रायपुर में घोटुल पहुंचे मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि आधुनिक घोटुल से नई पीढ़ी आदिवासी संस्कृति और परंपराओं से जुड़ेगी।
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने रायपुर जिले में स्थित घोटुल का भ्रमण किया और वहां की सांस्कृतिक गतिविधियों का अवलोकन किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि आधुनिक घोटुल की अवधारणा से नई पीढ़ी अपनी पारंपरिक संस्कृति, सामाजिक मूल्यों और आदिवासी परंपराओं से जुड़ सकेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि घोटुल केवल एक परंपरागत व्यवस्था नहीं, बल्कि आदिवासी समाज की सामाजिक, सांस्कृतिक और नैतिक शिक्षा का महत्वपूर्ण केंद्र रहा है। यहां से युवाओं को जीवन जीने की सीख, अनुशासन, आपसी सहयोग और समाज के प्रति जिम्मेदारी का बोध होता है।
मुख्यमंत्री साय ने घोटुल परिसर में मौजूद युवाओं और स्थानीय ग्रामीणों से संवाद करते हुए कहा कि आज के बदलते दौर में परंपराओं को आधुनिक स्वरूप देकर आगे बढ़ाना समय की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि आधुनिक घोटुल के माध्यम से युवा पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़े रखने का सार्थक प्रयास किया जा रहा है।
आदिवासी संस्कृति संरक्षण पर सरकार का जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार आदिवासी संस्कृति, परंपरा और लोक जीवन के संरक्षण के लिए लगातार काम कर रही है। घोटुल जैसी पारंपरिक व्यवस्थाएं आदिवासी समाज की पहचान हैं और इन्हें संरक्षित करना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है।
उन्होंने कहा कि आधुनिक घोटुल में युवाओं के लिए अध्ययन, खेल, सांस्कृतिक गतिविधियों और सामाजिक संवाद की सुविधाएं विकसित की जा रही हैं, ताकि परंपरा और आधुनिकता के बीच संतुलन बना रहे।
युवाओं को मिलेगा सीखने का मंच
मुख्यमंत्री ने कहा कि आधुनिक घोटुल को केवल सांस्कृतिक केंद्र नहीं, बल्कि युवाओं के सर्वांगीण विकास का मंच बनाया जाएगा। यहां बच्चों और युवाओं को:
- स्थानीय कला और संस्कृति का प्रशिक्षण
- सामाजिक जिम्मेदारियों की जानकारी
- नेतृत्व क्षमता का विकास
- सामुदायिक सहभागिता
जैसी गतिविधियों से जोड़ा जाएगा।
स्थानीय जनप्रतिनिधियों व अधिकारियों की मौजूदगी
घोटुल भ्रमण के दौरान मुख्यमंत्री के साथ जनप्रतिनिधि, जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी, आदिवासी समाज के प्रतिनिधि एवं स्थानीय ग्रामीण उपस्थित रहे। अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को घोटुल परिसर में संचालित गतिविधियों और भविष्य की कार्ययोजना की जानकारी दी।
परंपरा और आधुनिक सोच का संगम
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि आधुनिक घोटुल परंपरा और आधुनिक सोच का संगम बनेगा। इससे युवाओं में न केवल अपनी सांस्कृतिक पहचान मजबूत होगी, बल्कि उनमें आत्मविश्वास और सामाजिक चेतना भी विकसित होगी।
उन्होंने कहा कि आने वाले समय में राज्य के अन्य आदिवासी क्षेत्रों में भी इस तरह की पहल को विस्तार दिया जाएगा, ताकि पूरे प्रदेश में आदिवासी सांस्कृतिक धरोहर को संरक्षित किया जा सके।
ग्रामीणों ने जताया आभार
घोटुल परिसर पहुंचे मुख्यमंत्री का ग्रामीणों और आदिवासी समाज के लोगों ने स्वागत किया। उन्होंने सरकार द्वारा आदिवासी संस्कृति को संरक्षण देने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों की सराहना करते हुए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया।
मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि राज्य सरकार आदिवासी समाज के सामाजिक, सांस्कृतिक और शैक्षणिक विकास के लिए निरंतर कार्य करती रहेगी।

