रायपुर। मुख्यमंत्री ने अवैध मदिरा पर नियंत्रण के लिए कड़ी कार्रवाई निर्देशित
छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने राज्य में अवैध मदिरा के विनिर्माण, परिवहन एवं विक्रय पर प्रभावी नियंत्रण के लिए कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने पुलिस विभाग के समन्वय से अवैध मदिरा कारोबार पर अंकुश लगाने के लिए आबकारी विभाग को और अधिक सक्रियता से काम करने की सलाह दी। उन्होंने यह निर्देश मंत्रालय महानदी भवन में आबकारी विभाग के कार्यों की समीक्षा बैठक के दौरान दिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के सीमावर्ती जिलों में स्थित आबकारी चेक पोस्ट को हमेशा क्रियाशील रखा जाए, ताकि अवैध मदिरा का परिवहन रोका जा सके। इसके साथ ही राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में स्थित आसवनियों, बॉटलिंग इकाइयों, होटल, बार और क्लबों की नियमित सघन जांच सुनिश्चित की जाए। इससे मदिरा के उत्पादन और बिक्री में पारदर्शिता बढ़ेगी और अवैध कारोबार पर प्रभावी रोक लगेगी।
देशी मदिरा के बॉटलिंग इकाइयों के लिए प्रोत्साहन
मुख्यमंत्री ने बैठक के दौरान इस बात पर जोर दिया कि राज्य में देशी मदिरा की बॉटलिंग इकाई के लिए जो भी आवेदक आ रहे हैं, उनके आवेदन पर नियमानुसार त्वरित कार्यवाही की जाए। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि छत्तीसगढ़ से बाहर निर्मित मदिरा की विनिर्माण इकाइयों को राज्य में स्वयं के विनिर्माण संयंत्र लगाने के लिए प्रोत्साहित किया जाए। इसके साथ ही, इन इकाइयों के लिए कार्य अनुकूल वातावरण उपलब्ध कराया जाए ताकि स्थानीय लोगों को रोजगार मिल सके और राज्य के आर्थिक विकास में भी योगदान हो सके। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि इससे न केवल रोजगार सृजन होगा बल्कि राज्य की राजस्व में भी वृद्धि होगी।
महुआ संग्राहकों के लिए नीति का अध्ययन
मुख्यमंत्री साय ने बैठक के दौरान महुआ संग्राहकों के लिए भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि राज्य में महुआ संग्राहकों की आय में वृद्धि के उद्देश्य से अन्य राज्यों की महुआ नीति का अध्ययन किया जाए। इससे यह सुनिश्चित किया जाएगा कि महुआ संग्राहकों को उनके श्रम का उचित मूल्य मिले और उनकी आय में वृद्धि हो। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि वनवासियों और महुआ संग्राहकों के लिए एक सशक्त नीति तैयार की जाएगी, जो उनके जीवन स्तर में सुधार लाने में मदद करेगी।
कर्मचारियों की उपस्थिति और आधार सक्षम बायोमेट्रिक प्रणाली की सराहना
मुख्यमंत्री ने विभाग द्वारा मदिरा दुकानों में कार्यरत कर्मचारियों की उपस्थिति के संबंध में लागू आधार सक्षम बायोमेट्रिक उपस्थिति प्रणाली (AEBAS) की भी सराहना की। यह प्रणाली कर्मचारियों की उपस्थिति सुनिश्चित करने के साथ-साथ विभाग की कार्यकुशलता में भी वृद्धि करेगी। मुख्यमंत्री ने इसके सफल संचालन के लिए सभी कर्मचारियों को इसे सही तरीके से लागू करने की सलाह दी।
‘मनपसंद ऐप’ के कार्यान्वयन पर निर्देश
मुख्यमंत्री साय ने ‘मनपसंद ऐप’ के कार्यान्वयन पर भी अपने निर्देश दिए। यह ऐप उपभोक्ताओं को उनकी पसंद की मदिरा उपलब्धता के बारे में जानकारी प्रदान करता है। मुख्यमंत्री ने ऐप में उपयोगकर्ताओं के डेटा की गोपनीयता बनाए रखने के साथ-साथ ऐप में प्राप्त सुझावों और शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई करने के निर्देश दिए। इससे उपभोक्ताओं को बेहतर सेवाएं प्रदान की जा सकेंगी और उनके अनुभव को भी बेहतर बनाया जा सकेगा।
मदिरा दुकानों में सफाई और लेबलिंग पर दिशा-निर्देश
मुख्यमंत्री ने मदिरा दुकानों में सफाई और व्यवस्था बनाए रखने के लिए भी आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मदिरा दुकानों में आवश्यक साफ-सफाई सुनिश्चित की जाए और मदिरा के ब्रांड-लेबल का समुचित प्रदर्शन किया जाए। इसके अलावा, सभी दुकानों में निर्धारित पंजियों का अद्यतन संधारण किया जाए, ताकि मदिरा की बिक्री में किसी भी प्रकार की अनियमितता ना हो।
आबकारी विभाग के रिक्त पदों पर भर्ती
मुख्यमंत्री साय ने आबकारी विभाग में रिक्त पदों पर भर्ती की कार्यवाही शीघ्र करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि इन पदों पर भर्ती से विभाग की कार्यकुशलता बढ़ेगी और विभिन्न कार्यों में तेजी आएगी। इसके साथ ही, यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि विभाग में काम करने वाले कर्मचारी पर्याप्त रूप से प्रशिक्षित और सक्षम हों।
बैठक में उपस्थित अधिकारी
इस महत्वपूर्ण बैठक में मुख्य सचिव अमिताभ जैन, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव मुकेश कुमार बसंल, राहुल भगत, पी. दयानंद और बसवराजू एस. के साथ-साथ सचिव सह आयुक्त आबकारी आर. संगीता, छत्तीसगढ़ स्टेट बेवरेजेस कार्पोरेशन एवं छत्तीसगढ़ स्टेट मार्केटिंग कार्पोरेशन लिमिटेड के प्रबंध संचालक श्याम लाल धावड़े, विशेष सचिव (आबकारी) देवेन्द्र सिंह भारद्वाज और अन्य वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित थे।
निष्कर्ष
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बैठक के दौरान अवैध मदिरा के विनिर्माण, परिवहन और विक्रय पर प्रभावी नियंत्रण के लिए कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए हैं। उनकी पहल से न केवल राज्य में मदिरा के उत्पादन और बिक्री में पारदर्शिता आएगी, बल्कि स्थानीय रोजगार सृजन और राज्य की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी। महुआ संग्राहकों के लिए तैयार की जाने वाली नीति, मदिरा दुकानों में व्यवस्था, और विभागीय कर्मचारियों की उपस्थिति प्रणाली के बेहतर क्रियान्वयन से राज्य में आबकारी विभाग की कार्यकुशलता में भी सुधार होगा।
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