रायपुर में जल संकट के बीच नगर निगम ने 750 फ्लैटों के पानी कनेक्शन काटे, रहवासियों ने फैसले पर सवाल उठाते हुए राहत और न्याय की मांग की
रायपुर| रायपुर रायपुर में भीषण जल संकट के बीच नगर निगम की सख्त कार्रवाई ने एक बार फिर प्रशासन और आम नागरिकों के बीच टकराव की स्थिति पैदा कर दी है। शहर के अलग-अलग इलाकों में स्थित करीब 750 फ्लैटों के पानी के कनेक्शन काट दिए गए हैं। यह कार्रवाई रायपुर नगर निगम द्वारा की गई है।
निगम का कहना है कि ये कनेक्शन या तो अवैध थे, या फिर तय प्रक्रिया और अनुमति के बिना उपयोग किए जा रहे थे। वहीं, फ्लैटों में रहने वाले सैकड़ों परिवारों का कहना है कि जल संकट के समय इस तरह की कार्रवाई अमानवीय है और आम लोगों को सजा दी जा रही है।
🔹 1. जल संकट के बीच अचानक कनेक्शन कटने से मचा हड़कंप
बीते कुछ दिनों से रायपुर में पानी की किल्लत पहले ही लोगों की परेशानी बढ़ा रही है। ऐसे हालात में एक साथ सैकड़ों फ्लैटों में पानी सप्लाई बंद कर दिए जाने से हड़कंप मच गया। कई परिवारों को सुबह पता चला कि घरों की टंकियों में पानी नहीं आ रहा है।
लोगों का कहना है कि उन्हें न तो पहले से कोई लिखित सूचना दी गई और न ही वैकल्पिक व्यवस्था की जानकारी दी गई।
🔹 2. निगम का पक्ष – अवैध कनेक्शन पर हो रही है कार्रवाई
निगम अधिकारियों के अनुसार जिन 750 फ्लैटों के कनेक्शन काटे गए हैं, उनमें से बड़ी संख्या में या तो एक ही कनेक्शन से कई फ्लैटों में सप्लाई की जा रही थी या फिर बिल भुगतान और स्वीकृति से जुड़ी गड़बड़ियां पाई गईं।
निगम का दावा है कि लंबे समय से शिकायतें मिल रही थीं कि कुछ हाउसिंग सोसायटी और बिल्डर नियमों का उल्लंघन कर रहे हैं।
🔹 3. रहवासियों का सवाल – गलती बिल्डर की, सजा जनता को क्यों?
फ्लैटों में रहने वाले लोगों का कहना है कि कनेक्शन से जुड़े दस्तावेज और प्रक्रियाएं बिल्डर और सोसायटी प्रबंधन द्वारा पूरी की जाती हैं।
रहवासियों का आरोप है कि यदि कहीं तकनीकी या कानूनी त्रुटि है, तो उसकी जिम्मेदारी बिल्डर या प्रबंधन पर तय होनी चाहिए, न कि आम परिवारों पर।
🔹 4. बुजुर्ग, महिलाएं और बच्चों पर सबसे ज्यादा असर
कनेक्शन कटने के बाद सबसे अधिक परेशानी बुजुर्गों, छोटे बच्चों और बीमार लोगों को झेलनी पड़ रही है।
कई परिवारों को पीने और घरेलू उपयोग के लिए निजी टैंकर मंगाने पड़ रहे हैं, जिससे रोजाना सैकड़ों रुपये का अतिरिक्त खर्च बढ़ गया है।
🔹 5. रहवासियों ने की अस्थायी राहत की मांग
फ्लैटों में रहने वाले नागरिकों ने नगर निगम से मांग की है कि जब तक जांच और दस्तावेजी प्रक्रिया पूरी नहीं हो जाती, तब तक अस्थायी रूप से पानी सप्लाई बहाल की जाए।
लोगों का कहना है कि पानी जैसी बुनियादी सुविधा को प्रशासनिक कार्रवाई का हथियार नहीं बनाया जाना चाहिए।
🔹 6. पहले ही जल संकट से जूझ रहा है शहर
गर्मी के मौसम में जलस्तर गिरने और सप्लाई पर बढ़ते दबाव के चलते कई इलाकों में पहले से ही समय पर पानी नहीं पहुंच पा रहा है।
ऐसे में सैकड़ों फ्लैटों के कनेक्शन काटे जाने से शहर में जल संकट और गहराने की आशंका जताई जा रही है।
🔹 7. सोसायटी प्रबंधन और बिल्डरों पर उठे सवाल
रहवासियों ने सोसायटी प्रबंधन पर भी सवाल खड़े किए हैं। उनका कहना है कि समय रहते यदि कागजी प्रक्रिया पूरी कर ली जाती और निगम से समन्वय बनाया जाता, तो इतनी बड़ी कार्रवाई से बचा जा सकता था।
कुछ सोसायटियों में लोगों ने प्रबंधन के खिलाफ आक्रोश भी जताया है।
🔹 8. समाधान की उम्मीद में निगम कार्यालय पहुंचे रहवासी
कार्रवाई के बाद बड़ी संख्या में रहवासी नगर निगम कार्यालय पहुंचे और अधिकारियों से मुलाकात कर अपनी समस्या रखी।
निगम अधिकारियों ने भरोसा दिलाया है कि जिन फ्लैटों के दस्तावेज सही पाए जाएंगे, वहां प्राथमिकता के आधार पर कनेक्शन बहाल किए जाएंगे। हालांकि, फिलहाल राहत को लेकर कोई स्पष्ट समयसीमा तय नहीं की गई है।

