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नियमों के बावजूद बोतलबंद पानी बेच रहे होटल, कब रुकेगी यह मनमानी?

📑 इस लेख मेंहोटल और रेस्टोरेंट में मुफ्त पानी ग्राहकों का अधिकार है, लेकिन नियमों के बावजूद बोतलबंद पानी बेचकर ग्राहकों से जबरन वसूली की जा रही है।क्या…

📅 27 January 2026, 11:56 am अपडेट: 16 May 2026
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होटल और रेस्टोरेंट में मुफ्त पानी ग्राहकों का अधिकार है, लेकिन नियमों के बावजूद बोतलबंद पानी बेचकर ग्राहकों से जबरन वसूली की जा रही है।

रायपुर। शहर के होटल और रेस्टोरेंट में खाने के साथ मुफ्त साफ पीने का पानी देना ग्राहकों का कानूनी अधिकार है, लेकिन हकीकत में अधिकतर होटल और रेस्टोरेंट इस नियम की खुलेआम अनदेखी कर रहे हैं। ग्राहक जैसे ही पानी मांगते हैं, उन्हें सीधे बोतलबंद मिनरल वाटर थमा दिया जाता है, जिसकी कीमत बिल में जोड़ दी जाती है।

ग्राहकों का कहना है कि बिना पूछे बोतलबंद पानी सर्व कर देना अब आम चलन बन गया है। कई बार जब मुफ्त पानी की मांग की जाती है, तो स्टाफ टालमटोल करता है या साफ मना कर देता है।


क्या कहता है कानून?

खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) के नियमों के अनुसार—

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वास्तु शास्त्र के प्रामाणिक उपाय

  • हर होटल और रेस्टोरेंट में मुफ्त पीने का स्वच्छ पानी उपलब्ध कराना अनिवार्य है
  • ग्राहक की सहमति के बिना बोतलबंद पानी देना गलत है
  • ग्राहक चाहे तो नल का फिल्टर किया हुआ पानी मांग सकता है
  • पानी की उपलब्धता की जानकारी मेनू कार्ड या नोटिस बोर्ड पर लिखी होनी चाहिए

इसके बावजूद अधिकांश रेस्टोरेंट इन नियमों का पालन नहीं कर रहे।


कैसे होती है ग्राहकों से जबरन वसूली?

ग्राहकों के अनुभव बताते हैं कि—

  • बैठते ही टेबल पर बोतलबंद पानी रख दिया जाता है
  • बिल आने पर 30 से 50 रुपए प्रति बोतल जोड़े जाते हैं
  • विरोध करने पर स्टाफ कहता है – “यही सिस्टम है”
  • कई ग्राहक बहस से बचने के लिए पैसा दे देते हैं

एक ग्राहक ने बताया, “हमने साधारण पानी मांगा तो वेटर ने कहा कि सिर्फ बोतलबंद पानी ही मिलेगा।”


प्रशासन की सुस्ती पर उठे सवाल

खाद्य विभाग और नगर निगम को इस तरह की शिकायतें लगातार मिल रही हैं, लेकिन नियमित जांच और कार्रवाई न के बराबर है।

सूत्रों के मुताबिक—

  • औचक निरीक्षण बहुत कम होते हैं
  • जुर्माने की कार्रवाई सीमित है
  • कई होटल पहले से चेतावनी पाकर व्यवस्था सुधार लेते हैं

इसी वजह से होटल संचालकों के हौसले बुलंद हैं।


पर्यावरण पर भी पड़ रहा असर

बोतलबंद पानी की जबरन बिक्री से—

  • प्लास्टिक कचरा बढ़ रहा है
  • पर्यावरण प्रदूषण में इजाफा हो रहा है
  • हर दिन सैकड़ों बोतलें कचरे में जा रही हैं

विशेषज्ञों का कहना है कि मुफ्त फिल्टर पानी देने से प्लास्टिक प्रदूषण भी कम होगा


ग्राहकों को क्या करना चाहिए?

खाद्य विभाग के अनुसार ग्राहक—

  • बिल लेने से पहले मुफ्त पानी की मांग करें
  • मेनू में पानी संबंधी जानकारी देखें
  • जबरन वसूली पर नगर निगम या खाद्य विभाग में शिकायत करें
  • 1915 या संबंधित हेल्पलाइन नंबर पर कॉल करें

कब तक चलेगी यह मनमानी?

सवाल यह है कि—

  • जब कानून साफ है
  • नियम लिखित हैं
  • ग्राहक जागरूक हैं

तो फिर होटल और रेस्टोरेंट कब तक इस तरह खुलेआम मनमानी करते रहेंगे?

अब जरूरत है कि प्रशासन सख्त अभियान चलाकर नियम तोड़ने वाले होटलों पर भारी जुर्माना लगाए, ताकि ग्राहकों का अधिकार सिर्फ कागजों तक सीमित न रहे।

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