छत्तीसगढ़ को विदेशी निवेश का बड़ा अवसर, इन्वेस्टर कनेक्ट मीट में 6,000 करोड़ के प्रस्ताव

इन्वेस्टर कनेक्ट मीट
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रायपुर। इन्वेस्टर कनेक्ट मीट

मुंबई में आयोजित इन्वेस्टर कनेक्ट मीट में छत्तीसगढ़ को विदेशी प्रत्यक्ष निवेश (एफडीआई) के लिए एक नई दिशा मिली है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इस कार्यक्रम के दौरान अमेरिकी काउंसल जनरल माइक हैंकी और रूसी काउंसल जनरल इवान फेटिसोव से मुलाकात की। दोनों अधिकारियों ने राज्य के उद्योग-अनुकूल वातावरण की प्रशंसा करते हुए निवेश की रुचि व्यक्त की।

मुख्यमंत्री ने बताया कि नई औद्योगिक नीति 2024-30 के माध्यम से अब तक छत्तीसगढ़ ने लगभग 1 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त किए हैं। हाल ही में रायपुर, दिल्ली और मुंबई में आयोजित इन्वेस्टर कनेक्ट समिट्स के दौरान इन प्रस्तावों को पंजीकृत किया गया।

रेड कारपेट निवेश नीति

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इन्वेस्टर कनेक्ट मीट में प्रमुख उद्योगपतियों और निवेशकों से सीधा संवाद करते हुए छत्तीसगढ़ को निवेश के लिए आकर्षक स्थान के रूप में प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा, “हमने नई उद्योग नीति के जरिए निवेशकों के लिए रेड कारपेट बिछाया है।” इस नीति में “न्यूनतम शासन-अधिकतम प्रोत्साहन” को सूत्र वाक्य के रूप में अपनाया गया है।

उन्होंने बताया कि एनओसी प्रक्रिया को सरल बनाया गया है और सिंगल विंडो सिस्टम के जरिए निवेशकों को तत्काल क्लियरेंस दिया जा रहा है। नई नीति के तहत 1,000 करोड़ रुपये या 1,000 से अधिक रोजगार देने वाले उद्योगों को बी-स्पोक नीति के तहत विशेष लाभ प्रदान किए जा रहे हैं।

नवा रायपुर: तकनीकी और औद्योगिक केंद्र

मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि नवा रायपुर को आईटी हब के रूप में विकसित किया जा रहा है। यहां पर आईटी कंपनियों ने काम शुरू कर दिया है, और एक आधुनिक डाटा सेंटर की भी स्थापना की जा रही है। नवा रायपुर में फार्मास्युटिकल पार्क का निर्माण भी किया जा रहा है, जो मध्य भारत का सबसे बड़ा फार्मास्युटिकल पार्क होगा। इसके अलावा, इलेक्ट्रिकल और इलेक्ट्रॉनिक्स, फार्मा, टेक्सटाइल और एग्रो प्रोसेसिंग जैसे क्षेत्रों में निवेश को प्रोत्साहित करने के लिए विशेष छूट दी जा रही है।

बस्तर और सरगुजा में विशेष ध्यान

बस्तर में नगरनार स्टील प्लांट के पास ग्राम नियानार में 118 एकड़ में नया औद्योगिक क्षेत्र स्थापित किया जा रहा है। इससे लघु, सूक्ष्म और मध्यम उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा। बस्तर और सरगुजा को औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन क्षेत्र घोषित किया गया है। यहां कोर सेक्टर उद्योगों को रॉयल्टी में 50 से 100 प्रतिशत तक की छूट और अन्य सुविधाएं दी जा रही हैं।

6,000 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव

इन्वेस्टर कनेक्ट मीट में छत्तीसगढ़ सरकार को 6,000 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए।

  • अंबुजा सीमेंट ने 2,367 करोड़ रुपये का निवेश प्रस्ताव दिया।
  • बॉम्बे हॉस्पिटल ट्रस्ट ने नया रायपुर में 700 करोड़ रुपये की लागत से विश्वस्तरीय अस्पताल की योजना साझा की।
  • वेलस्पन ग्रुप ने टेक्सटाइल और प्लास्टिक सेक्टर में 500 करोड़ रुपये का निवेश प्रस्ताव दिया।
  • ड्रूल्स कंपनी ने राजनांदगांव में पालतू पशुओं के आहार उत्पादन के लिए 625 करोड़ रुपये के निवेश और 30 मेगावॉट सोलर पावर प्लांट की घोषणा की।
  • क्रिटेक टेक्नोलॉजीज ने आईटी सेक्टर में 600 करोड़ रुपये का निवेश प्रस्ताव रखा।
  • पिडिलाइट इंडस्ट्रीज ने 80 करोड़ रुपये और विजन प्लस सिक्योरिटी ने 50 करोड़ रुपये के निवेश का प्रस्ताव दिया।

इसके अलावा, अन्य प्रमुख समूहों ने भी छत्तीसगढ़ में अपने उद्योगों के विस्तार की योजना साझा की।

बड़े उद्योग समूहों की रुचि

आदित्य बिड़ला ग्रुप के अध्यक्ष कुमार मंगलम बिड़ला ने मुख्यमंत्री से मुलाकात की और वस्त्र, पेंट और आभूषण के क्षेत्र में निवेश की संभावना जताई। गोदरेज समूह की कार्यकारी निदेशक तान्या डुबाश ने रासायनिक उर्वरक, खाद्य प्रसंस्करण और फर्नीचर निर्माण के क्षेत्र में निवेश की रुचि व्यक्त की।

एस्सार ग्रुप के वरिष्ठ सलाहकार डॉ. हसीब द्रबू ने ऊर्जा, बुनियादी ढांचा, इस्पात और खनन क्षेत्रों में निवेश की संभावनाएं तलाशने की बात कही। वहीं, क्लोथिंग मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया के अध्यक्ष संतोष कटारिया ने वस्त्र उद्योग के लिए छत्तीसगढ़ को आदर्श स्थान बताया।

आधारभूत संरचना और कनेक्टिविटी

मुख्यमंत्री ने कहा कि नवा रायपुर में 1.6 बिलियन डॉलर का निवेश किया गया है, जिससे इसकी आधारभूत संरचना देश के शीर्ष शहरों के समकक्ष हो गई है। अगले पांच वर्षों में 2.1 बिलियन डॉलर की नई परियोजनाएं शुरू की जाएंगी। उन्होंने बताया कि रांची, विशाखापट्टनम और हैदराबाद के लिए एक्सप्रेसवे का निर्माण हो रहा है। रेल, सड़क और वायु संपर्क को मजबूत बनाने पर भी जोर दिया जा रहा है।

खनिज और ऊर्जा में अग्रणी राज्य

छत्तीसगढ़ देश के प्रमुख खनिज उत्पादक राज्यों में से एक है। यहां कोयला, लोहा और बॉक्साइट जैसे खनिज प्रचुर मात्रा में उपलब्ध हैं। मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य में 25,000 मेगावॉट की उत्पादन क्षमता है और यह एक “जीरो पावर कट” राज्य है।

छत्तीसगढ़ देश के 16 प्रतिशत स्टील और 15 प्रतिशत एल्यूमीनियम का उत्पादन करता है। यह भारत का एकमात्र राज्य है जहां टिन का उत्पादन होता है। इसके अलावा, इलेक्ट्रिक वाहन क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण लिथियम भंडार भी छत्तीसगढ़ में पाए गए हैं।

निवेशकों के लिए छत्तीसगढ़ की अपील

इन्वेस्टर कनेक्ट मीट में छत्तीसगढ़ ने अपनी नई औद्योगिक नीति और कारोबारी माहौल के जरिये निवेशकों को आकर्षित किया है। राज्य में आईटी, फार्मा, टेक्सटाइल, ऊर्जा और खनिज आधारित उद्योगों के विकास के लिए एक मजबूत आधारभूत संरचना और अनुकूल नीतियां तैयार की गई हैं। इससे न केवल राज्य में औद्योगिक विकास होगा, बल्कि रोजगार के नए अवसर भी उत्पन्न होंगे।

गुरचरण सिंह होरा

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