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नक्सलियों को जेल से पुनर्वास देने की तैयारी में सरकार अच्छा आचरण मिलने पर 5500 नक्सलियों को माफी, 3 हजार फिलहाल काट रहे सजा

📑 इस लेख मेंछत्तीसगढ़ सरकार जेल में बंद नक्सलियों के पुनर्वास की तैयारी कर रही है, अच्छा आचरण मिलने पर 5500 नक्सलियों को माफी और नई जिंदगी का…

📅 6 February 2026, 11:20 am अपडेट: 16 May 2026
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छत्तीसगढ़ सरकार जेल में बंद नक्सलियों के पुनर्वास की तैयारी कर रही है, अच्छा आचरण मिलने पर 5500 नक्सलियों को माफी और नई जिंदगी का अवसर मिलेगा।

रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार नक्सल समस्या के स्थायी समाधान की दिशा में एक नई पहल करने जा रही है। राज्य में जेलों में बंद नक्सलियों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए सरकार पुनर्वास योजना पर गंभीरता से काम कर रही है। प्रस्ताव के अनुसार जिन नक्सलियों का जेल में आचरण अच्छा पाया जाएगा, उन्हें माफी देकर पुनर्वास का अवसर दिया जाएगा। इस प्रक्रिया के तहत करीब 5500 नक्सलियों को लाभ मिल सकता है, जबकि वर्तमान में लगभग 3 हजार नक्सली विभिन्न जेलों में सजा काट रहे हैं।

सरकारी सूत्रों के अनुसार यह पहल केवल रिहाई तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि रिहा होने वाले नक्सलियों के लिए रोजगार, प्रशिक्षण और सामाजिक पुनर्स्थापन की व्यवस्था भी की जाएगी, ताकि वे दोबारा हिंसा और उग्र गतिविधियों की ओर न लौटें।

अच्छा आचरण बनेगा माफी का आधार

सरकार द्वारा तैयार किए जा रहे प्रस्ताव में स्पष्ट किया गया है कि जेल में बंद नक्सलियों के आचरण, अनुशासन, सुधार गतिविधियों में भागीदारी और जेल प्रशासन की रिपोर्ट के आधार पर ही माफी का निर्णय लिया जाएगा। जिन बंदियों का व्यवहार सकारात्मक पाया जाएगा, उन्हें चरणबद्ध तरीके से रिहाई और पुनर्वास का लाभ मिलेगा।

जेल विभाग और गृह विभाग मिलकर एक संयुक्त मूल्यांकन प्रणाली तैयार कर रहे हैं, जिसके माध्यम से प्रत्येक नक्सली बंदी की व्यक्तिगत समीक्षा की जाएगी।

पुनर्वास पैकेज की भी तैयारी

सरकार की योजना के अनुसार माफी के बाद रिहा होने वाले नक्सलियों को केवल छोड़ा नहीं जाएगा, बल्कि उन्हें समाज में पुनः स्थापित करने के लिए विशेष पुनर्वास पैकेज दिया जाएगा। इसमें कौशल प्रशिक्षण, स्वरोजगार सहायता, सामाजिक परामर्श और स्थानीय प्रशासन के माध्यम से निगरानी की व्यवस्था शामिल होगी।

अधिकारियों का मानना है कि बिना मजबूत पुनर्वास व्यवस्था के केवल रिहाई से समस्या का स्थायी समाधान संभव नहीं है।

जेलों में करीब 3 हजार नक्सली बंद

आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार वर्तमान में छत्तीसगढ़ की विभिन्न जेलों में करीब 3 हजार नक्सली सजा काट रहे हैं। इसके अलावा ऐसे हजारों पूर्व नक्सली भी हैं, जिनके मामलों में माफी या पुनर्विचार की प्रक्रिया प्रस्तावित की जा रही है।

सरकार का आकलन है कि कुल मिलाकर लगभग 5500 नक्सलियों को इस योजना के अंतर्गत चरणबद्ध तरीके से माफी और पुनर्वास का लाभ दिया जा सकता है।

हिंसा से संवाद और विकास की ओर कदम

सरकार का मानना है कि लंबे समय से प्रभावित नक्सल क्षेत्रों में शांति बहाली के लिए केवल सुरक्षा कार्रवाई पर्याप्त नहीं है। इसके साथ-साथ संवाद, विश्वास और पुनर्वास की नीति भी जरूरी है।

इस पहल के जरिए उन लोगों को दूसरा मौका देने की कोशिश की जा रही है, जो किसी समय गलत रास्ते पर चले गए थे और अब सामान्य जीवन जीने की इच्छा रखते हैं।

सुरक्षा एजेंसियों से भी लिया जा रहा फीडबैक

प्रस्ताव को अंतिम रूप देने से पहले सुरक्षा एजेंसियों, जेल प्रशासन और जिला प्रशासन से फीडबैक लिया जा रहा है, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि इस प्रक्रिया से कानून-व्यवस्था और सुरक्षा व्यवस्था पर कोई प्रतिकूल असर न पड़े।

सरकार ने स्पष्ट किया है कि गंभीर अपराधों में दोषी और हिंसक गतिविधियों में लगातार संलिप्त पाए गए नक्सलियों के मामलों में सख्त जांच के बाद ही कोई निर्णय लिया जाएगा।

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स्रोत / और पढ़ें: भारत सरकार पोर्टल

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