रायपुर में 24 घंटे ट्रैफिक निगरानी के बावजूद 10 लाख वाहन चालकों ने चालान नहीं भरा, 160 करोड़ की वसूली अटकी, प्रशासन सख्ती की तैयारी में।
रायपुर। शहर की सड़कों पर अब हर गतिविधि पर 24 घंटे नजर रखी जा रही है, लेकिन इसके बावजूद ट्रैफिक नियम तोड़ने वाले वाहन चालकों पर कार्रवाई का असर अपेक्षा के अनुरूप नहीं दिख रहा है। शहर में ऑटोमैटिक ट्रैफिक निगरानी प्रणाली के तहत करीब 10 लाख ऐसे वाहन चालकों की पहचान की गई है, जिन्होंने नियम तोड़े, लेकिन अब तक चालान की राशि जमा नहीं की है। इसके चलते लगभग 160 करोड़ रुपये की वसूली अटकी हुई है।
ट्रैफिक विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, शहर के प्रमुख चौक-चौराहों और व्यस्त मार्गों पर लगाए गए हाईटेक कैमरों से ओवरस्पीडिंग, रेड लाइट जंप, बिना हेलमेट, बिना सीट बेल्ट और गलत लेन में वाहन चलाने जैसे उल्लंघनों की रिकॉर्डिंग की जा रही है। यह पूरा सिस्टम कंट्रोल रूम से चौबीसों घंटे संचालित हो रहा है।
24 घंटे नजर, फिर भी बेपरवाही
रायपुर में इंटीग्रेटेड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (आईटीएमएस) के तहत शहर की सड़कों को 24 घंटे निगरानी में रखा गया है। कैमरे अपने आप वाहन नंबर प्लेट कैप्चर कर चालान जनरेट कर देते हैं। इसके बावजूद बड़ी संख्या में लोग न तो ऑनलाइन और न ही ऑफलाइन माध्यम से चालान भर रहे हैं।
10 लाख वाहन चालकों पर बकाया
पिछले कुछ वर्षों में दर्ज उल्लंघनों के आधार पर करीब 10 लाख वाहन चालकों पर चालान लंबित हैं। इन सभी मामलों में वाहन नंबर और नियम उल्लंघन का पूरा डिजिटल रिकॉर्ड मौजूद है। विभागीय आंकड़ों के मुताबिक इन लंबित चालानों से लगभग 160 करोड़ रुपये की राशि वसूली जानी है, जो अब तक अटकी हुई है।
सबसे ज्यादा ये उल्लंघन
ट्रैफिक विभाग के अनुसार रायपुर में सबसे अधिक मामले—
- रेड सिग्नल जंप
- बिना हेलमेट दोपहिया वाहन चलाना
- चारपहिया वाहन में सीट बेल्ट नहीं लगाना
- ओवरस्पीडिंग
- गलत दिशा और गलत लेन में वाहन चलाना
से जुड़े हैं।
नोटिस भेजे जा रहे, फिर भी भुगतान कम
ट्रैफिक पुलिस और परिवहन विभाग द्वारा वाहन मालिकों को लगातार एसएमएस और डाक के माध्यम से नोटिस भेजे जा रहे हैं। इसके बावजूद भुगतान करने वालों की संख्या काफी कम बनी हुई है।
अधिकारियों का कहना है कि कई मामलों में वाहन बिक चुका होता है, लेकिन आरसी ट्रांसफर नहीं होने के कारण चालान पुराने मालिक के नाम पर चला जाता है, जिससे वसूली में परेशानी होती है।
अब सख्ती की तैयारी
लंबित वसूली को लेकर प्रशासन अब सख्त कदम उठाने की तैयारी कर रहा है। प्रस्ताव है कि बड़े बकायेदारों की सूची तैयार कर—
- आरसी और ड्राइविंग लाइसेंस से लिंक कार्रवाई
- फिटनेस और परमिट नवीनीकरण में रोक
- विशेष वसूली अभियान
जैसे उपाय अपनाए जाएंगे।
चालान न भरने से सिस्टम पर असर
ट्रैफिक अधिकारियों का कहना है कि ऑटोमैटिक चालान प्रणाली को प्रभावी बनाने के लिए समय पर भुगतान जरूरी है। यदि बड़ी संख्या में लोग चालान नहीं भरेंगे, तो इसका सीधा असर सड़क सुरक्षा और ट्रैफिक अनुशासन पर पड़ेगा।
हादसों पर भी नजर
आईटीएमएस के जरिए न सिर्फ नियम उल्लंघन, बल्कि सड़क दुर्घटनाओं और ट्रैफिक जाम की भी रियल टाइम मॉनिटरिंग की जा रही है। कंट्रोल रूम से तत्काल संबंधित थाने और ट्रैफिक पेट्रोलिंग यूनिट को सूचना भेजी जाती है।
नागरिकों से अपील
ट्रैफिक विभाग ने शहरवासियों से अपील की है कि वे समय पर चालान जमा करें और ट्रैफिक नियमों का पालन करें। विभाग का मानना है कि जुर्माने से ज्यादा जरूरी सड़क पर सुरक्षित व्यवहार है।
रायपुर मॉडल पर दूसरे शहरों की नजर
रायपुर में लागू 24 घंटे निगरानी व्यवस्था को राज्य के अन्य शहरों में भी चरणबद्ध तरीके से लागू करने की योजना पर विचार किया जा रहा है, ताकि पूरे प्रदेश में स्मार्ट ट्रैफिक सिस्टम को मजबूत किया जा सके।

