रायपुर। नगरीय निकायों की समीक्षा बैठक
छत्तीसगढ़ के उप मुख्यमंत्री एवं नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री अरुण साव ने आज सभी नगरीय निकायों की बैठक लेकर उनके कार्यों की विस्तृत समीक्षा की। छत्तीसगढ़ विधानसभा स्थित समिति कक्ष में आयोजित इस बैठक में राज्य के नगर निगमों के आयुक्त तथा नगर पालिकाओं एवं नगर पंचायतों के मुख्य नगर पालिका अधिकारी वर्चुअली शामिल हुए। बैठक में नगरीय प्रशासन विभाग के सचिव डॉ. बसवराजु एस. और संचालक आर. एक्का भी उपस्थित थे।
बैठक में उप मुख्यमंत्री साव ने नगरीय निकायों को स्वच्छता अभियान में बेहतर प्रदर्शन सुनिश्चित करने के लिए ठोस कदम उठाने के निर्देश दिए। उन्होंने विशेष रूप से स्वच्छ सर्वेक्षण-2024 के तहत आने वाले सर्वेक्षण दलों की तैयारियों पर जोर दिया और साफ शब्दों में कहा कि इस कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
स्वच्छ सर्वेक्षण में उत्कृष्ट प्रदर्शन के निर्देश
उप मुख्यमंत्री ने बैठक के दौरान सभी निकायों को केंद्रीय आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय द्वारा आयोजित स्वच्छ सर्वेक्षण-2024 में अच्छी रैंकिंग सुनिश्चित करने के लिए व्यापक तैयारी करने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि मार्च के पहले सप्ताह से सर्वेक्षण दल विभिन्न निकायों में जाकर मूल्यांकन शुरू करेंगे।
बैठक में उन्होंने नगर निकायों को सर्वेक्षण के प्रमुख दस मापदंडों, 54 मुख्य संकेतकों और 166 सह-संकेतकों की विस्तृत जानकारी दी और हर बिंदु पर उचित तैयारी सुनिश्चित करने के लिए कहा। उन्होंने नगर निगमों और नगर पालिकाओं को निर्देश दिए कि वे शहर की सफाई व्यवस्था, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन और स्वच्छता की स्थिति को मजबूत करें ताकि सर्वेक्षण में उच्चतम रैंकिंग प्राप्त हो सके।
उन्होंने यह भी कहा कि समीक्षा बैठकों में निकायवार प्रदर्शन का आकलन किया जाएगा और यदि किसी भी निकाय का प्रदर्शन गिरता है तो राज्य सरकार द्वारा उस पर सख्त कार्यवाही की जाएगी।

स्वच्छता व्यवस्था पर विशेष जोर
बैठक के दौरान साव ने नगरीय क्षेत्रों में दर्शनीय स्वच्छता बनाए रखने के लिए निम्नलिखित महत्वपूर्ण निर्देश दिए:
- सार्वजनिक एवं व्यावसायिक क्षेत्रों में नियमित सफाई अभियान चलाया जाए।
- सभी प्रमुख स्थानों पर ट्विन-बिन्स (ग्रीन और ब्लू डस्टबिन) की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए।
- शत-प्रतिशत ठोस अपशिष्ट संग्रहण और परिवहन की व्यवस्था की जाए।
- सीटीयू (C&D Waste Treatment Unit), ब्लैक स्पॉट और जीवीपी (Garbage Vulnerable Points) को समाप्त किया जाए।
- बैक-लेन, नालियों और जल स्रोतों की नियमित सफाई सुनिश्चित की जाए।
उप मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को चेताया कि स्वच्छता संबंधी कार्यों में किसी भी प्रकार की कोताही नहीं होनी चाहिए और आने वाले सर्वेक्षण में बेहतरीन प्रदर्शन सुनिश्चित किया जाए।
लंबित विद्युत देयकों के शीघ्र भुगतान के निर्देश
बैठक के दौरान साव ने नगरीय निकायों में लंबित विद्युत देयकों के भुगतान को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बिजली बिलों के लंबित रहने से शहरी विकास से जुड़े कार्य प्रभावित हो सकते हैं, इसलिए इनका समय पर निपटान बेहद जरूरी है। उन्होंने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए कि 15वें वित्त आयोग से संबंधित सभी कार्यवाहियां समय सीमा में पूरी करें।
15 दिनों में सिटी डेव्हलपमेंट प्लान तैयार करने के आदेश
बैठक में उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने सभी नगरीय निकायों को 15 दिनों के भीतर सिटी डेव्हलपमेंट प्लान (CDP) तैयार कर संचालनालय भेजने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि यह योजना नगरीय विकास की दिशा में बेहद महत्वपूर्ण है, और इसे तैयार करते समय विभागीय दिशानिर्देशों का पालन सुनिश्चित किया जाए।
बैठक में सुडा (SUDA) के सीईओ श्री शशांक पाण्डेय और नगरीय प्रशासन विभाग के अपर संचालक श्री पुलक भट्टाचार्य भी मौजूद थे।
निष्कर्ष
बैठक के दौरान उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने स्पष्ट रूप से कहा कि स्वच्छता, नगरीय विकास और वित्तीय अनुशासन से जुड़े कार्यों को पूरी गंभीरता से लिया जाए। उन्होंने अधिकारियों को सचेत किया कि यदि किसी भी स्तर पर लापरवाही सामने आती है, तो उसके खिलाफ कठोर कार्यवाही की जाएगी।
स्वच्छ सर्वेक्षण-2024 की तैयारियों को लेकर दिए गए इन निर्देशों से यह स्पष्ट है कि राज्य सरकार नगरीय स्वच्छता और विकास को लेकर पूरी तरह से प्रतिबद्ध है। अब यह देखना होगा कि आने वाले दिनों में नगरीय निकाय इस दिशा में कितना प्रभावी कार्य कर पाते हैं और स्वच्छता रैंकिंग में राज्य को उच्च स्थान पर पहुंचाने में कितने सफल होते हैं

