बीजापुर में बिना सड़क निर्माण के 54 लाख भुगतान, 23 मामलों में 12 करोड़ अतिरिक्त भुगतान का खुलासा, निर्माण कार्यों में गड़बड़ी सामने आई।
अधूरी सड़क, पूरा भुगतान का मामला
छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में सड़क निर्माण कार्यों में भारी अनियमितताओं का मामला सामने आया है। पोकरम-दुदुम सड़क, जो अभी तक पूरी तरह नहीं बनी है, उसके लिए 54 लाख रुपये का भुगतान कर दिया गया।
यह मामला सामने आने के बाद प्रशासनिक व्यवस्था और निर्माण कार्यों की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
23 मामलों में अनियमितता का खुलासा
जांच के दौरान यह भी सामने आया है कि सिर्फ एक ही नहीं, बल्कि ऐसे 23 और मामले हैं, जिनमें निर्माण कार्य अधूरे होने के बावजूद भुगतान कर दिया गया।
इन सभी मामलों में करीब 12 करोड़ रुपये तक का अतिरिक्त भुगतान किए जाने की बात सामने आई है।
कागजों में पूरा, जमीन पर अधूरा काम
सूत्रों के अनुसार कई परियोजनाओं में कागजों में कार्य पूर्ण दिखाया गया, जबकि वास्तविकता में सड़क निर्माण अधूरा या शुरू ही नहीं हुआ।
यह स्थिति न केवल प्रशासनिक लापरवाही को दर्शाती है, बल्कि भ्रष्टाचार की आशंका को भी मजबूत करती है।
ग्रामीण क्षेत्रों पर सबसे ज्यादा असर
इन सड़कों का निर्माण ग्रामीण और दूर-दराज क्षेत्रों को जोड़ने के लिए किया जाना था।
लेकिन निर्माण अधूरा रहने से ग्रामीणों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है और विकास कार्य भी प्रभावित हो रहे हैं।
जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग
मामला सामने आने के बाद स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों ने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
उनका कहना है कि इस तरह की गड़बड़ी से सरकारी धन का दुरुपयोग हो रहा है, जिसकी निष्पक्ष जांच जरूरी है।
जांच के आदेश संभव
प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार इस पूरे मामले की जांच कराई जा सकती है।
यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं, तो संबंधित अधिकारियों और ठेकेदारों पर कार्रवाई की जाएगी।
विकास कार्यों पर उठे सवाल
इस घटना ने जिले में चल रहे अन्य विकास कार्यों की गुणवत्ता पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।
लोगों का कहना है कि यदि समय पर निगरानी और जांच की जाए, तो इस तरह की अनियमितताओं को रोका जा सकता है।
पारदर्शिता और जवाबदेही जरूरी
विशेषज्ञों का मानना है कि सरकारी परियोजनाओं में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना बेहद जरूरी है।
तकनीकी जांच, नियमित निरीक्षण और सख्त निगरानी के जरिए ही इस तरह के मामलों पर अंकुश लगाया जा सकता है।

