छत्तीसगढ़ में पर्यटन को बढ़ावा देने उदंती–सीतानदी अभयारण्य में वनभैंसा सफारी शुरू होगी, जिससे इको-टूरिज्म, संरक्षण और स्थानीय रोजगार को मजबूती मिलेगी।
रायपुर। छत्तीसगढ़ के पर्यटन मानचित्र पर एक नया और रोमांचक गंतव्य जुड़ने जा रहा है। राज्य सरकार और वन विभाग की पहल से उदंती–सीतानदी टाइगर रिजर्व क्षेत्र में जल्द ही वनभैंसा (वाइल्ड बफैलो) सफारी की शुरुआत होने वाली है। इस परियोजना के शुरू होने से न सिर्फ राज्य के पर्यटन को नई पहचान मिलेगी, बल्कि स्थानीय लोगों के लिए रोजगार और आजीविका के नए अवसर भी सृजित होंगे।
उदंती–सीतानदी अभयारण्य छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले में स्थित है और यह एशिया में पाए जाने वाले दुर्लभ वनभैंसा प्रजाति के संरक्षण के लिए विशेष रूप से जाना जाता है। अब तक यह इलाका मुख्य रूप से रिसर्च और संरक्षण के लिए सीमित था, लेकिन अब इसे नियंत्रित और इको-फ्रेंडली पर्यटन के लिए खोला जा रहा है।
🦬 वनभैंसा सफारी: अनूठा अनुभव
वन विभाग के अनुसार, सफारी के दौरान पर्यटक
- प्राकृतिक जंगलों में वनभैंसों को उनके प्राकृतिक आवास में देख सकेंगे
- प्रशिक्षित गाइड के साथ निर्धारित रूट पर भ्रमण करेंगे
- जैव विविधता और वन्यजीव संरक्षण की जानकारी भी प्राप्त करेंगे
यह सफारी पूरी तरह इको-टूरिज्म मॉडल पर आधारित होगी, जिससे पर्यावरण को न्यूनतम नुकसान पहुंचे।
🌿 संरक्षण के साथ पर्यटन को बढ़ावा
उदंती–सीतानदी क्षेत्र में वनभैंसा के संरक्षण के लिए वर्षों से विशेष प्रयास किए जा रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि सफारी शुरू होने से
- वन्यजीव संरक्षण के प्रति जनजागरूकता बढ़ेगी
- संरक्षण कार्यों के लिए अतिरिक्त संसाधन मिलेंगे
- अवैध शिकार और जंगल कटाई पर निगरानी मजबूत होगी
🏞️ स्थानीय अर्थव्यवस्था को मिलेगा संबल
इस परियोजना से
- स्थानीय युवाओं को गाइड, ड्राइवर और स्टाफ के रूप में रोजगार
- होमस्टे, होटल और हैंडीक्राफ्ट को बढ़ावा
- ग्रामीण पर्यटन को नई दिशा
मिलेगी। वन विभाग स्थानीय समुदाय को सफारी संचालन से सीधे जोड़ने की योजना पर भी काम कर रहा है।
🛣️ बुनियादी सुविधाओं का होगा विकास
सफारी को ध्यान में रखते हुए
- जंगल सफारी मार्ग
- वॉच टावर
- रिसेप्शन सेंटर
- सूचना केंद्र और पार्किंग
जैसी सुविधाएं विकसित की जाएंगी। सुरक्षा के लिए प्रशिक्षित फॉरेस्ट स्टाफ और मेडिकल व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाएगी।
🕒 कब से शुरू होगी सफारी?
हालांकि सफारी की आधिकारिक शुरुआत की तारीख अभी घोषित नहीं की गई है, लेकिन वन विभाग के मुताबिक सभी तैयारियां अंतिम चरण में हैं और आने वाले पर्यटन सीजन में इसे शुरू करने की योजना है।
📢 सरकार का उद्देश्य
राज्य सरकार का उद्देश्य है कि छत्तीसगढ़ को
- वन्यजीव पर्यटन का प्रमुख केंद्र
- इको-टूरिज्म का मॉडल राज्य
- देश-विदेश के पर्यटकों के लिए आकर्षक डेस्टिनेशन
के रूप में विकसित किया जाए। उदंती–सीतानदी वनभैंसा सफारी इस दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

