निराश्रित पेंशनधारक अब मोबाइल से घर बैठे डीएलसी सत्यापन कर सकते हैं। समय पर प्रक्रिया पूरी नहीं करने पर पेंशन में रुकावट आने की संभावना है।
रायपुर। निराश्रित पेंशन योजना के लाभार्थियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए अब डीएलसी (डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट) सत्यापन की प्रक्रिया को और आसान बना दिया गया है। अब पेंशनधारक घर बैठे अपने मोबाइल फोन के माध्यम से ही सत्यापन कर सकते हैं। इसके लिए उन्हें कहीं जाने की आवश्यकता नहीं होगी।
प्रशासन की ओर से बताया गया है कि यह व्यवस्था विशेष रूप से बुजुर्ग, दिव्यांग और निराश्रित पेंशनधारकों को ध्यान में रखकर शुरू की गई है, ताकि उन्हें कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें और वे आसानी से अपनी पेंशन से संबंधित जरूरी प्रक्रिया पूरी कर सकें।
हालांकि अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि पेंशनधारक समय पर डीएलसी सत्यापन की प्रक्रिया पूरी नहीं करते हैं तो उनकी पेंशन में दिक्कतें आ सकती हैं। इसलिए सभी लाभार्थियों से निर्धारित समय के भीतर वेरिफिकेशन पूरा करने की अपील की गई है।
मोबाइल से आसान प्रक्रिया
डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट की सुविधा के तहत पेंशनधारक अपने स्मार्टफोन का उपयोग करके ऑनलाइन सत्यापन कर सकते हैं। इसके लिए उन्हें निर्धारित एप या पोर्टल के माध्यम से अपनी पहचान की पुष्टि करनी होगी।
सत्यापन के दौरान आधार नंबर, मोबाइल नंबर और अन्य आवश्यक जानकारी दर्ज करनी होती है। इसके बाद ओटीपी के माध्यम से पहचान की पुष्टि की जाती है और डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट जारी हो जाता है।
इस प्रक्रिया के पूरा होते ही संबंधित विभाग के रिकॉर्ड में पेंशनधारक का सत्यापन अपडेट हो जाता है और पेंशन की राशि नियमित रूप से जारी रहती है।
बुजुर्गों के लिए बड़ी राहत
पहले पेंशनधारकों को लाइफ सर्टिफिकेट जमा करने के लिए बैंक या सरकारी कार्यालयों में जाना पड़ता था, जिससे बुजुर्गों और दिव्यांगों को काफी परेशानी होती थी। कई बार लंबी कतारों में खड़े रहना पड़ता था और दूर-दराज के क्षेत्रों से आने वाले लोगों को अतिरिक्त खर्च भी उठाना पड़ता था।
लेकिन अब मोबाइल से सत्यापन की सुविधा मिलने से यह प्रक्रिया काफी आसान हो गई है। घर बैठे ही कुछ मिनटों में वेरिफिकेशन पूरा किया जा सकता है।
प्रक्रिया पूरी नहीं करने पर रुक सकती है पेंशन
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि डीएलसी सत्यापन एक अनिवार्य प्रक्रिया है। यदि पेंशनधारक निर्धारित समय सीमा के भीतर यह प्रक्रिया पूरी नहीं करते हैं तो उनकी पेंशन अस्थायी रूप से रोक दी जा सकती है।
इसलिए सभी लाभार्थियों से अपील की गई है कि वे समय रहते अपने मोबाइल या नजदीकी सेवा केंद्र की मदद से डीएलसी सत्यापन कर लें, ताकि भविष्य में किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
जरूरत पड़ने पर लें सहायता
जिन पेंशनधारकों को मोबाइल से सत्यापन करने में परेशानी हो रही है, वे नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर (CSC), पंचायत कार्यालय या नगर निगम कार्यालय में जाकर भी सहायता ले सकते हैं।
वहां मौजूद कर्मचारी या ऑपरेटर पेंशनधारकों को डीएलसी सत्यापन की प्रक्रिया पूरी करने में मदद करेंगे। प्रशासन का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सभी पात्र लाभार्थियों को बिना किसी बाधा के पेंशन मिलती रहे।
जागरूकता बढ़ाने की पहल
विभिन्न विभागों और स्थानीय प्रशासन की ओर से इस नई सुविधा के बारे में लोगों को जागरूक करने के लिए अभियान भी चलाए जा रहे हैं। पंचायतों, वार्ड कार्यालयों और सार्वजनिक स्थानों पर सूचना दी जा रही है ताकि अधिक से अधिक पेंशनधारक इस सुविधा का लाभ उठा सकें।
अधिकारियों का कहना है कि डिजिटल प्रक्रिया अपनाने से पारदर्शिता भी बढ़ेगी और पेंशन वितरण व्यवस्था और अधिक व्यवस्थित होगी।

