विरात महानगर NEWS आपका शहर · आपकी खबर
📄 ई-पेपर
⚡ ब्रेकिंग
बाथरूम और शौचालय वास्तु — 10 नियम: घर में सुख-समृद्धि के लिए रखें इन बातों का ध्यान क्रेडिट कार्ड डेबिट कार्ड: फायदे-नुकसान और कौन सा है बेहतर विकल्प | विरात महानगर बैंक PO तैयारी: सफलता का पूरा प्लान और सटीक रणनीति मधुमेह नियंत्रण आयुर्वेदिक उपाय: जीवनशैली और आहार से शुगर को कैसे करें नियंत्रित बाथरूम और शौचालय वास्तु — 10 नियम जो लाएंगे सुख-समृद्धि मधुमेह नियंत्रण आयुर्वेदिक उपाय: जीवनशैली और आहार से शुगर को कैसे करें प्रबंधित SSC CGL 2026: परीक्षा की तैयारी के लिए संपूर्ण गाइड और रणनीति घर के मुख्य द्वार वास्तु: 12 अचूक नियम जो लाएंगे सुख-समृद्धि बाथरूम और शौचालय वास्तु — 10 नियम: घर में सुख-समृद्धि के लिए रखें इन बातों का ध्यान क्रेडिट कार्ड डेबिट कार्ड: फायदे-नुकसान और कौन सा है बेहतर विकल्प | विरात महानगर बैंक PO तैयारी: सफलता का पूरा प्लान और सटीक रणनीति मधुमेह नियंत्रण आयुर्वेदिक उपाय: जीवनशैली और आहार से शुगर को कैसे करें नियंत्रित बाथरूम और शौचालय वास्तु — 10 नियम जो लाएंगे सुख-समृद्धि मधुमेह नियंत्रण आयुर्वेदिक उपाय: जीवनशैली और आहार से शुगर को कैसे करें प्रबंधित SSC CGL 2026: परीक्षा की तैयारी के लिए संपूर्ण गाइड और रणनीति घर के मुख्य द्वार वास्तु: 12 अचूक नियम जो लाएंगे सुख-समृद्धि

छत्तीसगढ़ का बजट 1.65 लाख करोड़ का: 53 हजार करोड़ मुफ्त व रियायतों पर, 55 हजार करोड़ वेतन-पेंशन में खर्च, विकास पर उठे सवाल

📑 इस लेख मेंछत्तीसगढ़ का 1.65 लाख करोड़ का बजट, जिसमें 53 हजार करोड़ मुफ्त योजनाओं और 55 हजार करोड़ वेतन-पेंशन में खर्च, विकास और निर्माण को लेकर…

📅 26 December 2025, 11:04 am अपडेट: 16 May 2026
⏱ 1 मिनट पढ़ें
111

छत्तीसगढ़ का 1.65 लाख करोड़ का बजट, जिसमें 53 हजार करोड़ मुफ्त योजनाओं और 55 हजार करोड़ वेतन-पेंशन में खर्च, विकास और निर्माण को लेकर सवाल खड़े।

रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार का हालिया बजट आकार में भले ही ऐतिहासिक माना जा रहा हो, लेकिन इसके खर्च के स्वरूप ने विकास और निर्माण को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। राज्य का कुल बजट 1 लाख 65 हजार करोड़ रुपये का है, जिसमें से लगभग 53 हजार करोड़ रुपये मुफ्त योजनाओं और रियायतों पर खर्च किए जा रहे हैं, जबकि 55 हजार करोड़ रुपये वेतन और पेंशन में चले जाएंगे। ऐसे में बुनियादी ढांचे, सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य और उद्योग जैसे क्षेत्रों में ठोस विकास कैसे होगा, यह सबसे बड़ा प्रश्न बनकर उभरा है।


बजट का बड़ा हिस्सा गैर-विकासात्मक खर्च में

आर्थिक विशेषज्ञों के अनुसार राज्य बजट का बड़ा हिस्सा गैर-विकासात्मक मदों में खर्च होना भविष्य के लिए चुनौतीपूर्ण हो सकता है। मुफ्त बिजली, सब्सिडी, सामाजिक सुरक्षा योजनाएं और विभिन्न प्रकार की रियायतें अल्पकाल में जनता को राहत देती हैं, लेकिन लंबे समय में इससे राज्य की वित्तीय स्थिति पर दबाव बढ़ता है।

सरकारी आंकड़ों के अनुसार, कुल बजट का लगभग 65 प्रतिशत हिस्सा वेतन, पेंशन और मुफ्त योजनाओं में ही खर्च हो जाएगा।


वेतन और पेंशन का बढ़ता बोझ

छत्तीसगढ़ में सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों की संख्या लगातार बढ़ रही है। सातवें वेतनमान, महंगाई भत्ते और पुरानी पेंशन व्यवस्था के कारण वेतन-पेंशन मद में खर्च तेजी से बढ़ा है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यही रुझान जारी रहा, तो आने वाले वर्षों में राज्य सरकार के लिए नई परियोजनाओं में निवेश करना और भी कठिन हो जाएगा।


निर्माण और इंफ्रास्ट्रक्चर पर असर

सड़क, पुल, सिंचाई, शहरी आवास, स्कूल और अस्पताल जैसे निर्माण कार्यों के लिए भारी पूंजी निवेश की जरूरत होती है। लेकिन सीमित बजटीय संसाधनों के कारण कई योजनाएं या तो धीमी गति से चल रही हैं या अधर में लटकी हुई हैं।

राज्य में पहले से ही कई अधूरी परियोजनाएं मौजूद हैं, जिनके लिए अतिरिक्त बजट की आवश्यकता है। ऐसे में सवाल उठता है कि विकास के लिए पैसा आखिर आएगा कहां से?


कर्ज पर बढ़ती निर्भरता

राज्य सरकार को विकास योजनाओं को आगे बढ़ाने के लिए ऋण पर निर्भरता बढ़ानी पड़ रही है। बजट में लिए जाने वाले नए कर्ज का हिस्सा भी लगातार बढ़ रहा है। आर्थिक जानकारों के अनुसार, यदि राजस्व में अपेक्षित वृद्धि नहीं हुई, तो कर्ज का बोझ आने वाली पीढ़ियों पर पड़ेगा।


सामाजिक योजनाएं जरूरी, लेकिन संतुलन भी आवश्यक

विशेषज्ञ यह भी मानते हैं कि सामाजिक सुरक्षा और कल्याणकारी योजनाएं जरूरी हैं, खासकर गरीब और कमजोर वर्गों के लिए। लेकिन इसके साथ-साथ विकास और रोजगार सृजन पर समान ध्यान देना भी उतना ही आवश्यक है।

यदि उद्योग, निवेश और रोजगार नहीं बढ़े, तो सरकार को राजस्व भी कम मिलेगा, जिससे मुफ्त योजनाओं को चलाना भी मुश्किल हो सकता है।


विपक्ष के सवाल

विपक्षी दलों ने बजट को लेकर सरकार पर हमला बोलते हुए कहा है कि यह बजट राजनीतिक लोकलुभावन घोषणाओं से भरा हुआ है और इसमें दीर्घकालिक विकास की स्पष्ट रणनीति नहीं दिखती। विपक्ष का कहना है कि राज्य को आत्मनिर्भर बनाने के बजाय उसे कर्ज और अनुदान पर निर्भर बनाया जा रहा है।


सरकार का पक्ष

सरकार का कहना है कि यह बजट समावेशी विकास को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। मुफ्त योजनाओं से गरीब, किसान, महिला और श्रमिक वर्ग को सीधा लाभ मिल रहा है। सरकार का दावा है कि धीरे-धीरे राजस्व बढ़ाने और निवेश आकर्षित करने के प्रयास किए जा रहे हैं, जिससे विकास कार्यों के लिए भी पर्याप्त संसाधन उपलब्ध कराए जाएंगे।


भविष्य की चुनौती

आने वाले वर्षों में छत्तीसगढ़ सरकार के सामने सबसे बड़ी चुनौती यही होगी कि वह लोककल्याण और विकास के बीच संतुलन कैसे बनाए। यदि बजट का बड़ा हिस्सा लगातार वेतन, पेंशन और मुफ्त योजनाओं में खर्च होता रहा, तो बुनियादी ढांचे और रोजगार सृजन के लिए संसाधन जुटाना कठिन होता जाएगा।

cg news, raipur news, Virat News, छत्तीसगढ़, छत्तीसगढ़, का, बजट, 1.65, लाख, करोड़ — संक्षेप और और पढ़ें

cg news, raipur news, Virat News, छत्तीसगढ़, छत्तीसगढ़, का, बजट, 1.65, लाख, करोड़ के बारे में और जानकारी के लिए नीचे दी गई संबंधित खबरें पढ़ें। विरात महानगर पर cg news, raipur news, Virat News, छत्तीसगढ़, छत्तीसगढ़, का, बजट, 1.65, लाख, करोड़ से जुड़ी अद्यतन रिपोर्टिंग पढ़ें।

संबंधित खबरें:

स्रोत / और पढ़ें: भारत सरकार पोर्टल

💬

आपकी राय जरूरी है

इस खबर पर अपनी प्रतिक्रिया WhatsApp / Telegram पर भेजें — हम पढ़ते हैं, जवाब देते हैं, और बेहतर खबरें लाते हैं।

अन्य श्रेणियों से ताज़ा

💬WhatsApp Telegram 📘Facebook