दो साल से पाइपलाइन लीकेज, रोज 2 करोड़ लीटर पानी बर्बाद; इतने में डेढ़ लाख लोगों की बुझ सकती है प्यास
📑 इस लेख मेंरायपुर में दो साल से पाइपलाइन लीकेज के कारण रोज करीब 2 करोड़ लीटर पानी बर्बाद हो रहा है, जिससे डेढ़ लाख लोगों की जरूरत…
रायपुर में दो साल से पाइपलाइन लीकेज के कारण रोज करीब 2 करोड़ लीटर पानी बर्बाद हो रहा है, जिससे डेढ़ लाख लोगों की जरूरत पूरी हो सकती है।
दो साल से जारी है पानी की बर्बादी
छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में पेयजल पाइपलाइन लीकेज की समस्या लंबे समय से बनी हुई है। जानकारी के अनुसार शहर में पिछले करीब दो वर्षों से पाइपलाइन से लगातार पानी का रिसाव हो रहा है, जिससे प्रतिदिन लगभग 2 करोड़ लीटर पानी बर्बाद हो रहा है।
यह मात्रा इतनी अधिक है कि इससे करीब डेढ़ लाख लोगों की रोजाना की पानी की जरूरत आसानी से पूरी की जा सकती है। इसके बावजूद समस्या का स्थायी समाधान अब तक नहीं हो पाया है।
लीकेज से हो रही भारी जल हानि
शहर में कई स्थानों पर पुरानी पाइपलाइन और रखरखाव की कमी के कारण पानी का रिसाव हो रहा है। कई जगहों पर सड़क किनारे या नालियों में लगातार पानी बहता हुआ देखा जा सकता है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि उन्होंने कई बार संबंधित विभाग को इस समस्या की जानकारी दी, लेकिन अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकाला गया है। इस वजह से बड़ी मात्रा में पेयजल बर्बाद हो रहा है।
डेढ़ लाख लोगों की जरूरत के बराबर पानी
विशेषज्ञों के अनुसार एक व्यक्ति को रोजाना औसतन 135 लीटर पानी की आवश्यकता होती है। इस हिसाब से 2 करोड़ लीटर पानी से करीब डेढ़ लाख लोगों की दैनिक जरूरत पूरी की जा सकती है।
ऐसे में पानी की इतनी बड़ी मात्रा का बर्बाद होना चिंता का विषय है, खासकर उस समय जब शहर के कई इलाकों में गर्मी के मौसम में पानी की कमी की शिकायत सामने आती है।
गर्मी में बढ़ जाती है पानी की समस्या
हर साल गर्मियों के दौरान रायपुर के कई क्षेत्रों में पानी की कमी की समस्या सामने आती है। कई कॉलोनियों में पानी की सप्लाई कम हो जाती है और लोगों को टैंकरों पर निर्भर रहना पड़ता है।
यदि पाइपलाइन लीकेज को समय रहते ठीक कर दिया जाए तो शहर में पानी की आपूर्ति बेहतर हो सकती है और जल संकट की स्थिति को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
मरम्मत और निगरानी की जरूरत
विशेषज्ञों का मानना है कि पाइपलाइन नेटवर्क की नियमित जांच और समय पर मरम्मत बेहद जरूरी है। यदि पुराने पाइपों को समय रहते बदला जाए और लीकेज की समस्या का तुरंत समाधान किया जाए तो पानी की बड़ी मात्रा को बचाया जा सकता है।
इसके अलावा आधुनिक तकनीक की मदद से भी पाइपलाइन में होने वाले रिसाव का जल्दी पता लगाया जा सकता है।
जल संरक्षण के प्रति जागरूकता जरूरी
पानी एक अमूल्य संसाधन है और इसकी बर्बादी रोकना सभी की जिम्मेदारी है। प्रशासन के साथ-साथ नागरिकों को भी जल संरक्षण के प्रति जागरूक होना होगा।
विशेषज्ञों का कहना है कि यदि पाइपलाइन लीकेज जैसी समस्याओं को समय रहते दूर किया जाए तो पानी की बर्बादी को काफी हद तक रोका जा सकता है और आने वाले समय में जल संकट से बचा जा सकता है।
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स्रोत / और पढ़ें: भारत सरकार पोर्टल
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