस्सा टूटकर गिर गया।
एक्सप्रेस-वे निर्माण में सामने आई बड़ी लापरवाही
राजधानी रायपुर में बन रहे 313 करोड़ रुपये की लागत वाले एक्सप्रेस-वे निर्माण कार्य में बड़ी गड़बड़ी सामने आई है। निर्माण स्थल पर बिना सरिया (लोहे की रॉड) डाले कंक्रीट का स्लैब ढालने का मामला सामने आया है।
इस लापरवाही के कारण स्लैब का एक बड़ा हिस्सा टूटकर गिर गया, जिससे निर्माण कार्य की गुणवत्ता और सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर उठे सवाल
जानकारी के अनुसार एक्सप्रेस-वे के एक हिस्से में निर्माण के दौरान मानकों की अनदेखी की गई। कंक्रीट स्लैब को मजबूत बनाने के लिए उसमें सरिया का उपयोग जरूरी होता है, लेकिन जांच में पाया गया कि कई जगहों पर बिना सरिया के ही कंक्रीट डाल दिया गया।
इस कारण स्लैब कमजोर हो गया और कुछ ही समय में उसका बड़ा हिस्सा टूटकर नीचे गिर गया।
हादसे से टली बड़ी दुर्घटना
सौभाग्य से जिस समय स्लैब का हिस्सा गिरा, उस समय वहां मजदूर या आम लोग मौजूद नहीं थे। यदि उस समय निर्माण स्थल पर लोग मौजूद होते तो बड़ा हादसा हो सकता था।
घटना के बाद निर्माण कार्य में लगी एजेंसी और अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं।
जांच के आदेश
मामले की जानकारी मिलते ही संबंधित विभाग के अधिकारियों ने जांच के आदेश दिए हैं। तकनीकी टीम को निर्माण स्थल का निरीक्षण करने और पूरे प्रोजेक्ट की गुणवत्ता की जांच करने के लिए भेजा गया है।
जांच में यह पता लगाया जाएगा कि निर्माण कार्य में किन-किन स्तरों पर लापरवाही हुई और इसके लिए कौन जिम्मेदार है।
जिम्मेदारों पर हो सकती है कार्रवाई
अधिकारियों का कहना है कि यदि जांच में निर्माण एजेंसी या अधिकारियों की लापरवाही साबित होती है तो उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
सरकारी परियोजनाओं में गुणवत्ता और सुरक्षा से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जा सकता।
करोड़ों की परियोजना पर सवाल
313 करोड़ रुपये की लागत से बन रहे इस एक्सप्रेस-वे को शहर की यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के उद्देश्य से तैयार किया जा रहा है।
लेकिन निर्माण कार्य में सामने आई गड़बड़ियों ने पूरे प्रोजेक्ट की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
गुणवत्ता सुनिश्चित करने की मांग
स्थानीय नागरिकों और जनप्रतिनिधियों ने मांग की है कि निर्माण कार्य की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।
साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाए कि भविष्य में ऐसी लापरवाही दोबारा न हो और परियोजना को तय मानकों के अनुसार पूरा किया जाए।

