विरात महानगर छत्तीसगढ़ · मध्यप्रदेश · देश · विदेश
📄 ई-पेपर
⚡ ब्रेकिंग
UPI Fraud से कैसे बचें 2026: 10 जरूरी सावधानियाँ, शिकायत प्रक्रिया और पैसा वापस पाने के तरीके छत्तीसगढ़ राशन कार्ड में नाम कैसे जोड़ें/हटाएँ 2026: ऑनलाइन-ऑफलाइन प्रक्रिया, दस्तावेज और शुल्क गायत्री मंत्र: अर्थ, सही जाप विधि और 11 आश्चर्यजनक लाभ जो जीवन बदल सकते हैं सुकन्या समृद्धि योजना 2026: बेटी के लिए सबसे अच्छी बचत, 8.2% ब्याज, ₹250 से ₹1.5 लाख तक निवेश पीएम किसान सम्मान निधि eKYC 2026: ₹6000 कैसे मिलते हैं, स्थिति देखें और किस्त रुकने पर क्या करें पीएम आवास योजना ग्रामीण और शहरी 2026: ₹1.30 लाख तक की सहायता, पात्रता और आवेदन की पूरी प्रक्रिया चांदी में निवेश कैसे करें 2026: Physical, Silver ETF, MCX Trading — पूरी गाइड सोने में निवेश 2026: Physical Gold, SGB, Gold ETF — कौन सा तरीका सबसे फायदेमंद UPI Fraud से कैसे बचें 2026: 10 जरूरी सावधानियाँ, शिकायत प्रक्रिया और पैसा वापस पाने के तरीके छत्तीसगढ़ राशन कार्ड में नाम कैसे जोड़ें/हटाएँ 2026: ऑनलाइन-ऑफलाइन प्रक्रिया, दस्तावेज और शुल्क गायत्री मंत्र: अर्थ, सही जाप विधि और 11 आश्चर्यजनक लाभ जो जीवन बदल सकते हैं सुकन्या समृद्धि योजना 2026: बेटी के लिए सबसे अच्छी बचत, 8.2% ब्याज, ₹250 से ₹1.5 लाख तक निवेश पीएम किसान सम्मान निधि eKYC 2026: ₹6000 कैसे मिलते हैं, स्थिति देखें और किस्त रुकने पर क्या करें पीएम आवास योजना ग्रामीण और शहरी 2026: ₹1.30 लाख तक की सहायता, पात्रता और आवेदन की पूरी प्रक्रिया चांदी में निवेश कैसे करें 2026: Physical, Silver ETF, MCX Trading — पूरी गाइड सोने में निवेश 2026: Physical Gold, SGB, Gold ETF — कौन सा तरीका सबसे फायदेमंद

धान खरीदी तिरपाल खरीद में तीसरी टेंडर रद्द, खबर बनी कारण… शिकायत के बाद भी नहीं बदली शर्तें

📑 इस लेख मेंधान खरीदी तिरपाल टेंडर विवाद में तीसरी बार निविदा रद्द, शिकायतों के बावजूद शर्तें नहीं बदलीं, रायपुर में पारदर्शिता और जवाबदेही पर सवाल खड़े हुए।🔷…

📅 17 February 2026, 3:44 pm अपडेट: 16 May 2026
⏱ 1 मिनट पढ़ें
119

धान खरीदी तिरपाल टेंडर विवाद में तीसरी बार निविदा रद्द, शिकायतों के बावजूद शर्तें नहीं बदलीं, रायपुर में पारदर्शिता और जवाबदेही पर सवाल खड़े हुए।


🔷 1. लगातार तीसरी बार रद्द हुई तिरपाल खरीदी की निविदा

राज्य में धान खरीदी व्यवस्था के लिए जरूरी तिरपाल की खरीदी एक बार फिर विवादों में घिर गई है। ताजा घटनाक्रम में तिरपाल आपूर्ति से जुड़ी तीसरी टेंडर प्रक्रिया को भी रद्द कर दिया गया है। बताया जा रहा है कि इस बार टेंडर रद्द होने के पीछे मीडिया में प्रकाशित खबरें और उठे सवाल प्रमुख कारण बने।

धान खरीदी जैसे संवेदनशील कार्य में उपयोग होने वाली तिरपाल की गुणवत्ता और समय पर आपूर्ति किसानों तथा उपार्जन केंद्रों दोनों के लिए बेहद अहम मानी जाती है।


🔷 2. खबरों के बाद हरकत में आया विभाग

सूत्रों के अनुसार टेंडर की शर्तों और प्रक्रिया को लेकर पहले से ही आपत्तियां दर्ज कराई जा रही थीं, लेकिन जब इस मामले में खबर सामने आई तो विभागीय स्तर पर हलचल बढ़ी और आनन-फानन में पूरी निविदा प्रक्रिया को निरस्त कर दिया गया।

विज्ञापन / Sponsored VastuGuruji

वास्तु शास्त्र के प्रामाणिक उपाय

हालांकि अब तक यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि नई टेंडर प्रक्रिया कब जारी की जाएगी।


🔷 3. शिकायतों के बाद भी नहीं बदली गई शर्तें

सबसे बड़ा सवाल यह है कि इससे पहले दो बार टेंडर रद्द होने और कई आपूर्तिकर्ताओं द्वारा शिकायत दर्ज कराने के बावजूद निविदा की शर्तों में कोई ठोस बदलाव नहीं किया गया।

आरोप है कि टेंडर की तकनीकी और वित्तीय शर्तें इस तरह बनाई गई थीं, जिससे सीमित फर्मों को ही लाभ मिल सके और प्रतिस्पर्धा स्वतः कम हो जाए।


🔷 4. पहले भी उठ चुके हैं पारदर्शिता पर सवाल

इससे पहले भी तिरपाल खरीदी को लेकर यह आरोप लगते रहे हैं कि पात्र कंपनियों को अयोग्य ठहराने और कुछ खास फर्मों को लाभ पहुंचाने की कोशिश की जा रही है। निविदा दस्तावेजों में रखी गई शर्तों को कई व्यापारियों ने अव्यावहारिक और पक्षपातपूर्ण बताया था।

इन शिकायतों के बावजूद विभाग द्वारा केवल तकनीकी कारणों का हवाला देते हुए टेंडर को निरस्त किया जाता रहा।


🔷 5. धान खरीदी की तैयारियों पर असर की आशंका

तिरपाल की खरीदी सीधे-सीधे आगामी धान खरीदी सीजन से जुड़ी हुई है। अगर समय पर नई निविदा जारी नहीं की गई और आपूर्ति प्रक्रिया पूरी नहीं हो पाई, तो उपार्जन केंद्रों में धान के सुरक्षित भंडारण पर असर पड़ सकता है।

विशेषज्ञों का मानना है कि बारिश और खुले भंडारण की स्थिति में तिरपाल की कमी किसानों के लिए नुकसानदायक साबित हो सकती है।


🔷 6. अधिकारियों की चुप्पी, जवाब से बचता रहा विभाग

इस पूरे मामले में संबंधित विभाग के अधिकारी मीडिया के सवालों पर स्पष्ट जवाब देने से बचते नजर आए। केवल इतना कहा गया कि “प्रक्रियागत कारणों” से निविदा रद्द की गई है।

यह भी नहीं बताया गया कि आखिर तीन बार टेंडर रद्द होने के बावजूद शर्तों में सुधार क्यों नहीं किया गया और जिम्मेदारी किसकी तय की जाएगी।


🔷 7. नई निविदा में बदलाव की मांग तेज

व्यापारी संगठनों और सप्लायर फर्मों ने मांग की है कि नई टेंडर प्रक्रिया में शर्तों को सरल, पारदर्शी और प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देने वाला बनाया जाए।

उनका कहना है कि यदि वास्तविक जरूरत और गुणवत्ता के आधार पर निविदा तैयार की जाए तो ज्यादा कंपनियां भाग ले सकेंगी और सरकारी धन की भी बचत होगी।


🔷 8. जांच और जवाबदेही तय करने की उठी मांग

लगातार तीन बार टेंडर रद्द होना प्रशासनिक विफलता की ओर भी इशारा करता है। कई संगठनों ने इस पूरे प्रकरण की जांच कराने और जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय करने की मांग की है।

अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि नई टेंडर प्रक्रिया में वास्तव में सुधार किया जाएगा या फिर वही शर्तें दोबारा लागू कर दी जाएंगी।

अन्य श्रेणियों से ताज़ा

💬 टिप्पणी करें

💬 0 टिप्पणियाँ

अपनी टिप्पणी लिखें

आपका ईमेल publish नहीं होगा। आवश्यक फ़ील्ड * से चिह्नित हैं।

💬WhatsApp Telegram 📘Facebook