रायपुर। आईआईएम रायपुर द्वारा नेतृत्व और नीति निर्माण पर विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम।
भारतीय प्रबंध संस्थान (आईआईएम) रायपुर के निदेशक रामकुमार काकानी ने आज मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से मुलाकात की। इस अवसर पर उन्होंने मुख्यमंत्री को 22 और 23 मार्च 2025 को आयोजित होने वाले दो दिवसीय पब्लिक लीडरशिप प्रोग्राम में भाग लेने का औपचारिक आमंत्रण दिया। मुख्यमंत्री श्री साय ने इस आमंत्रण के लिए आभार व्यक्त किया और इस पहल की सराहना की। इस महत्वपूर्ण बैठक में आईआईएम रायपुर के वरिष्ठ प्रोफेसर श्री संजीव पाराशर भी उपस्थित थे।
नेतृत्व और नीति निर्माण पर केंद्रित कार्यक्रम
काकानी ने जानकारी दी कि यह विशेष कार्यक्रम छत्तीसगढ़ के विधायकों के लिए विशेष रूप से तैयार किया गया है। इसका उद्देश्य विधायकों को समकालीन प्रबंधन और नीति निर्माण से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर विचार-विमर्श का अवसर प्रदान करना है। कार्यक्रम के तहत विधायकों को नीतिगत निर्णय लेने की प्रक्रिया, प्रभावी नेतृत्व कौशल और आधुनिक प्रशासनिक दृष्टिकोण पर विस्तृत जानकारी दी जाएगी।
कार्यक्रम में देश के प्रमुख नीति निर्माता, शिक्षाविद्, और विषय विशेषज्ञ भाग लेंगे। इस मंच के माध्यम से विभिन्न विषयों पर विचार-विमर्श और सहयोगात्मक सोच को बढ़ावा देने का प्रयास किया जाएगा। यह चर्चा न केवल समस्याओं के व्यावहारिक समाधान खोजने में सहायक होगी, बल्कि सुशासन को और प्रभावी बनाने में भी मदद करेगी।
छत्तीसगढ़ में नेतृत्व कौशल को नया आयाम देने की पहल
आईआईएम रायपुर के निदेशक काकानी ने बताया कि इस कार्यक्रम का उद्देश्य विधायकों को प्रभावी नेतृत्व कौशल विकसित करने के लिए प्रोत्साहित करना है। यह पहल विधायकों को नवीन दृष्टिकोण अपनाने और नीतिगत सुधारों में सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने में मदद करेगी।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की उपस्थिति इस कार्यक्रम की गरिमा को और बढ़ाएगी। उनके प्रशासनिक अनुभव और नेतृत्व कौशल से कार्यक्रम में शामिल होने वाले विधायकों को महत्वपूर्ण मार्गदर्शन मिलेगा। श्री काकानी ने कहा कि मुख्यमंत्री की उपस्थिति न केवल इस पहल को मजबूती प्रदान करेगी बल्कि प्रतिभागियों के लिए प्रेरणादायक भी होगी।
कार्यक्रम के मुख्य विषय
इस दो दिवसीय कार्यक्रम के दौरान विभिन्न सत्रों का आयोजन किया जाएगा, जिनमें प्रमुख रूप से निम्नलिखित विषयों पर चर्चा की जाएगी:
- प्रभावी नेतृत्व कौशल – विधायकों के लिए प्रभावी नेतृत्व की अवधारणाओं और रणनीतियों पर चर्चा।
- सार्वजनिक नीति निर्माण और क्रियान्वयन – नीतियों के निर्माण और उनके सफल क्रियान्वयन की प्रक्रियाओं पर प्रकाश डाला जाएगा।
- गवर्नेंस और प्रशासनिक दक्षता – छत्तीसगढ़ में सुशासन और प्रशासनिक सुधारों के लिए आवश्यक पहलुओं पर विचार-विमर्श।
- डिजिटल युग में नीतिगत निर्णय – प्रौद्योगिकी के प्रभाव और डिजिटल शासन की भूमिका पर चर्चा।
- सार्वजनिक संवाद और प्रभावी संचार – जनप्रतिनिधियों के लिए जनता से संवाद स्थापित करने की कला पर मार्गदर्शन।
छत्तीसगढ़ में सुशासन को मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम
यह कार्यक्रम छत्तीसगढ़ में सुशासन को और प्रभावी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। विधायकों को इससे प्रशासनिक कार्यकुशलता बढ़ाने और नीति निर्माण में नई सोच को अपनाने का अवसर मिलेगा।
कार्यक्रम के दौरान विभिन्न राज्य सरकारों और संगठनों द्वारा अपनाई गई नीतियों के अध्ययन के साथ-साथ वैश्विक परिप्रेक्ष्य में नीति निर्माण की सफल रणनीतियों का भी विश्लेषण किया जाएगा। इससे विधायकों को अपने राज्य में प्रभावी नीतियों को लागू करने की प्रेरणा मिलेगी।
निष्कर्ष
आईआईएम रायपुर द्वारा आयोजित यह दो दिवसीय कार्यक्रम राज्य के विधायकों के लिए एक अनूठा अवसर प्रदान करता है, जिससे वे अपने प्रशासनिक और नेतृत्व कौशल को और अधिक प्रभावी बना सकते हैं। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की उपस्थिति इस कार्यक्रम को विशेष बनाएगी और राज्य के जनप्रतिनिधियों को सुशासन के लिए आवश्यक रणनीतियों को अपनाने में सहायता प्रदान करेगी।
इस पहल से छत्तीसगढ़ में न केवल नीति निर्माण की गुणवत्ता में सुधार होगा बल्कि राज्य की विकास प्रक्रिया को भी नया आयाम मिलेगा।

