रायपुर में रिटायर्ड कर्मचारियों की संविदा नियुक्ति पर कर्मचारी संघ नाराज, संविदा प्रथा खत्म नहीं होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी, नियमित भर्ती की मांग तेज।
रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में सेवानिवृत्त कर्मचारियों को दोबारा संविदा पर नियुक्त किए जाने के फैसले को लेकर कर्मचारी संगठनों में भारी नाराजगी देखने को मिल रही है। कर्मचारी संघों ने साफ चेतावनी दी है कि यदि संविदा नियुक्ति की यह नीति समाप्त नहीं की गई, तो राज्यव्यापी उग्र आंदोलन किया जाएगा।
कर्मचारी नेताओं का कहना है कि प्रदेश में पहले से ही बड़ी संख्या में योग्य युवा बेरोजगार हैं, ऐसे में रिटायर्ड कर्मचारियों को संविदा नियुक्ति देना युवाओं के अधिकारों पर सीधा कुठाराघात है। यह फैसला न केवल रोजगार नीति पर सवाल खड़े करता है, बल्कि प्रशासनिक व्यवस्था में असंतुलन भी पैदा कर रहा है।
🏷️ हेडिंग 1: संविदा नियुक्ति पर बढ़ा विरोध
कर्मचारी संघों का आरोप है कि विभागों में स्थायी पदों पर भर्ती करने के बजाय सेवानिवृत्त अधिकारियों और कर्मचारियों को दोबारा संविदा पर रखा जा रहा है। इससे नियमित भर्ती प्रक्रिया प्रभावित हो रही है और युवाओं को अवसर नहीं मिल पा रहा है।
🏷️ हेडिंग 2: बेरोजगार युवाओं के साथ अन्याय का आरोप
संघ पदाधिकारियों ने कहा कि प्रदेश में हजारों युवा प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं, लेकिन लंबे समय से भर्तियां नहीं निकाली जा रही हैं। वहीं दूसरी ओर रिटायर्ड कर्मचारियों को संविदा पर नियुक्त कर युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है।
🏷️ हेडिंग 3: नियमित भर्ती की मांग तेज
कर्मचारी संघ ने सरकार से मांग की है कि रिक्त पदों पर शीघ्र नियमित भर्ती प्रक्रिया शुरू की जाए। उनका कहना है कि अस्थायी व्यवस्था के नाम पर संविदा नियुक्ति को बढ़ावा देना प्रशासनिक सुस्ती को छिपाने का तरीका है।
🏷️ हेडिंग 4: संविदा प्रथा खत्म करने की चेतावनी
संघ के नेताओं ने दो टूक कहा कि यदि सरकार ने संविदा नियुक्ति की नीति पर पुनर्विचार नहीं किया और रिटायर्ड कर्मचारियों की संविदा नियुक्ति को तत्काल बंद नहीं किया, तो कर्मचारी वर्ग सड़कों पर उतरने के लिए मजबूर होगा।
🏷️ हेडिंग 5: उग्र आंदोलन की रणनीति पर मंथन
रायपुर में आयोजित बैठक में आंदोलन की रूपरेखा तैयार करने पर चर्चा की गई। पदाधिकारियों ने बताया कि आगामी दिनों में जिला और संभाग स्तर पर बैठकें कर आंदोलन की रणनीति तय की जाएगी।
🏷️ हेडिंग 6: प्रशासनिक व्यवस्था पर भी उठे सवाल
कर्मचारी संघ ने यह भी आरोप लगाया कि विभागों में पद रिक्त होने के बावजूद नियमित नियुक्तियां नहीं की जा रही हैं। वहीं रिटायर्ड कर्मियों से काम लेकर शासन अतिरिक्त वित्तीय बोझ भी उठा रहा है।
🏷️ हेडिंग 7: प्रदेशव्यापी समर्थन जुटाने की तैयारी
कर्मचारी नेताओं ने बताया कि पूरे छत्तीसगढ़ के विभिन्न कर्मचारी संगठनों से संपर्क कर संयुक्त आंदोलन की तैयारी की जा रही है। आने वाले दिनों में सरकार को ज्ञापन सौंपा जाएगा।
🏷️ हेडिंग 8: सरकार से शीघ्र निर्णय की मांग
कर्मचारी संघ ने सरकार से अपील की है कि संविदा प्रथा को समाप्त कर नियमित भर्ती को प्राथमिकता दी जाए, ताकि योग्य युवाओं को स्थायी रोजगार मिल सके और प्रशासनिक व्यवस्था भी सुदृढ़ हो सके।

