मेकाहारा रायपुर में बिना चीर-फाड़ जटिल हार्ट ऑपरेशन के दौरान स्टेंट से चिमनी तकनीक अपनाकर डॉक्टरों ने मरीज की जान बचाई।
रायपुर। राजधानी रायपुर स्थित डॉ. भीमराव अंबेडकर स्मृति अस्पताल (मेकाहारा) के डॉक्टरों ने एक बार फिर चिकित्सा क्षेत्र में मिसाल कायम की है। अस्पताल में बिना चीर-फाड़ (मिनिमली इनवेसिव तकनीक) के जटिल हृदय ऑपरेशन को सफलतापूर्वक अंजाम देते हुए मरीज की जान बचाई गई। ऑपरेशन के दौरान हार्ट वाल्व प्रत्यारोपण करते समय हृदय की प्रमुख नसें बंद हो गई थीं, लेकिन डॉक्टरों ने समय रहते स्टेंट से ‘चिमनी तकनीक’ अपनाकर नसों को दोबारा चालू कर दिया।
❤️ वाल्व प्रत्यारोपण के दौरान आई गंभीर चुनौती
जानकारी के अनुसार, मरीज को दिल के वाल्व में गंभीर समस्या थी, जिसके चलते टीएवीआर (TAVR) तकनीक से वाल्व प्रत्यारोपण किया जा रहा था। प्रक्रिया के दौरान अचानक—
- हृदय की महत्वपूर्ण नसें बंद हो गईं
- मरीज की स्थिति बेहद नाजुक हो गई
- तुरंत निर्णय लेने की आवश्यकता पड़ी
ऐसे में डॉक्टरों की टीम ने बिना देरी किए चिमनी स्टेंट तकनीक अपनाई।
🩺 क्या है ‘चिमनी स्टेंट तकनीक’
चिमनी तकनीक एक अत्याधुनिक इंटरवेंशनल कार्डियोलॉजी प्रक्रिया है, जिसमें—
- मुख्य नस के साथ समानांतर स्टेंट डाला जाता है
- बंद हुई नसों को नया रास्ता दिया जाता है
- हार्ट को पर्याप्त रक्त प्रवाह सुनिश्चित किया जाता है
यह तकनीक आमतौर पर बड़े निजी अस्पतालों में ही उपलब्ध होती है, लेकिन मेकाहारा में इसका सफल उपयोग सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था की बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।
🏥 बिना ओपन सर्जरी बची मरीज की जान
इस पूरी प्रक्रिया में—
- न तो छाती चीरनी पड़ी
- न ही ओपन हार्ट सर्जरी की जरूरत हुई
- मरीज को कम समय में रिकवरी मिली
ऑपरेशन के बाद मरीज की हालत स्थिर बताई जा रही है और उसे विशेषज्ञों की निगरानी में रखा गया है।
👨⚕️ डॉक्टरों की टीम की सूझबूझ से मिली सफलता
मेकाहारा के कार्डियोलॉजी विभाग के विशेषज्ञों ने बताया कि—
- समय पर निर्णय
- टीमवर्क
- आधुनिक उपकरणों की उपलब्धता
ने इस केस को सफल बनाया। डॉक्टरों के अनुसार, कुछ मिनटों की देरी मरीज की जान के लिए घातक हो सकती थी।
🌟 छत्तीसगढ़ के लिए बड़ी उपलब्धि
इस सफल ऑपरेशन से—
- छत्तीसगढ़ के मरीजों को अब बाहर जाने की जरूरत कम होगी
- सरकारी अस्पतालों पर लोगों का भरोसा बढ़ेगा
- गरीब और मध्यम वर्ग को उन्नत हृदय उपचार मिलेगा
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि यह सफलता राज्य में उन्नत कार्डियक केयर के नए युग की शुरुआत है।

