रायपुर में दीक्षांत समारोह के दौरान राज्यपाल ने कहा कि यह केवल पढ़ाई पूरी होने का अवसर नहीं, बल्कि जिम्मेदार नागरिक बनने की शुरुआत है।
रायपुर। राज्यपाल ने कहा है कि दीक्षांत समारोह केवल डिग्री प्राप्त करने या पढ़ाई पूरी होने का अवसर नहीं है, बल्कि यह जीवन में नई जिम्मेदारियों की शुरुआत है। उन्होंने यह बात रायपुर में आयोजित एक दीक्षांत समारोह के दौरान विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कही।
राज्यपाल ने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे अपनी शिक्षा और ज्ञान का उपयोग समाज, देश और मानवता के कल्याण के लिए करें।
युवाओं को राष्ट्र निर्माण में निभानी होगी भूमिका
राज्यपाल ने कहा कि आज के विद्यार्थी कल के नेता, प्रशासक, वैज्ञानिक और समाजसेवी होंगे। ऐसे में उन्हें:
- ईमानदारी
- अनुशासन
- नैतिक मूल्यों
को अपने जीवन में आत्मसात करना चाहिए।
शिक्षा को सेवा से जोड़ने का संदेश
अपने संबोधन में राज्यपाल ने कहा कि शिक्षा केवल नौकरी पाने का साधन नहीं, बल्कि सेवा और संवेदनशीलता का माध्यम भी है। शिक्षित युवाओं की जिम्मेदारी है कि वे समाज के कमजोर वर्गों के लिए काम करें।
तकनीक और नवाचार पर दिया ज़ोर
राज्यपाल ने विद्यार्थियों से कहा कि वे:
- नई तकनीकों को अपनाएं
- नवाचार को बढ़ावा दें
- आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में योगदान दें
उन्होंने डिजिटल इंडिया और स्टार्टअप संस्कृति की भी सराहना की।
नैतिक मूल्यों को न भूलें विद्यार्थी
राज्यपाल ने चेताया कि तेज़ी से बदलती दुनिया में नैतिकता और मानवीय संवेदनाओं को बनाए रखना सबसे बड़ी चुनौती है। उन्होंने कहा कि सफलता तभी सार्थक होगी, जब वह समाज के लिए उपयोगी हो।
छात्रों को दी शुभकामनाएं
राज्यपाल ने सभी उत्तीर्ण विद्यार्थियों को उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं और कहा कि उन्हें अपने माता-पिता, शिक्षकों और संस्थान का नाम रोशन करना चाहिए।
दीक्षांत समारोह में रहा उत्साह
समारोह में बड़ी संख्या में विद्यार्थी, अभिभावक और शिक्षाविद उपस्थित रहे। विद्यार्थियों ने डिग्रियां प्राप्त कर गर्व और उत्साह महसूस किया।
शिक्षा संस्थानों की भूमिका अहम
राज्यपाल ने कहा कि शिक्षा संस्थानों को भी ऐसे नागरिक तैयार करने चाहिए, जो ज्ञान के साथ-साथ सामाजिक जिम्मेदारियों को समझें।

