गरियाबंद पुलिस ने सड़क सुरक्षा सप्ताह के तहत चालान की जगह गुलाब देकर लोगों को हेलमेट पहनने की समझाइश दी, जिससे पुलिस की संवेदनशील छवि सामने आई।
गरियाबंद। राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा सप्ताह के तहत गरियाबंद पुलिस ने जागरूकता का ऐसा अनोखा अभियान चलाया, जिसने लोगों के दिलों को छू लिया। जहां आमतौर पर ट्रैफिक पुलिस का नाम आते ही चालान और कार्रवाई की छवि सामने आती है, वहीं यहां पुलिस ने सख्ती नहीं, बल्कि संवेदनशीलता और संवाद का रास्ता चुना। शहर के प्रमुख चौक-चौराहों पर दोपहिया वाहन चालकों को रोककर चालान काटने के बजाय उन्हें गुलाब का फूल दिया गया और हेलमेट पहनने की अपील की गई।
अभियान के दौरान पुलिस अधिकारियों ने मुस्कुराते हुए कहा—
“हेलमेट पुलिस के डर से नहीं, अपनी जान और अपने परिवार की खुशियों के लिए पहनें।”
इस सहज और भावनात्मक अपील ने लोगों के चेहरे पर मुस्कान ला दी। सड़क सुरक्षा का यह संदेश लोगों के दिलों तक सीधे पहुंचा और माहौल विश्वास, अपनत्व और सकारात्मकता से भर उठा।
जागरूकता के साथ जिम्मेदारी का संदेश
पुलिस ने बताया कि इस पहल का उद्देश्य चालान बढ़ाना नहीं, बल्कि दुर्घटनाओं में होने वाली अनमोल जानों की रक्षा करना है। हेलमेट को एक सुरक्षा कवच बताते हुए लोगों से अपील की गई कि वे इसे आदत बनाएं और अपने साथ बैठने वाले लोगों की भी सुरक्षा का ध्यान रखें।
सड़क सुरक्षा सप्ताह के इस विशेष अभियान ने यह साबित कर दिया कि जब कानून के साथ मानवीय संवेदना जुड़ती है, तो उसका असर कहीं अधिक गहरा होता है।
गरियाबंद पुलिस द्वारा चलाया गया यह अभियान शहर के लिए प्रेरणा बन गया है और लोगों के मन में पुलिस के प्रति विश्वास और सम्मान भी बढ़ा है।

