CGPSC भर्ती घोटाले में हाईकोर्ट सख्त, आरोपियों की दूसरी जमानत याचिका भी खारिज, जांच जारी, युवाओं के भविष्य से जुड़ा मामला।
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) भर्ती घोटाले में फंसे आरोपियों को एक बार फिर बड़ा झटका लगा है। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट, बिलासपुर ने मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपियों की दूसरी जमानत याचिका भी खारिज कर दी है। कोर्ट ने स्पष्ट कहा कि यह मामला केवल भर्ती अनियमितता का नहीं बल्कि युवाओं के भविष्य और पूरे चयन तंत्र की विश्वसनीयता से जुड़ा है।
हाईकोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि जांच एजेंसियों द्वारा प्रस्तुत दस्तावेजों और साक्ष्यों से प्रथम दृष्टया यह प्रतीत होता है कि भर्ती प्रक्रिया में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी हुई है। ऐसे में आरोपियों को राहत देना जांच को प्रभावित कर सकता है।
क्या है CGPSC भर्ती घोटाला?
CGPSC भर्ती घोटाले में आरोप है कि आयोग की कुछ परीक्षाओं में प्रश्नपत्र लीक, मेरिट लिस्ट में हेरफेर और पैसे लेकर चयन जैसे गंभीर अपराध किए गए। जांच में सामने आया कि कुछ प्रभावशाली लोगों और अधिकारियों के करीबी उम्मीदवारों को अनुचित लाभ पहुंचाया गया।
इस मामले में कई आरोपी पहले से ही न्यायिक हिरासत में हैं और राज्य की एजेंसियां अब भी नेटवर्क की परतें खोलने में जुटी हैं।
जमानत पर कोर्ट की सख्त टिप्पणी
हाईकोर्ट ने सुनवाई के दौरान कहा कि—
- मामला संगठित अपराध की ओर इशारा करता है
- आरोपियों की रिहाई से गवाहों पर दबाव पड़ सकता है
- जांच अभी निर्णायक चरण में है
कोर्ट ने यह भी कहा कि भर्ती प्रक्रिया की निष्पक्षता बनाए रखना राज्य के लिए सर्वोच्च प्राथमिकता है।
युवाओं में रोष, पारदर्शिता की मांग
CGPSC घोटाले को लेकर प्रदेशभर के प्रतियोगी छात्रों में नाराजगी है। युवाओं का कहना है कि इस तरह के मामलों से मेहनती अभ्यर्थियों का भरोसा टूटता है। छात्र संगठनों ने मांग की है कि दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा मिले और भविष्य में भर्ती प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी बनाया जाए।
आगे क्या?
सूत्रों के अनुसार, जांच एजेंसियां आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां कर सकती हैं। साथ ही CGPSC की अन्य भर्तियों की भी गहन जांच की जा रही है। सरकार ने भी संकेत दिए हैं कि दोषियों के खिलाफ किसी भी तरह की नरमी नहीं बरती जाएगी।

