नर्सिंग संस्थानों में प्रवेश की अंतिम तिथि बढ़कर 31 दिसंबर हुई, सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद नया नोटिफिकेशन जारी, छात्रों और कॉलेजों को राहत।
रायपुर। नर्सिंग की पढ़ाई करने के इच्छुक छात्रों के लिए बड़ी राहत की खबर है। राज्य के नर्सिंग संस्थानों में प्रवेश की अंतिम तिथि को बढ़ा दिया गया है। पहले जहां नर्सिंग कोर्स में एडमिशन की अंतिम तारीख 30 नवंबर तय की गई थी, वहीं अब इसे बढ़ाकर 31 दिसंबर कर दिया गया है। यह निर्णय सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद लिया गया है, जिसके तहत संबंधित विभाग ने नया नोटिफिकेशन जारी कर दिया है।
सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद फैसला
नर्सिंग कॉलेजों में प्रवेश प्रक्रिया को लेकर देशभर में लंबे समय से असमंजस की स्थिति बनी हुई थी। कई राज्यों में प्रवेश समय पर पूरे नहीं हो पाए थे, जिस पर सुप्रीम कोर्ट में याचिकाएं दायर की गई थीं। मामले की सुनवाई के दौरान सर्वोच्च न्यायालय ने छात्रों के हित में फैसला सुनाते हुए एडमिशन की समयसीमा बढ़ाने के निर्देश दिए थे।
इसी आदेश के पालन में छत्तीसगढ़ समेत अन्य राज्यों में नर्सिंग संस्थानों के लिए नई अंतिम तिथि तय की गई है।
नए नोटिफिकेशन के मुख्य बिंदु
जारी किए गए नोटिफिकेशन के अनुसार—
- नर्सिंग कोर्स में एडमिशन की अंतिम तारीख अब 31 दिसंबर होगी।
- यह आदेश सभी मान्यता प्राप्त सरकारी और निजी नर्सिंग संस्थानों पर लागू होगा।
- तय समयसीमा के भीतर संस्थानों को प्रवेश प्रक्रिया पूरी करनी होगी।
- निर्धारित तिथि के बाद किसी भी परिस्थिति में नया एडमिशन मान्य नहीं होगा।
छात्रों को मिली बड़ी राहत
एडमिशन की तारीख बढ़ने से उन छात्रों को विशेष राहत मिली है, जो दस्तावेजों की कमी, काउंसलिंग में देरी या अन्य तकनीकी कारणों से समय पर प्रवेश नहीं ले पाए थे। कई छात्र ऐसे भी थे, जो काउंसलिंग के अगले चरण का इंतजार कर रहे थे।
छात्र संगठनों ने इस फैसले का स्वागत करते हुए कहा है कि इससे सैकड़ों विद्यार्थियों का एक साल खराब होने से बच गया।
नर्सिंग संस्थानों को भी फायदा
केवल छात्र ही नहीं, बल्कि नर्सिंग कॉलेजों और संस्थानों को भी इस फैसले से राहत मिली है। कई निजी और सरकारी नर्सिंग संस्थानों में सीटें खाली रह गई थीं। अब तय अवधि बढ़ने से इन सीटों को भरने का मौका मिलेगा और शैक्षणिक सत्र को संतुलित तरीके से संचालित किया जा सकेगा।
स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए अहम फैसला
विशेषज्ञों का मानना है कि यह निर्णय स्वास्थ्य सेवाओं के लिहाज से भी महत्वपूर्ण है। देश और राज्य में नर्सिंग स्टाफ की पहले से ही कमी है। यदि समय पर एडमिशन नहीं होते, तो भविष्य में प्रशिक्षित नर्सों की उपलब्धता और कम हो सकती थी।
विभाग ने की अपील
स्वास्थ्य एवं नर्सिंग शिक्षा से जुड़े विभाग ने छात्रों से अपील की है कि वे तय समयसीमा के भीतर ही अपनी प्रवेश प्रक्रिया पूरी कर लें। साथ ही संस्थानों को निर्देश दिए गए हैं कि वे नियमों का सख्ती से पालन करें और किसी भी प्रकार की अनियमितता से बचें।
आगे क्या रहेगा नियम
अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि 31 दिसंबर के बाद एडमिशन की कोई भी मांग स्वीकार नहीं की जाएगी। सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुसार ही आगे की प्रक्रिया तय की जाएगी, ताकि शैक्षणिक सत्र में किसी प्रकार की बाधा न आए।

