रायपुर में बढ़व संगवारी की पहल, बुजुर्गों की पेंशन से 93 बच्चों को आत्मनिर्भर बनाया, अब 1000 बच्चों को मदद का लक्ष्य
रायपुर। समाज सेवा की एक प्रेरणादायक पहल के तहत बुजुर्गों की पेंशन अब जरूरतमंद बच्चों के लिए सहारा बन रही है। बढ़व संगवारी द्वारा शुरू की गई इस पहल ने अब तक 93 बच्चों को नई राह दिखाई है। संस्था ने अब लक्ष्य रखा है कि आने वाले समय में 1000 बच्चों को आत्मनिर्भर बनाया जाएगा। 🌱
संस्था द्वारा बुजुर्गों की पेंशन और समाज के सहयोग से जरूरतमंद बच्चों की शिक्षा, प्रशिक्षण और आत्मनिर्भरता पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इस पहल से न केवल बच्चों का भविष्य संवर रहा है, बल्कि बुजुर्गों को भी समाज सेवा का अवसर मिल रहा है।
बुजुर्गों की पेंशन बनी सहारा
इस पहल के तहत कई बुजुर्ग अपनी पेंशन का एक हिस्सा जरूरतमंद बच्चों की मदद के लिए दे रहे हैं। इस राशि का उपयोग बच्चों की पढ़ाई, प्रशिक्षण और अन्य आवश्यकताओं को पूरा करने में किया जा रहा है।
संस्था के अनुसार:
- बच्चों की शिक्षा की व्यवस्था
- कौशल प्रशिक्षण कार्यक्रम
- जरूरतमंद छात्रों को सहायता
- आत्मनिर्भरता पर विशेष फोकस
इन प्रयासों से बच्चों के जीवन में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल रहा है। 📚
93 बच्चों को मिल चुकी नई दिशा
बढ़व संगवारी के प्रयासों से अब तक 93 बच्चों को शिक्षा और कौशल प्रशिक्षण के माध्यम से आत्मनिर्भर बनने का अवसर मिला है। इनमें कई बच्चे आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों से आते हैं।
संस्था द्वारा बच्चों को:
- सिलाई प्रशिक्षण
- कंप्यूटर शिक्षा
- स्वरोजगार प्रशिक्षण
- शैक्षणिक सहायता
जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
अब 1000 बच्चों को आत्मनिर्भर बनाने का लक्ष्य
संस्था ने अब अपने अभियान को विस्तार देने की योजना बनाई है। आने वाले समय में 1000 बच्चों को आत्मनिर्भर बनाने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए अधिक से अधिक लोगों को इस अभियान से जोड़ा जा रहा है।
संस्था के पदाधिकारियों का कहना है कि समाज के सहयोग से यह लक्ष्य आसानी से पूरा किया जा सकता है। 🤝
समाज से मिल रहा सहयोग
इस पहल को समाज के विभिन्न वर्गों से समर्थन मिल रहा है। कई लोग आर्थिक सहयोग के साथ-साथ बच्चों को प्रशिक्षण देने में भी योगदान दे रहे हैं।
बच्चों में बढ़ा आत्मविश्वास
इस पहल से जुड़े बच्चों में आत्मविश्वास बढ़ा है। कई बच्चे अब स्वरोजगार की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं और अपने परिवार की आर्थिक स्थिति सुधारने में मदद कर रहे हैं।
बुजुर्गों को भी मिल रही संतुष्टि
इस पहल से जुड़े बुजुर्गों ने बताया कि अपनी पेंशन से बच्चों की मदद कर उन्हें संतुष्टि मिलती है। वे इसे समाज सेवा का एक बेहतर माध्यम मानते हैं।
भविष्य की योजना
संस्था आने वाले समय में:
- नए प्रशिक्षण केंद्र खोलने
- अधिक बच्चों को जोड़ने
- रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने
जैसी योजनाओं पर काम कर रही है।
प्रेरणादायक पहल
यह पहल समाज में सकारात्मक बदलाव का उदाहरण बन रही है। बुजुर्गों की पेंशन से बच्चों का भविष्य संवारने की यह पहल लोगों को प्रेरित कर रही है।

