भिलाई में दो नए फ्लाईओवर निर्माण को केंद्र की मंजूरी, 84 करोड़ की लागत से ट्रैफिक जाम से राहत और शहर की कनेक्टिविटी होगी मजबूत।
भिलाई। भिलाई शहरवासियों के लिए बड़ी राहत की खबर सामने आई है। लगातार बढ़ते ट्रैफिक दबाव और जाम की समस्या को देखते हुए केंद्र सरकार ने भिलाई में दो नए फ्लाईओवर निर्माण को मंजूरी दे दी है। इन दोनों परियोजनाओं पर कुल 84 करोड़ रुपए की लागत आएगी। फ्लाईओवर निर्माण से भिलाई, दुर्ग और आसपास के औद्योगिक क्षेत्रों में यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाने में बड़ी मदद मिलेगी।
राज्य सरकार और लोक निर्माण विभाग द्वारा लंबे समय से इन फ्लाईओवरों की मांग केंद्र सरकार के समक्ष रखी जा रही थी। अब केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय की स्वीकृति के बाद परियोजना को हरी झंडी मिल गई है।
किन स्थानों पर बनेंगे फ्लाईओवर
प्राप्त जानकारी के अनुसार भिलाई शहर के दो प्रमुख व्यस्त चौराहों/मार्गों पर इन फ्लाईओवरों का निर्माण किया जाएगा, जहां रोजाना हजारों वाहन गुजरते हैं और घंटों जाम की स्थिति बनी रहती है। इन स्थानों का चयन ट्रैफिक सर्वे और दुर्घटना संभावित क्षेत्रों के आधार पर किया गया है।
फ्लाईओवर बनने से—
- औद्योगिक क्षेत्र से आने-जाने वाले भारी वाहनों को सुगम मार्ग मिलेगा
- स्कूल, अस्पताल और बाजार जाने वाले नागरिकों का समय बचेगा
- दुर्घटनाओं की संभावना में कमी आएगी
परियोजना की प्रमुख विशेषताएं
इन दोनों फ्लाईओवर परियोजनाओं पर—
- कुल लागत: 84 करोड़ रुपए
- लंबाई: प्रत्येक फ्लाईओवर लगभग 600 से 800 मीटर
- चौड़ाई: 4 लेन यातायात के अनुकूल
- निर्माण अवधि: 18 से 24 माह (अनुमानित)
निर्माण कार्य आधुनिक तकनीक से किया जाएगा ताकि संरचना टिकाऊ और सुरक्षित रहे।
केंद्र और राज्य सरकार का समन्वय
इस परियोजना को मंजूरी दिलाने में राज्य सरकार और केंद्र सरकार के बीच लगातार समन्वय रहा। मुख्यमंत्री एवं लोक निर्माण विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने कई बार इस प्रस्ताव को केंद्रीय मंत्रालय के समक्ष प्रस्तुत किया था।
एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया—
“भिलाई औद्योगिक नगरी है। यहां स्टील प्लांट, ऑटोमोबाइल और अन्य उद्योगों के कारण भारी ट्रैफिक दबाव रहता है। इन फ्लाईओवरों से पूरे दुर्ग-भिलाई कॉरिडोर की ट्रैफिक व्यवस्था बेहतर होगी।”
स्थानीय लोगों में खुशी
फ्लाईओवर की मंजूरी की खबर मिलते ही स्थानीय नागरिकों और व्यापारियों में खुशी का माहौल है। लंबे समय से लोग इस मांग को उठा रहे थे।
स्थानीय व्यापारी संघ के एक पदाधिकारी ने कहा—
“सुबह-शाम भिलाई के कई इलाकों में घंटों जाम लगता है। फ्लाईओवर बनने से व्यापार, उद्योग और आम जनता—तीनों को बड़ा फायदा होगा।”
जल्द शुरू होगी टेंडर प्रक्रिया
लोक निर्माण विभाग के अनुसार—
- जल्द ही विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) को अंतिम रूप दिया जाएगा
- इसके बाद टेंडर प्रक्रिया शुरू की जाएगी
- वर्ष 2026 के मध्य तक निर्माण कार्य प्रारंभ होने की संभावना है
निर्माण के दौरान ट्रैफिक डायवर्जन और वैकल्पिक मार्गों की व्यवस्था भी की जाएगी ताकि आम जनता को कम से कम परेशानी हो।
भिलाई के विकास को मिलेगी नई गति
विशेषज्ञों का मानना है कि इन दो फ्लाईओवरों के निर्माण से—
- भिलाई की कनेक्टिविटी मजबूत होगी
- औद्योगिक उत्पादन और लॉजिस्टिक्स में तेजी आएगी
- निवेशकों का भरोसा बढ़ेगा
- शहर की शहरी संरचना आधुनिक रूप लेगी
यह परियोजना भिलाई को स्मार्ट सिटी और आधुनिक औद्योगिक नगरी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
निष्कर्ष
84 करोड़ रुपए की लागत से बनने वाले ये दोनों फ्लाईओवर
भिलाई के यातायात इतिहास में मील का पत्थर साबित होंगे।
जहां एक ओर यह जाम और दुर्घटनाओं से राहत दिलाएंगे,
वहीं दूसरी ओर भिलाई के औद्योगिक और आर्थिक विकास को भी नई गति देंगे।

