रायपुर। गुंडागर्दी के आरोप
बिलासपुर जिले के मस्तूरी जनपद में हाल ही में हुए चुनाव में विजयी हुए जनपद सदस्य राकेश शर्मा अब विवादों में घिर गए हैं। उन पर दादागीरी और गुंडागर्दी के गंभीर आरोप लगे हैं, जिसके चलते पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया। हालांकि, कोर्ट ने उन्हें सशर्त रिहा कर दिया, लेकिन मामले में अगली सुनवाई सोमवार को होगी।
क्या है पूरा मामला?
मस्तूरी क्षेत्र के ग्राम पंचायत लोहर्सी (सोन) में उपसरपंच पद के चुनाव के दौरान विवाद खड़ा हुआ। आरोपों के अनुसार, उपसरपंच पद के प्रत्याशी कुमारी साहू के पति रामगोपाल साहू ने चुनाव प्रक्रिया में धांधली करते हुए जबरन 12 पंचों को गाड़ी में बैठाकर गांव से बाहर ले गए। बताया जाता है कि उन्होंने सभी पंचों के मोबाइल फोन भी छीन लिए और चुनाव के दिन महज कुछ मिनट पहले उन्हें वापस लाकर वोटिंग करवाई।
इसके अलावा, आरोप यह भी है कि चुनाव के दौरान करीब 10-15 बाहरी लोगों को बुलाकर गुंडागर्दी कराई गई और पंचों को जान से मारने की धमकी दी गई, ताकि चुनाव में जबरन जीत हासिल की जा सके।
जनपद सदस्य राकेश शर्मा सहित कई लोगों पर FIR
इस मामले में नव निर्वाचित जनपद सदस्य राकेश शर्मा सहित अन्य लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई। आरोपियों में रामगोपाल साहू, छोटूलाल टंडन, आनंद राम साहू और मितेश मल्होत्रा का नाम शामिल है।
शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और नामजद आरोपियों को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया। हालांकि, कोर्ट ने शाम को सशर्त राहत देते हुए आदेश दिया कि सोमवार को पुलिस केस डायरी के साथ सभी आरोपियों को फिर से पेश करे।
जनता में नाराजगी, कानून व्यवस्था पर उठे सवाल
इस पूरे घटनाक्रम के बाद क्षेत्र में मामला गरमा गया है। जनता जनप्रतिनिधियों से विकास की उम्मीद करती है, लेकिन चुनाव जीतने के तुरंत बाद ही कानून के शिकंजे में फंसने की घटना से लोगों में नाराजगी है।
गांव के कई लोगों का कहना है कि जनप्रतिनिधियों से ऐसी उम्मीद नहीं की जाती। चुनाव में धांधली और बाहरी लोगों की मदद से जीत हासिल करने के आरोप बेहद गंभीर हैं, और यदि ये आरोप सही साबित होते हैं, तो यह लोकतंत्र की प्रक्रिया के लिए एक बड़ा सवाल खड़ा करता है।
सोमवार को होगी अगली सुनवाई, क्या होगी अगली कार्रवाई?
अब सबकी निगाहें सोमवार को होने वाली अगली सुनवाई पर टिकी हैं। पुलिस को कोर्ट में केस डायरी और जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करनी होगी। यदि आरोप पुख्ता पाए गए तो राकेश शर्मा और अन्य आरोपियों पर कड़ी कार्रवाई हो सकती है।
फिलहाल, इस मामले को लेकर प्रशासन और पुलिस पूरी सतर्कता बरत रही है। यह देखना दिलचस्प होगा कि अदालत इस मामले में क्या रुख अपनाती है और क्या आरोपियों को अग्रिम जमानत मिलेगी या फिर कोई कठोर निर्णय लिया जाएगा।

