छत्तीसगढ़ आयुष परिषद ने नियम उल्लंघन पर 487 आयुष चिकित्सकों का रजिस्ट्रेशन रद्द किया, अब ये चिकित्सक राज्य में प्रैक्टिस नहीं कर सकेंगे।
रायपुर। छत्तीसगढ़ में अवैध और अनियमित चिकित्सा प्रैक्टिस पर बड़ी कार्रवाई करते हुए आयुष परिषद ने 487 आयुष चिकित्सकों का पंजीयन रद्द कर दिया है। इस फैसले के बाद अब ये चिकित्सक राज्य में किसी भी प्रकार की चिकित्सा सेवा देने के लिए अधिकृत नहीं रहेंगे। परिषद की इस सख्त कार्रवाई को स्वास्थ्य व्यवस्था में अनुशासन और पारदर्शिता लाने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
आयुष परिषद द्वारा जारी आदेश के अनुसार, जिन चिकित्सकों का पंजीयन रद्द किया गया है, वे लंबे समय से नवीनीकरण नहीं करा रहे थे या फिर निर्धारित मानकों का पालन नहीं कर रहे थे। परिषद ने स्पष्ट किया है कि बिना वैध रजिस्ट्रेशन प्रैक्टिस करना कानूनन अपराध है और आगे ऐसी गतिविधियों पर और कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
क्यों रद्द किया गया पंजीयन?
परिषद सूत्रों के अनुसार—
- बड़ी संख्या में चिकित्सकों ने समय पर पंजीयन नवीनीकरण नहीं कराया
- कई चिकित्सकों के शैक्षणिक दस्तावेजों में अनियमितताएं पाई गईं
- कुछ मामलों में फर्जी प्रमाण पत्र और गलत पते सामने आए
- कई चिकित्सक वर्षों से सक्रिय प्रैक्टिस में नहीं थे, फिर भी पंजीकृत बने हुए थे
इन सभी मामलों की समीक्षा के बाद 487 चिकित्सकों के नाम रजिस्टर से हटाने का निर्णय लिया गया।
अब नहीं कर सकेंगे इलाज
रजिस्ट्रेशन रद्द होने के बाद—
- ये चिकित्सक आयुर्वेद, होम्योपैथी या यूनानी पद्धति से इलाज नहीं कर सकेंगे
- किसी भी क्लिनिक, अस्पताल या नर्सिंग होम में प्रैक्टिस करना प्रतिबंधित रहेगा
- यदि कोई चिकित्सक आदेश के बावजूद इलाज करते पाया गया तो उस पर कानूनी कार्रवाई होगी
परिषद ने सभी जिलों के स्वास्थ्य अधिकारियों को आदेश भेजकर निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए हैं।
मरीजों की सुरक्षा सर्वोपरि
परिषद के अधिकारियों का कहना है कि—
- बिना वैध पंजीयन इलाज करने वाले मरीजों की जान से खिलवाड़ करते हैं
- योग्य और प्रशिक्षित चिकित्सकों को ही प्रैक्टिस की अनुमति दी जानी चाहिए
- इस कार्रवाई से स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता बेहतर होगी
परिषद ने आम नागरिकों से भी अपील की है कि वे इलाज कराने से पहले चिकित्सक का पंजीयन नंबर अवश्य जांचें।
आगे भी चलेगा सत्यापन अभियान
स्वास्थ्य विभाग ने संकेत दिए हैं कि—
- आने वाले महीनों में फिर से पंजीयन सत्यापन अभियान चलाया जाएगा
- फर्जी और अपात्र चिकित्सकों की पहचान की जाएगी
- ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन सिस्टम को और सख्त बनाया जाएगा
इस कार्रवाई से प्रदेश में अवैध चिकित्सा प्रैक्टिस पर बड़ा अंकुश लगने की उम्मीद जताई जा रही है।

