रायपुर। राष्ट्रीय बालिका दिवस
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने 24 जनवरी को मनाए जाने वाले राष्ट्रीय बालिका दिवस के अवसर पर प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं दीं और सभी बेटियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की। इस अवसर पर उन्होंने बालिकाओं के अधिकारों और सशक्तिकरण के महत्व को रेखांकित करते हुए समाज में उनके साथ होने वाले भेदभाव को समाप्त करने पर बल दिया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय बालिका दिवस हर साल 24 जनवरी को बेटियों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करने और उनके साथ होने वाले भेदभाव के खिलाफ समाज में जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से मनाया जाता है। उन्होंने बेटियों को परिवार, समाज और देश का गौरव बताते हुए कहा, “बालिकाएं हमारे समाज और परिवार की शान, मान और अभिमान हैं। उन्हें सशक्त और सुरक्षित माहौल प्रदान करना हमारी जिम्मेदारी है। इसके लिए समाज को और अधिक संवेदनशील और जागरूक होने की आवश्यकता है।”
छत्तीसगढ़ में महिलाओं का सम्मान और योगदान
मुख्यमंत्री साय ने छत्तीसगढ़ की महिलाओं की भूमिका और योगदान की सराहना करते हुए कहा कि राज्य में महिलाओं के सम्मान की एक पुरानी और समृद्ध परंपरा रही है। उन्होंने कहा, “प्रदेश की प्रगति में छत्तीसगढ़ की बेटियों का अप्रतिम योगदान है। यह बेटियों और माताओं के लिए राज्य में उपलब्ध बेहतर वातावरण का परिणाम है।”
उन्होंने बेटियों को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि उन्हें शिक्षा और अवसरों के माध्यम से निडर होकर आगे बढ़ने का पूरा मौका दिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा, “हमारी सरकार दृढ़ संकल्पित है कि बेटियां शिक्षा प्राप्त करें, निडर होकर अपने सपनों को साकार करें और परिवार, समाज और देश की उन्नति में सहभागी बनें।”
बेटियों के सशक्तिकरण के लिए सरकार की प्रतिबद्धता
मुख्यमंत्री ने बेटियों को समाज और देश की उन्नति का आधार बताते हुए कहा कि उनकी सुरक्षा, शिक्षा और सशक्तिकरण के लिए सरकार पूरी तरह से प्रतिबद्ध है। उन्होंने इस दिशा में राज्य सरकार द्वारा चलाए जा रहे विभिन्न कार्यक्रमों और नीतियों का जिक्र करते हुए कहा कि सरकार बालिकाओं के लिए एक सुरक्षित, शिक्षित और समान अवसर उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रयासरत है।
मुख्यमंत्री ने सभी लोगों से आह्वान किया कि वे बालिकाओं के साथ होने वाले भेदभाव को खत्म करने और उनके अधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ाने में अपनी भूमिका निभाएं। उन्होंने कहा, “समाज में बेटियों को आगे बढ़ाने और उन्हें सशक्त बनाने के लिए सामूहिक प्रयास की आवश्यकता है। यह तभी संभव होगा जब हर व्यक्ति जागरूक होकर अपनी जिम्मेदारी निभाए।”
बालिकाओं के सपनों को मिले पंख
मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में बालिकाओं को प्रेरित करते हुए कहा कि वे अपने सपनों को साकार करने के लिए निर्भीक होकर आगे बढ़ें। उन्होंने कहा, “छत्तीसगढ़ सरकार हर बेटी के उज्ज्वल भविष्य के लिए कृतसंकल्पित है। बेटियां पढ़ें, निडर रहें, अपने सपनों को पूरा करें और राज्य और देश के विकास में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएं।”
समाज में बदलाव की आवश्यकता
मुख्यमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि बालिकाओं को सुरक्षित और सहज माहौल प्रदान करने के लिए समाज को अधिक संवेदनशील और जागरूक होना होगा। उन्होंने कहा कि बालिकाओं को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करना और समाज में व्याप्त लैंगिक भेदभाव को खत्म करना आज की प्राथमिकता होनी चाहिए।
मुख्यमंत्री साय ने अपने संदेश का समापन इस कामना के साथ किया कि राष्ट्रीय बालिका दिवस समाज में बदलाव लाने और बालिकाओं को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा। उन्होंने कहा, “छत्तीसगढ़ में बेटियों के लिए बेहतर माहौल तैयार करने के हमारे प्रयास निरंतर जारी रहेंगे, ताकि हर बेटी अपने सपनों को साकार कर सके और समाज को गौरवान्वित कर सके।”
राष्ट्रीय बालिका दिवस पर मुख्यमंत्री का यह संदेश राज्य में बेटियों और महिलाओं के अधिकारों और सशक्तिकरण के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

