रायपुर में स्मार्ट मीटर से उपभोक्ता रियल टाइम बिजली खपत ट्रैक कर सकेंगे, फिजूलखर्ची रोकेंगे, पारदर्शी बिलिंग और ऊर्जा बचत को बढ़ावा मिलेगा।
रायपुर। छत्तीसगढ़ में बिजली उपभोक्ताओं के लिए राहत और सुविधा की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया जा रहा है। अब स्मार्ट मीटर की मदद से उपभोक्ता यह आसानी से जान सकेंगे कि उनके घर में किस समय सबसे अधिक बिजली की खपत हो रही है और किस समय कम। इससे न केवल बिजली की फिजूलखर्ची पर रोक लगेगी, बल्कि उपभोक्ता अपनी जरूरत के अनुसार बिजली उपयोग की बेहतर योजना भी बना सकेंगे।
राज्य विद्युत वितरण कंपनी द्वारा रायपुर सहित प्रदेश के प्रमुख शहरों में चरणबद्ध तरीके से स्मार्ट मीटर लगाए जा रहे हैं। इन मीटरों के जरिए उपभोक्ताओं को रियल टाइम में बिजली खपत की जानकारी मोबाइल एप और वेब पोर्टल पर उपलब्ध कराई जाएगी।
अब हर घंटे की खपत का मिलेगा पूरा ब्योरा
स्मार्ट मीटर से उपभोक्ता यह देख सकेंगे कि दिन के किस समय उनके घर में सबसे अधिक बिजली खर्च हो रही है। सुबह, दोपहर, शाम और रात – हर घंटे का अलग-अलग रिकॉर्ड उपलब्ध रहेगा। इससे यह भी स्पष्ट हो जाएगा कि एसी, गीजर, वॉशिंग मशीन, माइक्रोवेव जैसे भारी बिजली खपत वाले उपकरण किस समय ज्यादा लोड डाल रहे हैं।
मोबाइल एप से होगी निगरानी
विद्युत विभाग के अनुसार, स्मार्ट मीटर को एक विशेष मोबाइल एप से जोड़ा जाएगा। इस एप के माध्यम से उपभोक्ता अपने मोबाइल पर ही बिजली की खपत, यूनिट की जानकारी, अनुमानित बिल और पिछले महीनों का रिकॉर्ड देख सकेंगे। इससे उपभोक्ताओं को मीटर रीडर पर निर्भर रहने की जरूरत नहीं होगी।
फिजूलखर्ची पर लगेगी सीधी रोक
अब तक उपभोक्ताओं को केवल मासिक बिल के माध्यम से यह पता चलता था कि कुल कितनी बिजली खर्च हुई। लेकिन स्मार्ट मीटर से यह जानकारी मिल सकेगी कि किस समय ज्यादा बिजली जली, जिससे उपभोक्ता गैर-जरूरी उपकरणों को बंद करने और आदतों में बदलाव कर बिजली की बचत कर सकेंगे।
बिजली चोरी और गलत रीडिंग पर भी नियंत्रण
स्मार्ट मीटर से बिजली चोरी और मीटर में गड़बड़ी पर भी लगाम लगेगी। मीटर सीधे सर्वर से जुड़ा रहेगा, जिससे किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ या असामान्य खपत की जानकारी तुरंत विभाग तक पहुंच जाएगी। इससे गलत बिलिंग और विवाद की स्थिति में भी कमी आएगी।
प्रीपेड सुविधा की भी तैयारी
आने वाले समय में स्मार्ट मीटर के साथ प्रीपेड सिस्टम की सुविधा भी शुरू की जाएगी। उपभोक्ता अपनी जरूरत के अनुसार पहले से रिचार्ज कर बिजली का उपयोग कर सकेंगे। इससे बजट के भीतर बिजली खर्च को नियंत्रित करना आसान हो जाएगा।
रायपुर से हुई शुरुआत
रायपुर शहर में सरकारी कार्यालयों, सरकारी आवासों और चुनिंदा रिहायशी इलाकों में स्मार्ट मीटर लगाने का कार्य तेज़ी से किया जा रहा है। इसके बाद अन्य जिलों में भी इसे चरणबद्ध रूप से लागू किया जाएगा।
उपभोक्ताओं को मिलेगी पारदर्शिता
विद्युत विभाग का कहना है कि स्मार्ट मीटर से बिलिंग प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी हो जाएगी। उपभोक्ता खुद अपने उपयोग का हिसाब रख सकेंगे और किसी भी तरह की शिकायत या भ्रम की स्थिति से बचा जा सकेगा।
पर्यावरण संरक्षण में भी मिलेगी मदद
बिजली की बचत से न केवल उपभोक्ताओं का खर्च घटेगा, बल्कि बिजली उत्पादन पर दबाव कम होगा। इससे कार्बन उत्सर्जन घटाने और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।
उपभोक्ताओं में बढ़ रही जागरूकता
स्मार्ट मीटर की जानकारी मिलने के बाद उपभोक्ताओं में ऊर्जा संरक्षण को लेकर जागरूकता बढ़ रही है। लोग अब यह समझने लगे हैं कि थोड़ी-सी सावधानी से बड़ी बचत संभव है।

