रायपुर। चैंपियंस ट्रॉफी
भारतीय क्रिकेट टीम ने एक बार फिर से इतिहास रच दिया है। आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी के फाइनल मुकाबले में टीम इंडिया ने न्यूजीलैंड को 4 विकेट से हराकर खिताब अपने नाम कर लिया। इस शानदार जीत के साथ भारत अब तीन बार यह प्रतिष्ठित ट्रॉफी जीतने वाली एकमात्र टीम बन गई है। इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर क्रिकेट जगत से लेकर प्रशंसकों तक हर कोई टीम इंडिया को बधाई दे रहा है।
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छत्तीसगढ़ टेनिस एसोसिएशन के महासचिव गुरुचरण सिंह होरा ने भी भारतीय टीम को इस शानदार प्रदर्शन के लिए शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने कहा, “टीम इंडिया ने अपनी जोशीली ऊर्जा और अजेय प्रदर्शन से देश को गौरवान्वित किया है। यह भारतीय क्रिकेट के लिए स्वर्णिम अध्याय है, जिसने खेल उत्कृष्टता के लिए एक नया मानक स्थापित किया है।”
गुरुचरण सिंह होरा ने भारतीय टीम, कोचिंग स्टाफ और सहयोगी सदस्यों की मेहनत की सराहना करते हुए कहा कि यह जीत केवल खिलाड़ियों की नहीं, बल्कि पूरे देश की है। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा, “आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी को घर लाने के लिए हमारी क्रिकेट टीम पर गर्व है। पूरे टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन के लिए बधाई!”
मैच का पूरा हाल: भारत की दमदार वापसी
फाइनल मुकाबले में न्यूजीलैंड ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 50 ओवर में 8 विकेट के नुकसान पर 251 रन बनाए। न्यूजीलैंड की ओर से डेरिल मिचेल (56 रन) और माइकल ब्रेसवेल (52 रन) ने अर्धशतकीय पारियां खेलीं, लेकिन भारतीय गेंदबाजों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए कीवी टीम को बड़ा स्कोर बनाने से रोक दिया।
भारत की ओर से तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह और मोहम्मद सिराज ने घातक गेंदबाजी की, जिससे न्यूजीलैंड के बल्लेबाज खुलकर नहीं खेल सके। बुमराह ने 3 विकेट लिए, जबकि सिराज और कुलदीप यादव को 2-2 विकेट मिले।
भारत की जीत में बल्लेबाजों का योगदान
भारत को 252 रनों का लक्ष्य मिला, जिसे टीम ने 49 ओवर में 6 विकेट खोकर हासिल कर लिया। भारतीय बल्लेबाजों ने संयम से खेलते हुए एक सधी हुई पारी खेली।
- श्रेयस अय्यर ने 48 रनों की शानदार पारी खेलकर टीम की जीत की नींव रखी।
- शुभमन गिल ने 31 रन बनाए, जबकि अक्षर पटेल ने 29 रनों का योगदान दिया।
- अंत में केएल राहुल (नाबाद 34 रन) और रविंद्र जडेजा (नाबाद 9 रन) ने टीम को जीत दिलाई।
न्यूजीलैंड के गेंदबाजों ने संघर्ष किया, लेकिन भारतीय बल्लेबाजों की सूझबूझ भरी बल्लेबाजी के आगे वे बेअसर नजर आए।
तीसरी बार चैंपियंस ट्रॉफी पर भारत का कब्जा
भारत ने 2002 (संयुक्त विजेता), 2013 और अब 2025 में चैंपियंस ट्रॉफी जीती है। यह उपलब्धि भारत को दुनिया की सबसे सफल वनडे टीमों में से एक बनाती है। इस जीत के साथ भारतीय क्रिकेट का नया स्वर्णिम युग शुरू हो गया है, जिसमें युवा और अनुभवी खिलाड़ियों का बेहतरीन तालमेल नजर आ रहा है।
गुरुचरण सिंह होरा की विशेष प्रतिक्रिया
भारतीय क्रिकेट की इस बड़ी उपलब्धि पर छत्तीसगढ़ टेनिस एसोसिएशन के महासचिव गुरुचरण सिंह होरा ने कहा, “यह केवल एक जीत नहीं है, बल्कि भारतीय क्रिकेट की ताकत और निरंतरता का प्रमाण है। टीम ने पूरे टूर्नामेंट में बेहतरीन खेल दिखाया और यह जीत उनके कठिन परिश्रम का नतीजा है।”
उन्होंने भारतीय क्रिकेट टीम के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए कहा कि यह जीत आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणादायक होगी।
क्रिकेट प्रशंसकों में जश्न का माहौल
इस ऐतिहासिक जीत के बाद पूरे देश में जश्न का माहौल है। सोशल मीडिया पर क्रिकेट प्रेमी भारतीय टीम की प्रशंसा कर रहे हैं और बधाइयों का सिलसिला जारी है। टीम इंडिया की यह जीत न केवल खिलाड़ियों के लिए बल्कि पूरे देश के लिए गर्व की बात है।
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