छत्तीसगढ़ में शीतलहर का कहर, जशपुर के पंडरापाठ में 1 डिग्री तापमान, सरगुजा समेत चार जिलों में कक्षा 5वीं तक स्कूल बंद।
रायपुर/जशपुर। छत्तीसगढ़ में इस समय भीषण शीतलहर का असर देखने को मिल रहा है। प्रदेश के उत्तरी और आदिवासी अंचलों में तापमान लगातार गिरता जा रहा है। जशपुर जिले के पंडरापाठ क्षेत्र में न्यूनतम तापमान 1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो इस सीजन का अब तक का सबसे कम तापमान माना जा रहा है। कड़ाके की ठंड को देखते हुए प्रशासन ने सरगुजा संभाग समेत चार जिलों में कक्षा 1 से 5वीं तक के स्कूलों में अवकाश घोषित कर दिया है।
❄️ ठंड से कांपा पंडरापाठ, सामान्य जनजीवन प्रभावित
जशपुर के पहाड़ी और वनांचल क्षेत्रों में सुबह और रात के समय तेज ठंडी हवाओं के साथ पाला गिरने की स्थिति बन रही है। पंडरापाठ में सड़कों, खेतों और वाहनों पर बर्फ जैसी परत जमती नजर आई। ठंड के कारण
- लोग सुबह देर तक घरों में दुबके रहे
- अलाव और हीटर का सहारा लिया गया
- बाजारों में भीड़ कम रही
ग्रामीण क्षेत्रों में किसान और मजदूर सबसे अधिक प्रभावित नजर आए।
🏫 बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए स्कूलों में छुट्टी
भीषण ठंड और बच्चों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने सरगुजा, जशपुर, कोरिया और बलरामपुर जिलों में प्राथमिक कक्षाओं के लिए छुट्टी घोषित की है।
- कक्षा 1 से 5वीं तक के सभी शासकीय और अशासकीय स्कूल बंद रहेंगे
- आदेश अस्थायी रूप से जारी किया गया है
- तापमान में सुधार होने के बाद ही स्कूल खोलने पर निर्णय लिया जाएगा
प्रशासन का कहना है कि छोटे बच्चों को ठंड से होने वाली बीमारियों से बचाने के लिए यह कदम उठाया गया है।
🌡️ अन्य जिलों में भी गिरा तापमान
मौसम विभाग के अनुसार,
- अंबिकापुर, मैनपाट, बलरामपुर और कोरिया में भी तापमान 2 से 4 डिग्री के बीच दर्ज किया गया
- रायपुर समेत मैदानी इलाकों में भी ठंड का असर बढ़ा है
- रात के तापमान में अगले कुछ दिनों तक और गिरावट संभव है
विशेषज्ञों ने इसे उत्तर भारत से आ रही शीतलहर और पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव बताया है।
🚑 स्वास्थ्य विभाग की एडवाइजरी
स्वास्थ्य विभाग ने ठंड को देखते हुए नागरिकों के लिए सलाह जारी की है—
- बुजुर्गों और बच्चों को ठंड से बचाकर रखें
- सुबह और देर रात अनावश्यक बाहर न निकलें
- गर्म कपड़े और गरम पेय पदार्थों का सेवन करें
- ठंड से संबंधित लक्षण दिखने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें
ग्रामीण क्षेत्रों में अलाव जलाने और अस्थायी रैन बसेरों की व्यवस्था भी की जा रही है।
🌾 किसानों पर भी असर
तेज ठंड और पाले की वजह से
- सब्जी और दलहन फसलों को नुकसान की आशंका
- किसानों को फसलों की सुरक्षा के लिए सिंचाई और धुएं का सहारा लेना पड़ रहा है
कृषि विभाग ने किसानों को फसल सुरक्षा के उपाय अपनाने की सलाह दी है।
🔔 प्रशासन सतर्क, हालात पर नजर
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि
- मौसम की स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है
- जरूरत पड़ने पर स्कूल अवकाश की अवधि बढ़ाई जा सकती है
- आपात सेवाएं पूरी तरह अलर्ट पर हैं
🔍 आगे क्या?
मौसम विभाग के अनुसार अगले 48 घंटों तक शीतलहर का असर बना रह सकता है। इसके बाद तापमान में हल्की बढ़ोतरी की संभावना जताई गई है, लेकिन ठंड से राहत फिलहाल आसान नहीं दिख रही।

