रायपुर वीआईपी रोड में नाला पाटने का मामला सामने आया, शिकायतों के बावजूद निगम और प्रशासन की कोई ठोस कार्रवाई नहीं, जलभराव का खतरा बढ़ा।
रायपुर। राजधानी रायपुर की वीआईपी रोड एक बार फिर विवादों में है। यहां नाले को पाटकर किए जा रहे अवैध निर्माण का मामला सामने आने के बावजूद नगर निगम और जिला प्रशासन दोनों ही कोई ठोस कार्रवाई नहीं कर रहे हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि शिकायतों के बाद भी जिम्मेदार विभाग आंख मूंदे बैठे हैं, जिससे क्षेत्र में जलनिकासी व्यवस्था गंभीर खतरे में पड़ गई है।
यह इलाका शहर का सबसे वीआईपी माना जाता है, जहां मंत्री, वरिष्ठ अधिकारी और बड़े कारोबारी निवास करते हैं। इसके बावजूद नियमों की खुलेआम अनदेखी हो रही है।
क्या है पूरा मामला
सूत्रों के मुताबिक—
- वीआईपी रोड के एक प्रमुख हिस्से में प्राकृतिक नाले को मिट्टी और मलबे से पाट दिया गया
- इसके ऊपर बाउंड्रीवॉल और निर्माण कार्य शुरू कर दिया गया
- बिना किसी वैधानिक अनुमति के नाले की दिशा बदल दी गई
यह नाला आसपास के कई वार्डों की बारिश का पानी निकालने का प्रमुख जरिया है।
बारिश में बढ़ेगा खतरा
स्थानीय नागरिकों और विशेषज्ञों का कहना है कि—
- नाला पाटे जाने से जल प्रवाह बाधित होगा
- भारी बारिश में इलाके में भीषण जलभराव हो सकता है
- निचले इलाकों के घरों और सड़कों पर पानी भरने की आशंका है
- सीवर लाइन और सड़क धंसने का भी खतरा बना रहेगा
पिछले वर्षों में इसी क्षेत्र में जलभराव की गंभीर समस्या सामने आ चुकी है।
शिकायतें, लेकिन कार्रवाई शून्य
स्थानीय रहवासियों ने—
- नगर निगम में लिखित शिकायत की
- जिला प्रशासन और तहसील कार्यालय में आवेदन दिया
- पर्यावरण और राजस्व विभाग को भी जानकारी दी
लेकिन अब तक—
- न तो निर्माण रोका गया
- न ही कोई नोटिस जारी हुआ
- नाले की जमीन की माप-जोख भी नहीं की गई
नागरिकों का कहना है कि प्रभावशाली लोगों के दबाव में अधिकारी कार्रवाई से बच रहे हैं।
निगम और प्रशासन की चुप्पी
जब इस मामले में नगर निगम अधिकारियों से सवाल किया गया तो—
- कुछ ने इसे राजस्व विभाग का विषय बताया
- कुछ ने जांच लंबित होने की बात कही
- तो कुछ ने मामले की जानकारी से ही इनकार कर दिया
प्रशासनिक स्तर पर यह मामला जिम्मेदारी टालने की मिसाल बनता जा रहा है।
नियम क्या कहते हैं
नगर निगम अधिनियम और पर्यावरण नियमों के अनुसार—
- किसी भी प्राकृतिक नाले को पाटना अवैध है
- जलनिकासी मार्ग में परिवर्तन दंडनीय अपराध है
- दोषियों पर जुर्माना, निर्माण ध्वस्तीकरण और आपराधिक कार्रवाई का प्रावधान है
इसके बावजूद नियम केवल कागजों तक सीमित नजर आ रहे हैं।
आम जनता में नाराजगी
स्थानीय निवासी कहते हैं—
“अगर यही काम कोई आम नागरिक करता तो अब तक बुलडोजर चल चुका होता।
लेकिन वीआईपी इलाके में होने के कारण कार्रवाई नहीं हो रही।”
लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वे जन आंदोलन और न्यायालय का रुख करेंगे।
भविष्य में बड़ा संकट?
शहरी नियोजन विशेषज्ञों के अनुसार—
- रायपुर पहले ही जलभराव की समस्या से जूझ रहा है
- प्राकृतिक नालों पर अतिक्रमण भविष्य में शहर के लिए बड़ी आपदा बन सकता है
- एक नाला बंद होने से पूरे ड्रेनेज सिस्टम पर असर पड़ता है
यह मामला केवल एक निर्माण का नहीं, बल्कि पूरे शहर की जल सुरक्षा से जुड़ा है।
निष्कर्ष
वीआईपी रोड में नाला पाटने का यह मामला—
- कानून की अनदेखी का उदाहरण है
- प्रशासनिक उदासीनता को उजागर करता है
- और आने वाले मानसून में गंभीर संकट का संकेत देता है
अब देखना यह है कि निगम और प्रशासन
कब नींद से जागते हैं और कब कानून का पालन कराते हैं।

