रायपुर। इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय का 10वां दीक्षांत समारोह
इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर का 10वां दीक्षांत समारोह आज भव्य एवं गरिमामय वातावरण में सम्पन्न हुआ। समारोह में राज्यपाल एवं कुलाधिपति रमेन डेका और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने विद्यार्थियों को उपाधियां प्रदान कीं और उनके उज्जवल भविष्य की कामना की।
इस अवसर पर राज्यपाल रमेन डेका ने कहा कि युवाओं को गुणवत्तापूर्ण भोजन, शिक्षा और सुविधाएं उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के तहत शिक्षा के साथ कौशल विकास पर विशेष ध्यान दिया गया है। भारत को 5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने में युवाओं की महत्वपूर्ण भूमिका होगी।
समारोह में 4,200 विद्यार्थियों को उपाधियां और 16 विद्यार्थियों को स्वर्ण पदक प्रदान किए गए। इसके अलावा, 18 रजत और 4 कांस्य पदक भी दिए गए।

कृषि क्षेत्र में अपार संभावनाएं, युवाओं को आगे आना होगा – राज्यपाल
राज्यपाल रमेन डेका ने कृषि के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि दुनिया में चाहे जो भी हो, खाद्य उत्पादन की जरूरत कभी समाप्त नहीं होगी। उन्होंने कृषि वैज्ञानिक डॉ. एम.एस. स्वामीनाथन के योगदान की सराहना की और कहा कि श्वेत क्रांति से लेकर अब नीली क्रांति तक, भारत आत्मनिर्भर बन चुका है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2047 तक विकसित भारत का संकल्प लिया है और हमें इसे पूरा करने के लिए निरंतर कार्य करना होगा। कृषि क्षेत्र में नवाचार और अनुसंधान को बढ़ावा देने की आवश्यकता है, ताकि किसानों की लागत कम हो और उनकी आय में वृद्धि हो।
राज्यपाल ने वैज्ञानिकों को ऐसी तकनीक विकसित करने का आग्रह किया, जिससे छोटे और मझोले किसानों को कम ऊर्जा वाले कृषि उपकरण मिल सकें। उन्होंने कहा कि जय जवान, जय किसान, जय विज्ञान का नारा तभी सार्थक होगा जब हम विज्ञान और तकनीक के माध्यम से कृषि को उन्नत बनाएंगे।
ऊर्जा से भरपूर युवा ही बनाएंगे विकसित छत्तीसगढ़ – मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने समारोह में उपस्थित युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि भारत में विश्व की सबसे युवा जनसंख्या है, और यह देश एवं प्रदेश की प्रगति में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
उन्होंने स्वामी विवेकानंद जी के विचारों का उल्लेख करते हुए कहा, “यदि हमें 100 ऊर्जावान युवा मिल जाएं, तो हम देश के भविष्य को बदल सकते हैं।” उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की युवा शक्ति निश्चित रूप से विकसित भारत और विकसित छत्तीसगढ़ के सपने को साकार करेगी।
उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का लक्ष्य रखा है, और इस दिशा में तेजी से कार्य हो रहा है। छत्तीसगढ़ सरकार भी विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण के लिए विजन डॉक्यूमेंट पर काम कर रही है।

नवाचार और अनुसंधान से कृषि क्षेत्र को नई ऊंचाइयों पर ले जाना होगा
मुख्यमंत्री ने कहा कि इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के सहयोग से प्रदेश में कृषि विकास को नई ऊंचाइयों पर ले जाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के कृषि वैज्ञानिकों और उद्यमियों की मदद से किसानों के जीवन को समृद्ध बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए जाएंगे।
उन्होंने कृषि वैज्ञानिक डॉ. एम.एस. स्वामीनाथन का उल्लेख करते हुए कहा कि उनकी हरित क्रांति ने भारत को खाद्य सुरक्षा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाया।
मुख्यमंत्री ने विश्वविद्यालय की उपलब्धियों की सराहना करते हुए कहा कि –
- विश्वविद्यालय ने अब तक 160 से अधिक फसलों की किस्में विकसित की हैं।
- 100 से अधिक उन्नत कृषि तकनीक विकसित की गई हैं।
- छत्तीसगढ़ में जलवायु परिवर्तन का सामना करने वाले बीजों पर अनुसंधान जारी है।
उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय का सुदृढ़ नेटवर्क बलरामपुर से लेकर सुकमा तक फैला हुआ है, जो छत्तीसगढ़ के कृषि विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
छत्तीसगढ़ में दूसरी हरित क्रांति का सपना साकार होगा
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार कृषि क्षेत्र को राज्य की उन्नति का उत्प्रेरक मानती है। उन्होंने वैज्ञानिकों से आग्रह किया कि वे अपने अनुसंधान को किसानों तक पहुंचाने का प्रयास करें।
उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ कृषि विश्वविद्यालय में धान के 23,250 जर्मप्लाज्म उपलब्ध हैं, जो विश्व में दूसरी सबसे बड़ी संख्या है। साथ ही, अन्य फसलों की लगभग 6,000 किस्में संग्रहित की गई हैं।
राज्य सरकार का लक्ष्य छत्तीसगढ़ को बहुफसली कृषि क्षेत्र में बदलना और किसानों की आय में वृद्धि करना है।

केंद्रीय बजट – भारत के सुनहरे भविष्य का दस्तावेज: मुख्यमंत्री
इस दौरान मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने केंद्रीय बजट 2025-26 पर अपनी प्रतिक्रिया भी दी। उन्होंने कहा कि यह बजट किसानों, युवाओं, महिलाओं, मध्यम वर्ग और श्रमिकों के उत्थान के लिए ऐतिहासिक और क्रांतिकारी साबित होगा।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने उन वर्गों को प्राथमिकता दी है, जिन्हें पहले कोई नहीं पूछता था। यह बजट भारत के सुनहरे भविष्य का दस्तावेज है और स्वतंत्र भारत के इतिहास में ऐतिहासिक बजटों में से एक माना जाएगा।
निष्कर्ष
इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के 10वें दीक्षांत समारोह में राज्यपाल और मुख्यमंत्री ने युवाओं को राष्ट्र निर्माण में योगदान देने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कृषि क्षेत्र में नवाचार, अनुसंधान और आधुनिक तकनीकों को अपनाने की आवश्यकता पर जोर दिया।
राज्यपाल और मुख्यमंत्री दोनों ने इस बात पर जोर दिया कि भारत और छत्तीसगढ़ के विकास में युवा शक्ति की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। साथ ही, कृषि क्षेत्र को दूसरी हरित क्रांति की ओर ले जाने का संकल्प भी व्यक्त किया।
इस समारोह में कृषि मंत्री श्री राम विचार नेताम, डॉ. वांगा शिवा रेड्डी, कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल सहित अन्य गणमान्य अतिथि उपस्थित थे।
छत्तीसगढ़ सरकार और इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय मिलकर प्रदेश को कृषि और शिक्षा के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
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