रायपुर में ओवरब्रिज निर्माण के लिए खोदे गड्ढे में गिरकर युवक की मौत हो गई। मौके पर न बैरिकेडिंग थी, न चेतावनी बोर्ड।
रायपुर। राजधानी रायपुर में निर्माण कार्यों में बरती जा रही लापरवाही एक बार फिर जानलेवा साबित हुई है। ओवरब्रिज निर्माण के लिए बीच सड़क पर खोदे गए गहरे गड्ढे में गिरने से एक युवक की दर्दनाक मौत हो गई। हैरानी की बात यह है कि घटनास्थल पर न तो कोई बैरिकेडिंग की गई थी और न ही कोई चेतावनी बोर्ड लगाया गया था, जिससे यह हादसा हुआ।
यह घटना न सिर्फ प्रशासनिक लापरवाही को उजागर करती है, बल्कि आम नागरिकों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल भी खड़े करती है।
कैसे हुआ हादसा
प्राप्त जानकारी के अनुसार, रायपुर शहर के व्यस्त इलाके में ओवरब्रिज निर्माण का कार्य चल रहा है। इसी दौरान सड़क के बीचोंबीच गहरा गड्ढा खोदा गया था। रात के समय पर्याप्त रोशनी, संकेतक या सुरक्षा इंतजाम न होने के कारण एक युवक अनजाने में इस गड्ढे में गिर गया।
गंभीर रूप से घायल युवक को तत्काल अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
मौके पर सुरक्षा इंतजाम शून्य
स्थानीय लोगों का आरोप है कि—
- गड्ढे के चारों ओर कोई बैरिकेडिंग नहीं थी
- रिफ्लेक्टर या रेडियम पट्टी नहीं लगाई गई थी
- चेतावनी बोर्ड पूरी तरह गायब था
- रात में सड़क पर पर्याप्त लाइट की व्यवस्था नहीं थी
लोगों का कहना है कि अगर थोड़ी भी सावधानी बरती जाती, तो युवक की जान बचाई जा सकती थी।
परिजनों में आक्रोश, प्रशासन पर उठे सवाल
हादसे के बाद मृतक के परिजनों में भारी आक्रोश है। परिजनों का कहना है कि यह सीधी तौर पर प्रशासन और निर्माण एजेंसी की लापरवाही का नतीजा है। उन्होंने दोषियों पर सख्त कार्रवाई और मुआवजे की मांग की है।
स्थानीय नागरिकों ने भी सड़क पर उतरकर नाराजगी जाहिर की और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की।
पुलिस ने शुरू की जांच
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। पुलिस का कहना है कि—
- निर्माण कार्य से जुड़ी एजेंसी की जिम्मेदारी तय की जाएगी
- लापरवाही पाए जाने पर संबंधित ठेकेदार और अधिकारियों पर कार्रवाई होगी
- सुरक्षा मानकों की अनदेखी की जांच की जा रही है
पहले भी हो चुके हैं ऐसे हादसे
गौरतलब है कि रायपुर सहित प्रदेश के कई शहरों में सड़क, फ्लाईओवर और ओवरब्रिज निर्माण के दौरान सुरक्षा मानकों की अनदेखी के कारण पहले भी कई हादसे हो चुके हैं। बावजूद इसके, न तो ठेकेदार सबक ले रहे हैं और न ही प्रशासन सख्ती दिखा रहा है।
आम जनता की मांग
स्थानीय लोगों और सामाजिक संगठनों ने मांग की है कि—
- सभी निर्माण स्थलों पर अनिवार्य रूप से बैरिकेडिंग हो
- रात में रिफ्लेक्टिव संकेतक और चेतावनी बोर्ड लगाए जाएं
- सुरक्षा नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कड़ी कार्रवाई हो
- मृतक के परिवार को उचित मुआवजा दिया जाए
लापरवाही बन रही जानलेवा
यह हादसा एक बार फिर साबित करता है कि विकास कार्यों में अगर सुरक्षा को नजरअंदाज किया गया, तो उसकी कीमत आम नागरिकों को अपनी जान देकर चुकानी पड़ती है। सवाल यह है कि क्या इस मौत के बाद प्रशासन जागेगा, या फिर ऐसे हादसे यूं ही दोहराए जाते रहेंगे?

