छत्तीसगढ़िया किसान समाज ने शुरू की अस्मिता रथयात्रा

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छत्तीसगढ़िया किसान समाज ने रायपुर से अस्मिता रथयात्रा शुरू की, भेदभाव और शोषण के खिलाफ एकजुट आवाज बनाने का संकल्प लिया।

रायपुर। छत्तीसगढ़िया किसान समाज ने सामाजिक जागरूकता और अधिकारों की रक्षा के उद्देश्य से प्रदेशव्यापी “अस्मिता रथयात्रा” की शुरुआत कर दी है। रायपुर से प्रारंभ हुई इस रथयात्रा का मुख्य उद्देश्य किसानों और श्रमिक वर्ग को उनके संवैधानिक अधिकारों, सामाजिक समानता और आत्मसम्मान के प्रति जागरूक करना है।

रथयात्रा के शुभारंभ अवसर पर समाज के पदाधिकारियों और सदस्यों ने एक स्वर में कहा कि अब समय आ गया है जब समाज को जाति, वर्ग और आर्थिक भेदभाव से ऊपर उठकर शोषण के खिलाफ संगठित आवाज बनानी होगी।


क्या है अस्मिता रथयात्रा का उद्देश्य?

छत्तीसगढ़िया किसान समाज के अनुसार—

  • किसानों और श्रमिकों में स्वाभिमान और आत्मगौरव का भाव जगाना
  • सामाजिक, आर्थिक और प्रशासनिक शोषण के खिलाफ संगठित संघर्ष खड़ा करना
  • ग्रामीण अंचलों में जागरूकता फैलाना कि अधिकार मांगना अपराध नहीं, बल्कि संवैधानिक हक है
  • नई पीढ़ी को अपनी छत्तीसगढ़िया पहचान और संस्कृति से जोड़ना

यह रथयात्रा आने वाले दिनों में प्रदेश के विभिन्न जिलों, ब्लॉकों और गांवों से होकर गुजरेगी।


“भेदभाव से ऊपर उठना होगा” – नेताओं का संदेश

रथयात्रा के शुभारंभ अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि—

  • समाज आज भी कई स्तरों पर भेदभाव और उपेक्षा का शिकार है
  • किसान और मजदूर वर्ग की आवाज अक्सर नीति निर्माण में दब जाती है
  • जब तक समाज एकजुट नहीं होगा, तब तक शोषण के खिलाफ मजबूत लड़ाई संभव नहीं

उन्होंने कहा कि यह रथयात्रा केवल यात्रा नहीं, बल्कि एक सामाजिक आंदोलन है।


गांव-गांव पहुंचेगी जागरूकता की अलख

रथयात्रा के दौरान—

  • सभाएं, संवाद कार्यक्रम और जनचर्चा आयोजित की जाएंगी
  • किसानों को उनकी योजनाओं, हक और कर्तव्यों की जानकारी दी जाएगी
  • स्थानीय समस्याओं को सूचीबद्ध कर सरकार और प्रशासन तक पहुंचाया जाएगा
  • युवाओं और महिलाओं की भागीदारी को विशेष रूप से प्रोत्साहित किया जाएगा

समाज के नेताओं ने कहा कि यह यात्रा नीतिगत बदलाव की नींव बनेगी।


किसानों की प्रमुख मांगें भी होंगी सामने

इस अभियान के माध्यम से समाज की प्रमुख मांगें भी रखी जाएंगी, जिनमें—

  • न्यूनतम समर्थन मूल्य की कानूनी गारंटी
  • फसल बीमा और मुआवजा प्रक्रिया में पारदर्शिता
  • भूमि अधिकारों की सुरक्षा
  • ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार
  • किसानों के लिए सस्ती ऋण व्यवस्था

इन मांगों को एक ज्ञापन के रूप में शासन को सौंपा जाएगा।


युवाओं और महिलाओं की भागीदारी अहम

रथयात्रा में बड़ी संख्या में—

  • युवा किसान
  • महिला स्व-सहायता समूह
  • सामाजिक कार्यकर्ता

शामिल हो रहे हैं। वक्ताओं ने कहा कि समाज की असली ताकत युवा और महिलाएं हैं, जिनकी भागीदारी से आंदोलन को नई दिशा मिलेगी।


रायपुर से शुरू, पूरे प्रदेश में पहुंचेगी यात्रा

पहले चरण में यह यात्रा—

  • रायपुर
  • दुर्ग
  • बिलासपुर
  • महासमुंद
  • धमतरी
  • बलौदाबाजार

जैसे जिलों से होकर गुजरेगी। प्रत्येक पड़ाव पर जनसंवाद और सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे।


“यह सिर्फ आंदोलन नहीं, आत्मसम्मान की यात्रा है”

छत्तीसगढ़िया किसान समाज के नेताओं ने कहा—

“यह अस्मिता रथयात्रा केवल समस्याएं गिनाने की यात्रा नहीं है, यह आत्मसम्मान, समानता और अधिकारों की लड़ाई की शुरुआत है। भेदभाव से ऊपर उठकर ही हम शोषण के खिलाफ मजबूत बन सकते हैं।”

समाज ने सभी वर्गों से इस अभियान से जुड़ने की अपील की है।

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