रायगढ़। सामूहिक विवाह में नवविवाहित जोड़ों को आशीर्वाद
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज रायगढ़ जिले के लैलूंगा क्षेत्र स्थित ग्राम गहिरा में आयोजित श्री विष्णु महायज्ञ में भाग लिया। इस अवसर पर उन्होंने परम पूज्य संत गहिरा गुरु जी के छायाचित्र पर पुष्प अर्पित कर आशीर्वाद प्राप्त किया और प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की। इसके साथ ही, मुख्यमंत्री ने संत गहिरा गुरु जी के समाधि स्थल पर श्रद्धांजलि अर्पित कर उनके योगदान को नमन किया।
ग्राम गहिरा में आयोजित इस भव्य धार्मिक आयोजन में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं, संत समाज और गणमान्य नागरिकों की उपस्थिति रही। मुख्यमंत्री ने सनातन धर्म, सामाजिक सुधार और शिक्षा के क्षेत्र में संत गहिरा गुरु जी के योगदान की सराहना की और उनके विचारों को आगे बढ़ाने के प्रति अपनी प्रतिबद्धता जाहिर की।

ग्राम गहिरा से मुख्यमंत्री का आत्मीय संबंध
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि ग्राम गहिरा से उनका गहरा आत्मीय संबंध रहा है। उन्होंने स्मरण किया कि जब वे पहली बार रायगढ़ संसदीय क्षेत्र से सांसद बने थे, तब इसी पवित्र भूमि का आशीर्वाद उन्हें प्राप्त हुआ था। उन्होंने बताया कि अटल बिहारी वाजपेयी जी के प्रधानमंत्री कार्यकाल में सांसदों को अपने क्षेत्र के किसी एक गांव को गोद लेकर उसका विकास करने के लिए कहा गया था। तब श्री साय ने ग्राम गहिरा को चुना और यहां विभिन्न विकास कार्यों को प्रारंभ किया। हालांकि, कुछ कार्य अधूरे रह गए थे, जिन्हें अब मुख्यमंत्री के रूप में पूरा करने का अवसर मिला है।
उन्होंने कहा कि यह केवल एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि सामाजिक और आध्यात्मिक सुधार का केंद्र भी है। उन्होंने ग्राम गहिरा में किए गए विकास कार्यों की चर्चा करते हुए कहा कि उनका उद्देश्य संत गहिरा गुरु जी के सपनों को साकार करना और इस क्षेत्र को एक समृद्ध, शिक्षित और आत्मनिर्भर समुदाय के रूप में विकसित करना है।
सनातन धर्म और समाज सुधार में संत गहिरा गुरु जी का योगदान
मुख्यमंत्री श्री साय ने संत गहिरा गुरु समाज द्वारा सनातन धर्म और सामाजिक उत्थान के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों की सराहना की। उन्होंने कहा कि एक समय था जब जनजातीय समुदाय में धर्मांतरण, सामाजिक बुराइयाँ और व्यसन बढ़ रहे थे। ऐसे समय में संत गहिरा गुरु जी ने समाज सुधार का बीड़ा उठाया, गांव-गांव में यज्ञ कराए, रामचरितमानस के पाठ करवाए और समाज को आध्यात्मिक रूप से जागरूक किया।
उन्होंने कहा कि आज यह संस्था पूरे प्रदेश में सनातन धर्म को सुदृढ़ करने, समाज को शिक्षित करने और संस्कृत के प्रचार-प्रसार में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से इस बात की प्रशंसा की कि संस्था के माध्यम से जनजातीय समुदाय के बच्चे संस्कृत में अध्ययन कर रहे हैं और सनातन संस्कृति के संवर्धन के लिए विद्यालय व महाविद्यालय संचालित किए जा रहे हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि भगवान श्रीराम ने अपने 14 वर्षों के वनवास का अधिकांश समय छत्तीसगढ़ में बिताया था। इस पावन भूमि के महत्व को समझते हुए राज्य सरकार छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने और उसे विश्व पटल पर स्थापित करने के लिए सतत कार्य कर रही है।

सामूहिक विवाह में नवविवाहित जोड़ों को दिया आशीर्वाद
श्री विष्णु महायज्ञ के अवसर पर सामूहिक विवाह समारोह का भी आयोजन किया गया, जिसमें अनेक नवविवाहित जोड़ों ने वैदिक मंत्रों के साथ परिणय सूत्र में बंधकर अपना नया जीवन प्रारंभ किया। मुख्यमंत्री श्री साय इस समारोह में विशेष रूप से उपस्थित रहे और नवविवाहित जोड़ों से मिलकर उन्हें मंगलमय दांपत्य जीवन का आशीर्वाद दिया।
उन्होंने कहा कि सामूहिक विवाह सामाजिक समरसता और परंपराओं को जीवंत बनाए रखने का एक सुंदर उदाहरण है। यह आयोजन समाज में समानता, सहयोग और धार्मिक सौहार्द को बढ़ावा देने का कार्य करता है। उन्होंने इस पावन अवसर पर नवविवाहित जोड़ों को उपहार स्वरूप आशीर्वाद और शुभकामनाएँ दीं।
संत गहिरा गुरु के आशीर्वाद से छत्तीसगढ़ में सुशासन और विकास
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ में संत गहिरा गुरु जी के आशीर्वाद से सुशासन और विकास का कार्य निरंतर जारी है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार न केवल भौतिक विकास बल्कि सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विकास को भी प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने इस अवसर पर कहा कि छत्तीसगढ़ को विकास की नई ऊंचाइयों तक ले जाने के लिए सरकार पूरी तरह से प्रतिबद्ध है।
उन्होंने प्रयागराज महाकुंभ में छत्तीसगढ़वासियों को आमंत्रित करते हुए कहा कि वहां श्रद्धालुओं के लिए ठहरने और अन्य सुविधाओं की पूरी व्यवस्था की गई है। साथ ही, उन्होंने प्रदेशवासियों को अध्यात्म, संस्कृति और समाज सुधार की दिशा में संत गहिरा गुरु जी की शिक्षाओं को अपनाने और उनके मार्गदर्शन में चलने का आह्वान किया।

समारोह में संत समाज और गणमान्यजनों की उपस्थिति
इस अवसर पर संत समाज संस्था के अध्यक्ष बबरूवाहन महाराज, सचिव खीरेंद्र महाराज, रवि भगत, शान्ता भगत, मनोज सतपती, भास्कर बेहरा, मधुकर सिंघानिया और अन्य गणमान्यजन उपस्थित रहे।
उन्होंने मुख्यमंत्री साय के आगमन और उनके विचारों के लिए आभार व्यक्त किया और प्रदेश में धार्मिक जागरूकता, सामाजिक समरसता और शिक्षा के क्षेत्र में हो रहे कार्यों की सराहना की।
निष्कर्ष: धार्मिक, सामाजिक और सांस्कृतिक उत्थान की दिशा में महत्वपूर्ण पहल
ग्राम गहिरा में आयोजित विष्णु महायज्ञ और सामूहिक विवाह समारोह न केवल एक धार्मिक आयोजन था, बल्कि यह सामाजिक एकता, जनजातीय उत्थान और सनातन धर्म के प्रचार-प्रसार का भी प्रतीक था।
मुख्यमंत्री साय का इस आयोजन में शामिल होना और संत गहिरा गुरु जी के विचारों को आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता जाहिर करना प्रदेश में धार्मिक और सामाजिक विकास के प्रति सरकार की गंभीरता को दर्शाता है।
संत गहिरा गुरु जी की शिक्षाओं के मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ सतत विकास और आध्यात्मिक समृद्धि की दिशा में अग्रसर हो रहा है, और यह आयोजन उसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।
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